13 सप्ताह की गर्भवती माँ

Question: 4 th mnth me kya care karni hogi mera 4 th mnth chal raha he..

1 Answers
सवाल
Answer: दूसरी तिमाही गर्भावस्था के चौथे महीने से शुरू होती है। गर्भावस्था के 13-27 सप्ताह की इस अवधि को कुछ अच्छे कारणों के लिए “हनीमून सप्ताह” कहा जाता है। इस दौरान मतली घटती है, भावनायें अच्छीं होती हैं और सेक्स भावना बढ़ती है। गर्भपात का खतरा इस महीने में लगभग नहीं के बराबर होता है। इस दौरान पर्याप्त आराम के साथ ज़रूरी एक्सरसाइज भी ज़रूरी होती है. वैसे इस दौरान पैदल चलने को सबसे बेहतर व्यायाम माना जाता है. गर्भावस्था के चौथे महीने में पेट में उभार साफ़ नज़र आने लगता है जो आपको माँ होने के एहसास को और भी खुशनुमा बना सकता है. इस दौरान आप बच्चे की चहलकदमी को भी अपने अन्दर महसूस कर पाएंगी. गर्भावस्था में देखभाल, स्पष्ट परिवर्तन (Apparent changes or pregnancy me dekhbhal) मतली कम आती है, स्नायुबंध खिचने से पेट में कभी कभी दर्द होने लगता है। इस अवधि के दौरान पेट में शिशु कीं हलचले महसूस होने लग जाती हैं। इस दौरान गर्भाशय के फेलने से सांस की गति सामान्य से अधिक बढ जाती है। कमर और कूल्हे फैलते हैं और वजन बढने लगता हैं साथ ही पेट पर स्ट्रेच मार्क्स होने लगते हैं। इस दौरान भावनाए अच्छी होने लगती हैं और उदासी कम हो जाती हैं। इस तिमाही के दौरान कुछ महिलाओ को चौकाने वाले सपने आते है और ठंडा पसीना भी आता हैं। इस अवधि के चौथे और पाचवे महीने में शरीर में एस्ट्रोजन अधिक उत्पन्न होने से मतली और थकान कम हो जाती है और महिलाएं यौन क्रिया के प्रति अधिक आकर्षित होने लगती हैं। गर्भावस्था में बच्चे का विकास, चौथे महीने में भ्रूण विकास / गर्भावस्था का चौथा महीना (Development of the fetus in the fourth month) गर्भावस्था के दौरान खाए जाने वाले सर्वश्रेष्ठ फल गर्भावस्था के चौथे महीने के दौरान शिशु के आकर और बजन में वृध्दि हो जाती है और यह 5.5 इंच लम्बा और 6 औंस तक भारी हो जाता है। इसी अवधि के दौरान शिशु में अंगों का विकास (garbh me shishu ka vikas) होना शुरू हो जाता है, भ्रूण का सर बड़ा होता है और हड्डियां विकसित होने लगती हैं। आँखे बंद रहती हैं लेकिन आँखों के रेटिना सवेंदनशील हो जाते हैं। इस अवधि के दौरान शिशु में लैंगिक विशेषताएं स्पष्ट देखीं जा सकती हैं। गर्भवती महिलाओं के लिए खास टिप्स, दूसरी तिमाही के व्यायाम (Exercises in the second trimester) इस अवधि के दौरान कुछ व्यायाम लाभप्रद होते हैं। गर्भावस्था के लिए तैयार किये गये कुछ ख़ास तरह के योगासनों को अपनाये। तैराकी और वाटर स्विमिंग इस अवस्था में पैरों को आराम देते है टहलना रक्त संचार को स्वस्थ बनाये रखता है और शरीर को उर्जा देता हैं। भावनात्मक परिवर्तन (Emotional changes) गर्भावस्था की दूसरी तिमाही में भी हमारे हॉर्मोन्स (hormones) काफी बेचैन और हमारे बस के बाहर रहते हैं। इस समय हॉर्मोन्स में आए परिवर्तनों की वजह से कई महिलाएं काफी भावुक महसूस करती हैं। आपका शरीर इसमें आ रहे परिवर्तनों जैसे भावनात्मक परिवर्तन और किसी भावुक और करूण चीज़ को देखकर खुद भी भावुक हो जाना आदि परिवर्तनों के साथ सामंजस्य बैठाने में काफी समय लेता है। जकड़न (Congestion) जकड़न उस अवस्था को कहते हैं, जब आपके रक्त का प्रवाह आपके शरीर के म्यूकस मेम्ब्रेन (mucous membranes) की तरफ बढ़ने लगता है। इस समय आप शायद खुद को पहली बार खर्राटे लेते हुए भी महसूस कर सकेंगी। दवाई की दुकानों में कुछ ऐसी दवाएं प्राप्त की जा सकती हैं, जो गर्भावस्था के दौरान प्रयोग की जा सकती हैं और इनसे कोई ख़तरा नहीं होता है। गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के लिए सर्वोताम सुझाव पैरों और टखनों में सूजन (Swelling feet and ankles) पैरों और टखनों में सूजन गर्भावस्था के 22 वें हफ्ते में शुरू होती है और बच्चे के जन्म होने तक यह स्थिति बनी रहती है। इस सूजन को कम करने के लिए कार्यशील बने रहने का प्रयास करें और जब आप चल फिर नहीं रही हों तो अपने पैरों को बार बार हिलाती रहें। लम्बे समय तक खड़े होने या बैठने से परहेज करें और करवट लेकर सोएं। पैरों में मरोड़ (Leg cramps) पैरों में मरोड़ की समस्या दूसरी तिमाही में शुरू होती है और तीसरी तिमाही में भी जारी रहती है। इसका मुख्य कारण हॉर्मोन्स, वज़न में परिवर्तन या फिर शरीर में कैल्शियम या मैग्नीशियम (calcium or magnesium) की कमी होना होती है। इस समस्या से निपटने के लिए स्वस्थ तथा संतुलित आहार लेते रहें। चक्कर आना (Dizziness) ऐसा रक्तचाप (blood pressure) में परिवर्तन आने की वजह से होता है, जो आपके शरीर के द्वारा अतिरिक्त रक्त पंप (pump) किये जाने की वजह से कम हो जाता है। इससे छुटकारा प्राप्त करने और इसके लक्षणों को कम करने के लिए छोटी मात्रा में आहार ग्रहण करें, जिससे कि शरीर में तरल पदार्थों की कमी पूरी की जा सके।
समान प्रश्न, उत्तर के साथ
सवाल: mera 4 th mnth chal raha he..is mnth me kya care karni hogi?
