Planning for pregnancy

pcod kese thik hota h

सवाल
PCOD महिलाओं में पाया जाने वाला एक ऐसा रोग है जिसमें उनके अंडाशय में छोटी छोटी गाँठें बन जाती है. रोग महिलाओं में मासिक धर्म में अनियमितता और उनकी प्रजनन शक्ति में कमी का कारण भी बनता है. जिससे महिलाओं को गर्भधारण करने तक में दिक्कतें आने लगती है.इस रोग का मुख्य कारण आजकल की चिंता,खाने-पीने मे अनियमितता,असंतुलित आहार, मोटापा और मधुमेह ही है गर्भधारण में परेशानियां या बार बार गर्भपात PCOD के लक्षण है. इस रोग से बचने क कुछ उपाय निम्न है *आप रोजाना एक्सरसाइजेज, रनिंग और स्विमिंग करें, इससे शरीर के हॉर्मोन संतुलित रहते है  *आप संतुलित और स्वस्थ आहार लें,  तैलीय चीजों से दूर रहे,उनके स्थान पर आप फलों और पत्तेदार सब्जियों का सेवन कर सकती है. *जितना कम हो सके उतना कम तनाव लें. तनाव दूर करने के लिए आप योग प्राणायाम का सहारा भी ले सकते हो. *अगर आप अपने वजन को ही कण्ट्रोल में कर लें तो PCOD की समस्या अपने आप दूर हो जायेगी *महिलायें जिन्हें PCOD है, उन्हें तुरंत डॉक्टर्स से मिलना चाहियें और उनकी सलाह के अनुसार ही दवाओं का सेवन शुरू कर देना चाहियें
PCOD महिलाओं में पाया जाने वाला एक ऐसा रोग है जिसमें उनके अंडाशय में छोटी छोटी गाँठें बन जाती है. रोग महिलाओं में मासिक धर्म में अनियमितता और उनकी प्रजनन शक्ति में कमी का कारण भी बनता है. जिससे महिलाओं को गर्भधारण करने तक में दिक्कतें आने लगती है.इस रोग का मुख्य कारण आजकल की चिंता,खाने-पीने मे अनियमितता,असंतुलित आहार, मोटापा और मधुमेह ही है गर्भधारण में परेशानियां या बार बार गर्भपात PCOD के लक्षण है. इस रोग से बचने क कुछ उपाय निम्न है *आप रोजाना एक्सरसाइजेज, रनिंग और स्विमिंग करें, इससे शरीर के हॉर्मोन संतुलित रहते है  *आप संतुलित और स्वस्थ आहार लें,  तैलीय चीजों से दूर रहे,उनके स्थान पर आप फलों और पत्तेदार सब्जियों का सेवन कर सकती है. *जितना कम हो सके उतना कम तनाव लें. तनाव दूर करने के लिए आप योग प्राणायाम का सहारा भी ले सकते हो. *अगर आप अपने वजन को ही कण्ट्रोल में कर लें तो PCOD की समस्या अपने आप दूर हो जायेगी *महिलायें जिन्हें PCOD है, उन्हें तुरंत डॉक्टर्स से मिलना चाहियें और उनकी सलाह के अनुसार ही दवाओं का सेवन शुरू कर देना चाहियें
डियर . PCOD रोग का मुख्य कारण आजकल की चिंता,खाने-पीने मे अनियमितता,असंतुलित आहार, मोटापा और मधुमेह ही है गर्भधारण में परेशानियां या बार बार गर्भपात PCOD के लक्षण है. इस रोग से बचने क कुछ उपाय निम्न है *आप रोजाना एक्सरसाइजेज, रनिंग और स्विमिंग करें, इससे शरीर के हॉर्मोन संतुलित रहते है  *आप संतुलित और स्वस्थ आहार लें,  तैलीय चीजों से दूर रहे,उनके स्थान पर आप फलों और पत्तेदार सब्जियों का सेवन कर सकती है. *जितना कम हो सके उतना कम तनाव लें. तनाव दूर करने के लिए आप योग प्राणायाम का सहारा भी ले सकते हो. *अगर आप अपने वजन को ही कण्ट्रोल में कर लें तो PCOD की समस्या अपने आप दूर हो जायेगी *महिलायें जिन्हें PCOD है, उन्हें तुरंत डॉक्टर्स से मिलना चाहियें और उनकी सलाह के अनुसार ही दवाओं का सेवन शुरू कर देना चाहियें
