6 सप्ताह की गर्भवती माँ

Question: pregency me kon si side sona chahiye....let...right..???

2 Answers
सवाल
Answer: pregnancy mey dr left side sone ko kahte hai
Answer: सुविधा के हिसाब से सोना चाहिए
समान प्रश्न, उत्तर के साथ
सवाल: Rat ke समय kon si karvat lekar sona chahiye ?
उत्तर: हेलो डियर आप प्रेग्नेसी में पीठ के बल ना सोएं इस्से पेट का पुरा भाड़ पीठ पर पड़ता है हमसा बाई करवट लेकर सोएं प्रेगनेंसी में ये पोजिशन सबसे अच्छा रहता है सोने के लिए आप करवट बदल कर भि सो सकती है तकिए लगाकर सो सकती है आप आपने टाँग के बीच में तकिये लगाकर सो सकती है इसस आपको आराम मिलेगा ऑर नीन्द भि अच्छी आएगी
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सवाल: mam mujhe right side sona acha lgta h mujhe kon si side sona chahiye mera 7th mnth chlrha h
उत्तर: हेलों प्रेगनेंसी में आप जैसे सोने में कम्फर्टेबल हो वैसे सोएं लेकिन   कमर के बल पूरा जोर लगाकर सोना सही नहीं है। गर्भवती महिला को किसी एक ओर हल्‍की करवट से सोना चाहिए। इससे उसे किसी प्रकार की कोई समस्‍या नहीं hogi.हमारा हार्ट लेफ्ट साइड होता है ऐसे में बाएं ओर करवट लेकर सोना सबसे ज्‍यादा सही रहता है। इससे पेट पर भी ज्‍यादा जोर नहीं पड़ता, हार्ट बीट भी सही रहती है और ब्‍लड़प्रेशर भी कंट्रोल रहता है प्रेग्नेंसी के शुरुआती दिनों में अगर आप पीठ के बल सोती हैं तो चिंता की कोई बात नहीं है लेकिन जैसे-जैसे महीने बीतते जाते हैं वैसे-वैसे शरीर का अगला हिस्सा भारी होने लग जाता है. गर्भ बढ़ने के साथ ही पीठ पर भी बल पड़ने लगता है. जब गर्भवती महिला पीठ के बल लेटती है तो गर्भाशय का पूरा भार शरीर के दूसरे अंगों पर पड़ता है. इससे ब्लड सर्कुलेशन भी बिगड़ सकता है. आप जब भी सोएं लेफ्ट साइड कर के सोएं अगर आप सोते सोते राइट साइड करवट ले लेती है तो कोई प्रॉब्लम नही होगी
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सवाल: mam is tym kon si side sona thik hoga
उत्तर: hello शरीर में यूट्रस का पोजीशन लेफ्ट साइड पर होता है और बेबी शुरुआत से ही लेफ्ट साइड पर रहता है। इसलिए बेबी का मूवमेंट ज्यादातर लेफ्ट साइड पर ही फील होता है और लेफ्ट साइड ज्यादा भारी लगता है जैसे जैसे गर्भ में बच्चा बड़ा होता जाता है उसका दबाव शरीर के बाकी अंगों पर पड़ता है। युटेरस की पोजीशन लेफ्ट साइड में होने के कारण लेफ्ट करवट करके सोने से मां और बच्चे दोनों को आराम रहता है। लेफ्ट करवट सोने से बेबी तक ब्लड और ऑक्सीजन सप्लाई अच्छे से हो पाता है। राइट करवट सोने से बेबी का भार शरीर के आंतरिक अंगों पर पड़ता है जिसके कारण मां को तकलीफ होती है। और पीठ के बल या सीधे सोने से बेबी के नाल में फंसने का और पोजिशन खराब होने का खतरा रहता है इसलिए पूरी प्रेगनेंसी के दौरान लेफ्ट करवट करके सोने की सलाह दी जाती है।ज़ज़
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