उत्तर: प्रेगनेंसी का वैसे सारा समय ही बहुत ध्यान रखने वाला होता हैं, परंतु प्रेगनेंसी के पहले तीन महीने भारी सामान को नहीं उठाना चाहिए| क्योंकि ऐसा करने से ब्लीडिंग का खतरा होता हैं| भारी सामान उठाने से सबसे ज्यादा दबाव पेट पर पड़ता हैं| जिसके कारण पेट में दर्द रहने की भी समस्या खड़ी हो सकती हैं| पपीते का सेवन भी नहीं करना चाहिए|  अनानास का भी प्रयोग गर्भावस्था के पहले तीन महीने हो सकें तो नहीं करना चाहिए ज्यादा मिर्च मसाले व् ज्यादा तले हुए भोजन से परहेज करना चाहिए गर्भावस्था के समय में आपको ज्यादा भाग-दौड़ व् व्यायाम नहीं करना चाहिए|  बिना डॉक्टर के परामर्श के दवाई का सेवन नही करे
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सवाल: Mera 6 month start huva he. . Muje kya kya care karni hogi?
उत्तर: आपको कोई भी भारी सामान इस समय नहीं उठाना चाहिए और ना ही कोई भारी काम करना चाहिए और ना ही आपको झुक कर कोई काम करना चाहिए । यदि आप की प्रेगनेंसी नॉरमल और हल्दी है तो आप प्रतिदिन सुबह और शाम 15 मिनट टहलना चाहिए । आपको अपने खान-पान का ध्यान रखना चाहिए। दूध दही छाछ पनीर टोफू इत्यादि का भी सेवन करना चाहिए इससे आपको कैल्शियम की पूर्ति होगी। प्रतिदिन दो से तीन बादाम भिगोकर खाएं इससे आपके बच्चे के मस्तिष्क का विकास बहुत अच्छे से होगा ड्राई फ्रूट्स ऑफ आ सकती हैं। फाइबर युक्त भोज्य पदार्थों का सेवन भी अधिक करें ताकि आपको कब्ज जैसी समस्या ना हो। प्रेगनेंसी के दौरान आपको तीन से चार बार तरल पदार्थों का सेवन करना चाहिए और 10 से 12 गिलास पानी प्रतिदिन पीना चाहिए। ताजे फलों का सेवन करना चाहिए और ताजा जूस निकालकर घर पर ही पीना चाहिए इसके साथ-साथ आप को हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन अधिक करना चाहिए इससे आपको आयरन मिलेगा । प्रेगनेंसी के दौरान चाय कॉफी का सेवन नहीं करना चाहिए अल्कोहल नहीं लेनी चाहिए स्मोक नहीं करना चाहिए पेप्सी कोका कोला इस प्रकार की कोई भी ड्रिंक नहीं पीनी चाहिए डिब्बाबंद सामान का प्रयोग नहीं करना चाहिए समुद्री मछली का प्रयोग भी नहीं करना चाहिए पोलूटेड मछली की वजह से आपकी प्रेगनेंसी पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है।
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सवाल: meri wife ko 4 mahina chal raha hai to iske liye kya care karni chaiye
उत्तर: हेलो डियर इस दौरान आपकौ बहुत सावधानी रखनी चाहिए।आपकौ सन्तुलीत और पौस्तिक भोजन खाना चाहिए।भारी वजन नही उठाना चाहिए ।ज्यादा देर तक कही पर खडे या बैठे नही रहना चाहिए।ज्यादा से ज्यादा मात्रा मे पानी पिना चाहिए।तनाव मुक्त रहना चाहिए।एक ही करवत नही सौना चाहिए और जहाँ तक हो सके खुद को खुश रखें और नियमित रूप से डॉक्टर से आपना चेक अप करवाये।
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सवाल: mera 4 th month chal raha he mera hamesha bp.low rahta he chakkar aate he
उत्तर: aap namak pani ka ghol pite rahe bp normal ho jata haii aur tension b na le sab thik hoga mujhe b same problem thi maii to bp low se gir b jati thi chakkar aane se kuch naii hota thik hoga sab
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