हैलो डियर-- ये जादातर महीलाओं को होता है। पिकोड कभी खत्म नहीं होता पर इसे कंट्रोल किया जा सकता है।पीकोड में वजन और खान पान पर नियंत्रण रखना जरूरी होता है।पिकोड में वजन कम करना बहुत मुश्किल होता है फिर भी वाक एक्सरसाइज से इसे कंट्रोल किया जा सकता है पीकोड में कोई भी सफेद चीज जैसे-शक्कर,ब्रेड और मैदा न खायें।केवल घर का बना सादा भोजन करें। पीकोड को नियंत्रित करके गर्भ धारण किया जा सकता है।इसमें कोई घबराने वाली बात नही है।
समान प्रश्न, उत्तर के साथ
सवाल: pcod का elaj kese kare
उत्तर: पॉली सिस्टिक ओवरी सिंड्रोम” या “पॉली सिस्टिक ओवरी डिसऑर्डर” एक ऐसी मेडिकल कंडिशन है जो आमतौर पर रिप्रोडक्टिव उम्र की महिलाओं में हॉर्मोनल असंतुलन (hormonal imbalance) के कारण पाई जाती है। इसमें महिला के शरीर में male हॉरमोन – “androgen” – का लेवल बढ़ जाता है व ओवरीज़ पर एक से ज़्यादा सिस्ट हो जाते हैं।वज़न बढ़ना, अनियमित पीरियड्स, शरीर व चेहरे पर एक्सट्रा हेयर ग्रोथ होना, acne, मुहांसों व तैलीय त्वचा की समस्या अचानक से होना, बालों का झड़ना, pelvic pain होना, ओवरी पर कई सिस्ट होना। इसके अलावा हाइ ब्लड प्रेशर, diabetes व दूसरे हॉर्मोन्स का असंतुलन भी इसके बढ़ने पर हो सकते हैं। ये कंडिशन ज़्यादा गंभीर होने पर महिला को pregnant होने में भी मुश्किल होती है।diabetes व thyroid टेस्ट ज़रूर करवा लें क्योंकि जो भी महिला PCOS PCOD से पीड़ित होती है उसके diabetes होने के chances बढ़ जाते हैं – और हाइ इंसुलिन लेवल के कारण ओवरीज़ ज़्यादा male हॉर्मोन्स बनाने लग जाती है – और इसकी वजह से हाई BP, हाई कोलेस्ट्रॉल व दिल की बीमारियां होने की संभावना बढ़ जाती है।एक टीस्पून दालचीनी का पाउडर गरम पानी में मिला कर पी लें। आप चाहें तो इसे अपने cereal, ओटमील, दही या चाय में मिला कर भी पी या खा सकती हैं। इसका सेवन रोज करें, जब तक आपको रिज़ल्ट ना मिलने लगें। अलसी – यानी flaxseed शरीर में androgen के स्तर को कम करने के साथ ही, कोलेस्ट्रॉल, बीपी को भी कम करती है व दिल की बीमारियों को होने से रोकती है। 1-2 टेब्लस्पून ताज़ी पीसी हुई अलसी को पानी में मिला कर पी लें। इसे रोजाना तब तक पिए....wajan km krey,excersize kijiye,maditation kojiye..,वज़न कम करने के साथ ही ये शरीर को सेहतमंद व stress free rkhiye...,स्मोकिंग, alcohol, कोल्ड ड्रिंक्स, जंक फूड, caffeine...इन सभी चीजों से दूर रहे क्योकि ये शरीर को dehydrate करती हैं व दूसरे और भी नुकसान pahuchati hai...vit b,omega 3 acid se bhrpur khana jaise fish,alsiakhroys in sb ko diet me samil kijiye...
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सवाल: Mere baby ko uske kaan k piche bhot khujli hota h use thik kese kru plz help
उत्तर: hello बेबी के कान में इंफेक्शन हो गया होगा जिसके कारण बेबी को कान के पीछे खुजली होती है अगर बेबी के कान के बाहर खुजली याद दाद हुआ होगा तो आप उसकी अच्छे से सफाई करके नारियल तेल में कपूर मिलाकर लगाएं। और अगर प्रॉब्लम कान के अंदर है तो आप उसके लिए कोई भी होम रिमेडी ट्राई ना करें । एक साफ कपड़े को हल्का गर्म कर कर के बच्चे के कान की सिकाई करें डॉक्टर से सलाह लें
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सवाल: baby ko pet drd h .. kese thik hoga
उत्तर: hello dear aap use apnaa doodh jyada se jyada matraa me pilaye.uske pet par gungune pani ke saath hing ki malish kijiye.aur uske pairo se cycling karwaiye isse baby ko bahut araam milega.
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