34 सप्ताह की गर्भवती माँ

Question: garbhanal niche ki or hone ka kya mtlb hota h..mera 33 hfta chl rha baki koi dikkt n h..delevery me koi prbm to nhi hogi na?????

1 Answers
सवाल
Answer: हेलो डियर हो सकता है की बेबी के वज़न बढ़ने से बड़ा हुआ गर्भाशय प्लेसेन्टा को उपर की ऑर खीच लेगा यदि प्रेग्नेन्सी के लास्ट में प्लेसेन्टा आपकी ग्रीव को dhnk लता है तो नॉर्मल डिलेवरी हो सकती है ऑर यदि ग्रेव प्लेसेन्टा को दहन्क ले तो सेसेरिएन डिलेवरी होगी आपका प्लेसेन्टा निचे है तो आपको पूरे प्रेग्नेसी में सेक्स नही करना चाहिए ऑर ना ही भारी सामान उठा सकती है बेड रेस्ट करें अकेले ना रहें कोई ना कोई अपने पास रखें ताकि ज़रूरत पड़ने पर तुरन्त डॉक्टर के पास जा सकें थोड़ा भि खुन जाए जाए या दर्द हो तो डॉक्टर के पास जाए डॉक्टर के कहने से 35 से 36 हफ़्ते में ही आपरेशन करवा लें ताकि आपका बेबी स्वस्थ आ जाए
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सवाल: mam mera 5th month chl rha h or placenta thoda niche btaya h koi problm to nhi hogi na
उत्तर: आप बिल्कुल भी घबराए नहीं और डॉक्टर के निर्देशों का ध्यान से पालन कीजिए.. Placenta एक ऐसा ऑर्गन है जो बच्चे को माता से ब्लड सप्लाई करता है और न्यूट्रीशन पहुंचाता है। इसकी पोजीशन यूट्रस में कहीं भी हो सकती है यह तो ऊपर छतरी के सामान रहेगा या आगे या पीछे या फिर कभी कभी किसी किसी केस में yeh नीचे की ओर भी अटैच हो जाता है। लो प्लेसेंटा होने की स्थिति में ज्यादातर माताओं को आराम करने की सलाह दी जाती है, क्योंकि बच्चा जैसे-जैसे ग्रोथ करता है, उसका दबाव प्लेसेंटा पर पड़ता है और आपको कभी भी ब्लीडिंग स्पोटिंग होने की संभावना रहती है। इसलिए हमेशा माताओं को आराम करने की सलाह दी जाती है । इस केस में माताओं को ज्यादा झुक कर और ज्यादा देर खड़े रहकर काम नहीं करना चाहिए ज्यादा exertion वाले एक्सरसाइज और योगा और वाकिंग भी नहीं करनी चाहिए। लो प्लेसेंटा ज्यादातर स्कैन के द्वारा शुरुआती महीनों में ही पता चल जाता है यह प्रेगनेंसी के अंत अंत तक ठीक भी हो जाता है। क्योंकि हमारी यूटरस का साइज़ बढ़ता है और प्लेसेंटा नीचे से साइड की तरफ शिफ्ट हो जाता है। इसमें घबराने की कोई बात नहीं है इसमें आपको हमेशा नॉर्मल डिलीवरी अवॉइड करने की सलाह देते हैं क्यूकी प्लेसेंटा सर्विक्स को कवर करके रखता है और नॉर्मल डिलीवरी के केस में बच्चा पहले निकलना चाहिए उसके बाद प्लेसेंटा लेकिन लो प्लेसेंटा के केस में प्लेसेंटा पहले होता है और बच्चा बाद में इसलिए हमेशा सी सेक्शन करने की सलाह दी जाती है। डॉ इस समय पर इंटर कोर्स करने से भी हमेशा मना करते हैं पूरी प्रेगनेंसी में आपको अपना खास ध्यान रखना पड़ता है अब ज्यादा हैवी सामान भी नहीं उठाई है आराम कीजिए और पौष्टिक आहार लेते रहिए हल्की वॉक कर सकते हैं।
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सवाल: mera 7 month chal rha h. mera plecenta niche h. koi dikkat to nhi hogi na
उत्तर: लो प्लेसेंटा होने की स्थिति में ज्यादातर माताओं को आराम करने की सलाह दी जाती है, क्योंकि बच्चा जैसे-जैसे ग्रोथ करता है, उसका दबाव प्लेसेंटा पर पड़ता है और आपको कभी भी ब्लीडिंग स्पोटिंग होने की संभावना रहती है। इसलिए हमेशा माताओं को आराम करने की सलाह दी जाती है । इस केस में माताओं को ज्यादा झुक कर और ज्यादा देर खड़े रहकर काम नहीं करना चाहिए ज्यादा एक्सरसाइज और योगा और वाकिंग भी नहीं करनी चाहिए।लो प्लेसेंटा के केस में प्लेसेंटा पहले होता है और बच्चा बाद में इसलिए हमेशा सी सेक्शन करने की सलाह दी जाती है।
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सवाल: chautha mahina chal rha . kamar me hlka dard start h koi dikkt to nhi hogi na
उत्तर: hello dear प्रेग्नंसी में कमर दर्द होना आम बात है इसलिए आप परेशान मत हो जैसे-जैसे गर्भावस्था में आपका गर्भ बढ़ता है और बच्चे का आकार बढ़ता है वैसे-वैसे नसों में खिंचाव पैदा होने लगता है जिसकी वजह से कमर में दर्द होने लगता है यह हारमोनल परिवर्तन के कारण भी होता है। कमर दर्द को दूर करने के लिए आप निम्न उपाय अपना सकती हैं ज्यादा देर तक एक ही स्थिति में ना बैठे संतुलित और पौष्टिक भोजन लीजिए ज्यादातर देर तक एक ही अवस्था में ना लेटे थोड़ी थोड़ी देर पर करवट बदलते रहे कमर दर्द दूर करने के लिए आप कुछ एक्सरसाइज और योगा भी कर सकती हैं कमर दर्द को दूर करने के लिए आप अपने कमर की मालिश सरसों के तेल से कीजिए।
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सवाल: mera 7th month chl ra h jb m ghumti hu to mere pet m niche ki trf drd hota h or dono pero m bi drd hota h to koi dikkt vali bat to nhi h na
उत्तर: हेलो . आप को कोई प्रॉब्लम नही है .. tenshon मत ल‍ीजिये ... प्रेगनेंसी के समय body mei हार्मोनल चेंजेज होते राहतें है . जिनकी वजह से कमर दर्द पेट मे दर्द पेरो मे सुजन हो जाना आम बात है ... जब आप का बेबी आप के अन्दर बढ़ता है तो पेट का भार पुरा आप के कमर ऑर पेट के निचे की तरफ़ होता है .. आप इस दर्द से थोड़ी राहत के लिये कुछ गरेलु टिप्स यूज़ कर सकती है .. जैसे दिन मे 4 से 5 बार आप हलके हाथों से अपने पेट पर nariyal के तेल से मसाज कर सकती है .. आप पेरो की सुजन कम करने के लिये गर्म पानी मे पेरो को duba कर रख सकती है . इस्से आप को बहुत रिलीफ होगा ... ऑर जब भी सोयें तो aapne पेरो के नीचे तकिया लगा के सोयें .. ओके डियर टेक केयर ....
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