4 months old baby

Question: मेडिसिन्स ड्यूरिंग pregnancy

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सवाल
Answer: without suggesion harmfull
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सवाल: लेग पेन्स ड्यूरिंग pregnancy
उत्तर: आप घबराए नहीं प्रेगनेंसी में पैरों का दर्द आम समस्या है। प्रेगनेंसी में हमारे शरीर का सारा भार पैरों पर पड़ता है जिससे कि उस में दर्द हो जाता है। प्रेग्नेंसी में वजन बढ़ जाने के कारण भी पैरों में दर्द की समस्या सामने आती है कभी-कभी हमारे पैरों में सूजन भी हो जाती है। इन सब चीजों के लिए आप कुछ घरेलू उपाय कर सकती हैं। आप अपने पैरों को हल्के गर्म पानी में थोड़ी देर के लिए डुबो कर रखें इससे आपको पैर दर्द और सूजन में आराम मिलेगा। आप अपने पैरों में सरसों के तेल से या फिर किसी भी तेल से हल्की मसाज कर सकते हैं जिससे ब्लड सरकुलेशन बढ़ेगा और आपके पैर दर्द और सूजन में राहत मिलेगी। आप ज्यादा देर तक पैर लटका कर नहीं बैठे पैरों को हमेशा सपोर्ट देखकर ही बैठे हैं या फिर लेटी है। आप पैर दर्द के लिए हल्की हल्की वॉक भी कर सकते हैं जिससे ब्लड सरकुलेशन बढ़ेगा और पैर के दर्द में थोड़ा आराम भी मिलेगा।ज्यादा देर तक खड़े होकर काम करना अवॉइड कीजिए। अगर आपको पैर के दर्द से आराम नहीं मिलता है तो आप को जाकर डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए..
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सवाल: वॉइस चेंजेज ड्यूरिंग pregnancy
उत्तर: हेलो आप 34 वीक्स प्रेग्नेन्ट है प्रेगनेंसी में हॉर्मोनल चेंजेज होने के कारण वॉइस में भी चेंजेज हो सकते है और प्रेग्नेसी की तीसरी तिमाही में बच्चे के badhe हुए वेट के कारण लंग्स पर भी प्रेशर पड़ता है जिसके कारण लेडी की वॉइस चेंज हो जाती है अगर आपको वॉइस चेंज के साथ कोई और प्रॉब्लम जैसे गलें में दर्द,sujan, jalan naa ho तो ये नॉर्मल है जो डिलिवरी के बाद धीरे धीरे नॉर्मल हो जेएगा गलें में दर्द सुजन जलन होने पर आप डॉक्टर से सलाह ले .
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सवाल: सिंपटम्स फॉर बॉय ड्यूरिंग pregnancy
उत्तर: हेलो डिअर , गर्भधारण करने के साथ ही शरीर मे कई तरह के बदलाव शुरू हो जाते है, आप का ऐसे में मासिक आना बंद हो जायेगा जो कि प्रेग्नेंसीय का होने का संकेत दर्शाता हैं , गर्भ धारण करने के साथ ही शरीर मे हार्मोनल चेंज होना शुरू हो जाता हैं इससे ब्रेस्ट में सूजन आ जाती हैं या भारीपन आ जाता है प्रेग्नेंसीय में हार्मोन चेंज की वजह से ब्रैस्ट का निप्पल का रंग गहरा होने लगता हैं गर्भावस्था में कमजोरी लगती हैं और मितली आती हैं कुछ खाने पर उल्टी हो जाती है, ऐसे समय पर किडनी ज्यादा सक्रिय हो जाती है जिससे बार बार टॉयलेट जाना पड़ता है ब्लड वॉल्यूम बढ़ जाने की वजह से सर में दर्द रहने लगता है हार्मोनल चेंज होने की वजह से पाचन क्रिया पर भी असर पड़ता हैं पाचन क्रिया धीमी पड़ जाती है ऐसे में अक्सर कब्ज की शिकायत रहने लगती है!
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