1 सप्ताह की गर्भवती माँ

Question: मुझें 8 week हो गये मुझे कौन से योगा करने चाहिए या अभी करना सही नही है

2 Answers
सवाल
Answer: योगावैसे तो गर्भवती महीलाओ को शुरु से नही करना चाहीये पहले तीन महीने बहुत आराम से रहना चाहीयेक योगा आसन का अभ्यास  प्रेगनेंसी के चौथे महीने से ले कर नवे महीने तक करने की सलाह दी जाती है। योगा के जरिये ना केवल तनाव दूर होता है, बल्कि प्रसव के दौरान होने वाले दर्द से भी राहत मिलती है| (1)तितली आसन--- तितली आसन को गर्भावस्था के तीसरे महीने से कर सकते है| शरीर के लचीलेपन को बढ़ाने के लिए यह आसन किया जाता है| इसे करने से शरीर के निचले हिस्से का तनाव खुलता है| इससे प्रजनन के दौरान गर्भवती महिला को दिक्कत कम होती है। तितली आसन करने के लिए दोनों पैरों को सामने की ओर मोड़कर, तलवे मिला लें, यानी पैरों से नमस्ते की मुद्रा बननी चाहिए। इसके पश्चात दोनों हाथों की उंगलियों को क्रॉस करते हुए पैर के पंजे को पकड़ें और पैरों को ऊपर-नीचे करें। आपकी पीठ और बाजू बिल्कुल सीधी होनी चाहिए। इस क्रिया को 15 से अधिक बार ना करे| (यदि इस क्रिया को करते वक्त आपको कमर के निचले हिस्से में दर्द महसूस होता हो तो इसे बिल्कुल भी न करे (2)अनुलोम विलोम--- गर्भावस्था में अनुलोम विलोम आसन करने से शरीर में रक्त का संचार बढ़ता है। इसे करने से रक्तचाप नियंत्रित होता है| प्रेगनेंसी में तनावरहित रहने के लिए इस आसन को जरूर करना चाहिए| इस आसन को करने के लिए सबसे पहले आराम से बैठे इसके बाद दाएं हाथ के अंगूठे से नाक का दाया छिद्र बंद करें और अपनी सांस अंदर की ओर खींचे। फिर उसी हाथ की दो उंगलियों से बाईं ओर का छिद्र बंद कर दें और अंघूटे को हटाकर दाईं ओर से सांस छोड़ें। इस प्रक्रिया को फिर नाक के दूसरे छिद्र से दोहराएँ। (3)---पर्वतासन गर्भावस्था में पर्वतासन करने से कमर के दर्द से निजाद मिलती है| इसे करने से आगे चलकर शरीर बेडौल नहीं होता है| इस आसन को करने के लिए सर्व प्रथम आरामआराम से बैठे। इस वक्त आपकी पीठ सीधी होनी चाहिए| अब सांस को भीतर लेते हुए दोनों हाथों को ऊपर की ओर उठाएं और हथेलियों को नमस्ते की मुद्रा में जोड़ लें। कोहनी सीधी रखें। कुछ समय के लिए इसी मुद्रा में रहें और तत्पश्चात सामान्य अवस्था में आ जाएं। इस आसन को दो या तीन से ज्यादा ना करे| योग आसन करने से पहले अपने डॉक्‍टर की सलाह जरूर लें।
Answer: Aap aapne doctor se salah le.
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सवाल: मुझे कौन सी एक्सरसाइज या फिर योगा करना चाहिए? और कब करना चाहिए ?
उत्तर: हेलो डियर , प्रेग्नेंसीय में पहले तिमाही से ही एक्सरसाइज कर सकती है , लेकिन एक्सरसाइज करने से पहले डॉक्टर से कंसल्ट जरूर कर ले पुल की शेप बनाना, बटर फ्लाई , जॉगिंग करना , वॉकिंग करना , जाँघे मोड़ना , कंधे घुमाना , एरोबिक करना , श्रोणि मांसपेशियों, आपकी पीठ पर पड़ने वाले दबाव को कम कर सकते हैं, इस तरह की एक्सरसाइज कर सकती है, प्रेग्नेंसीय में योग के आसन का अभ्यास चौथे महीने से ले कर नवे महीने तक करने की सलाह दी जाती है। आप अपनी प्रेग्नेंसीय में योग करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर ले ले, प्रेग्नेंसीय में हमे इस प्रकार के योग करने चाहिए तितली आसन - इससे बॉडी में लचीलापन होता है, अनुलोम, विलोम, उष्ट्रासन , पर्वतासन:- इस आसन को करने से कमर दर्द सर निजात मिलता है । शवासन:- इस आसन को करने से मानसिक शांति हमे मिलती हैं ।
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सवाल: नॉर्मल डिलिवरी के लिए मुझे कौन से योगा करने चाहिए
उत्तर: अपने खाने-पीने पर विशेष ध्यान रखें एक्टिव रहे वॉक करें वॉक उतनी ही करें जितने में आपको थकान ना हो पानी पर्याप्त मात्रा में पीएं 1 दिन में 10 से 12 glass अपनी बॉडी को हमेशा हाइड्रेट रखें breathing एक्सरसाइज करें walk ya Aise exercises करें जिससे आपके मसल्स और थाइज़ स्ट्रांग बने ऐसे डॉक्टर से मिले जो ऑपरेशन से ज्यादा नॉर्मल डिलीवरी को महत्व देते हो मानसिक और शारीरिक रूप से डिलीवरी के लिए तैयार रहे हैं नॉर्मल डिलीवरी के बारे में जानकारी इकट्ठा कर लें अपने डॉक्टर से संपर्क बनाए रखें टाइम पर दवाई लें टेस्ट करवाएं स्ट्रेस बिल्कुल भी ना ले सब कुछ अच्छा होगा
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सवाल: कौन से योगा करने चाहिए
उत्तर: योगावैसे तो गर्भवती महीलाओ को शुरु से नही करना चाहीये पहले तीन महीने बहुत आराम से रहना चाहीयेक योगा आसन का अभ्यास  प्रेगनेंसी के चौथे महीने से ले कर नवे महीने तक करने की सलाह दी जाती है। योगा के जरिये ना केवल तनाव दूर होता है, बल्कि प्रसव के दौरान होने वाले दर्द से भी राहत मिलती है| (1)तितली आसन--- तितली आसन को गर्भावस्था के तीसरे महीने से कर सकते है| शरीर के लचीलेपन को बढ़ाने के लिए यह आसन किया जाता है| इसे करने से शरीर के निचले हिस्से का तनाव खुलता है| इससे प्रजनन के दौरान गर्भवती महिला को दिक्कत कम होती है। तितली आसन करने के लिए दोनों पैरों को सामने की ओर मोड़कर, तलवे मिला लें, यानी पैरों से नमस्ते की मुद्रा बननी चाहिए। इसके पश्चात दोनों हाथों की उंगलियों को क्रॉस करते हुए पैर के पंजे को पकड़ें और पैरों को ऊपर-नीचे करें। आपकी पीठ और बाजू बिल्कुल सीधी होनी चाहिए। इस क्रिया को 15 से अधिक बार ना करे| (यदि इस क्रिया को करते वक्त आपको कमर के निचले हिस्से में दर्द महसूस होता हो तो इसे बिल्कुल भी न करे (2)अनुलोम विलोम--- गर्भावस्था में अनुलोम विलोम आसन करने से शरीर में रक्त का संचार बढ़ता है। इसे करने से रक्तचाप नियंत्रित होता है| प्रेगनेंसी में तनावरहित रहने के लिए इस आसन को जरूर करना चाहिए| इस आसन को करने के लिए सबसे पहले आराम से बैठे इसके बाद दाएं हाथ के अंगूठे से नाक का दाया छिद्र बंद करें और अपनी सांस अंदर की ओर खींचे। फिर उसी हाथ की दो उंगलियों से बाईं ओर का छिद्र बंद कर दें और अंघूटे को हटाकर दाईं ओर से सांस छोड़ें। इस प्रक्रिया को फिर नाक के दूसरे छिद्र से दोहराएँ। (3)---पर्वतासन गर्भावस्था में पर्वतासन करने से कमर के दर्द से निजाद मिलती है| इसे करने से आगे चलकर शरीर बेडौल नहीं होता है| इस आसन को करने के लिए सर्व प्रथम आराम से बैठे। इस वक्त आपकी पीठ सीधी होनी चाहिए| अब सांस को भीतर लेते हुए दोनों हाथों को ऊपर की ओर उठाएं और हथेलियों को नमस्ते की मुद्रा में जोड़ लें। कोहनी सीधी रखें। कुछ समय के लिए इसी मुद्रा में रहें और तत्पश्चात सामान्य अवस्था में आ जाएं। इस आसन को दो या तीन से ज्यादा ना करे| (4)शवासन----- गर्भावस्था के दौरान शवासन करने महिलाओं को मानसिक शांति मिलती है। इस आसन की खासियत यह है की इसे करने से गर्भ में पल रहे शिशु का विकास अच्छी तरह होता है। इस आसन को करने के  लिए बिस्तर पर सीधा लेट जाएं और अपने हाथ और पैरो को खुला छोड़ दें। फिर पूरी तनावमुक्त हो जाएं और धीरे-धीरे लंबी सांस ले और छोड़ें। , गर्भावस्था के दौरान कौन सा योगा करना फायदेमंद रहेगा। योग आसन करने से पहले अपने डॉक्‍टर की सलाह जरूर लें।
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