20 सप्ताह की गर्भवती माँ

Question: mre anomaly scan m breech position h baby ka ..to ky koi prob h.baby normal position p kaise hoga plz mam reply

1 Answers
सवाल
Answer: हेलो डियर आप परेशान मत होइए ।अभी आपका 20वा वीक चल रहा है । बच्चा अपनी मूवमेंट के द्वारा पोजिशंस को बदलता रहता है इसलिए अभी आपके पास समय है । बेबी का उल्टा होना ब्रीच पोजीशन कहलाती है इस पोजीशन में जब आपका बच्चा होता है तो वह सिर्फ अपने मोमेंट के द्वारा ही अपनी स्थिति को बदल सकता है और अगर आपका बेबी अपनी मोमेंट्स को बदल लेता है तो जरूरी नहीं है कि आपको सिजेरियन ही करवाना पड़ेगा आपकी नार्मल डिलीवरी भी हो सकती है इसीलिए आप घबराएं नहीं और अपनी बेबी की मूवमेंट पर ध्यान रखें ।आप संतुलित और पौष्टिक भोजन कीजिए। तनावमुक्त रहिए और ज्यादा से ज्यादा मात्रा में पानी पीजिए और खुश रहने की कोशिश कीजिए।
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सवाल: mam mera baby breech position me h to btaye muje ab ky krna chahiye
उत्तर: आप बिल्कुल भी परेशान न हों बच्चा गर्भ में हलचल करता रहता है अपनी पोजीशन बदलते रहता है प्रेग्नेंसी के आखिरी दिनों में अक्सर बच्चा घूमते हुए अपना सिर नीचे की ओर ले आता है लेकिन कई बार ऐसा नहीं हो पाता बच्चे का सिर ऊपर और पैर और कुल्हे नीचे की ओर होते हैं इस अवस्था को ब्रीच पोजीशन कहते हैं ब्रिज पोजीशन का कारण बच्चे का छोटा होना होता है।इसमें घबराने वाली बात नही है। कभी कभी ऐसी स्थिती आ जाती है पर खतरा नही होता। यदि डिलीवरी के समय तक बच्चा अपना सिर नीचे कि और नहीं लाता है तो सिजेरियन डिलीवरी की संभावना बनती है नही तो सामान्य स्थिती में नारमल डिलवरी होता है। Take care
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सवाल: Hello mam...anomaly scan kiya to usme placenta is situated anterior hai....koi problem to nahi na hoga...plz ans
उत्तर: नहीं, यह कोई समस्या नहीं है। अपरा के आगे की ओर स्थित होने (एंटीरियर प्लेसेंटा) से आपको या आपके शिशु को कोई समस्या नहीं होनी चाहिए। साथ ही, यह स्वत: इस बात को भी प्रभावित नहीं करता कि आपका प्रसव किस तरह का होगा। निषेचन के बाद डिंब नीचे डिंबवाही नलिका (फैलोपियन ट्यूब) में आ जाता है और आपके गर्भाशय में प्रत्यारोपित हो जाता है। गर्भाशय में जहां डिंब प्रत्यारोपित होता है, ठीक उसी जगह आपकी अपरा (प्लेसेंटा) बनने लगती है। इसलिए, अपरा कहां प्रत्यारोपित और विकसित होती है, वह जगह हर महिला में अलग-अलग हो सकती है। 20 सप्ताह की गर्भावस्था में होने वाले अल्ट्रासाउंड स्कैन में दिखाई देगा कि आपकी अपरा कहां स्थित है। अल्ट्रासाउंड डॉक्टर अपरा के स्थान के बारे में अपनी अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में भी लिखेंगे। अपरा की स्थिति निम्नांकित में से एक हो सकती है: अपरा आगे की तरफ स्थित होना (एंटीरियर प्लेसेंटा), इसमें अपरा गर्भाशय की आगे की दीवार पर स्थित होती है। अपरा का पीछे की तरफ स्थित होना (पोस्टीरियर प्लेसेंटा), इसमें अपरा गर्भाशय की पीछे की दीवार पर स्थित होती है। फंडल स्थिति, जिसमें अपरा गर्भाशय की ऊपरी दीवार पर स्थित होती है। दाएं या बाएं तरफ किनारे की स्थिति (लेफ्ट या राइट लेटरल पॉजिशन), जब अपरा गर्भाशय में दाएं या बाएं तरफ स्थित होती है। अपरा का नीचे की तरफ स्थित होना (प्लेसेंटा प्रिविया), इसमें अपरा ग्रीवा को आधा या पूरी तरह ढके हुए होती है। ध्यान दें, कि ऊपर दिए गए सभी स्थान अपरा के विकसित होने के लिए एकदम सामान्य हैं। इस सबके बावजूद, अपरा अगर आगे की तरफ स्थित हो, तो यह शिशु की हलचल को सीमित कर सकती है। इसका मतलब यह है कि: हो सकता है आपको गर्भ में शिशु की हलचल गर्भावस्था में कुछ देर से महसूस होना शुरु हो जिन महिलाओं की अपरा किसी और स्थिति में है, हो सकता है उनकी तुलना में आपको दूसरी तिमाही में शिशु की बहुत कम हलचल महसूस हो अपरा का आगे कि तरफ स्थित होना केवल उसी स्थिति में कोई समस्या उत्पन्न कर सकता है जब अपरा नीचे की तरफ हो और आपको पूर्वनियोजित या आपातकालीन सीजेरियन आॅपरेशन करवाने की जरुरत हो। ऐसे मामले में, प्रसव के दौरान आपको रक्तस्त्राव होने का गंभीर खतरा होता है। ऐसा नीचे दिए गए कारणों की वजह से होता है: इस बात की संभावना होती है कि शायद आपकी अपरा ठीक उसी जगह स्थित हो, जहां से डॉक्टर को सीजेरियन आॅपरेशन के दौरान शिशु को बाहर निकालने के लिए चीरा लगाना हो। हालांकि, यदि आपकी अपरा नीचे की तरफ हो तो पहले आपका अल्ट्रासाउंड स्कैन होगा। इससे डॉक्टर को आपके गर्भाशय में चीरा लगाने के सबसे बेहतर स्थान के बारे में पता चल सकेगा। ऐसे में डॉक्टर रक्तस्त्राव के खतरे को कम करने के लिए सामान्य से थोड़ी ऊपर की तरफ चीरा लगा सकती हैं। अगर आपका पहले भी सीजेरियन आॅपरेशन हो चुका है, तो इस बात की संभावना होती है कि अपरा शायद पहले वाले चीरे के निशान की जगह पर ही विकसित हो गई हो। बहुत ही दुर्लभ मामलों में, इस वजह से अपरा गर्भाशय की दीवार में और इसके आर-पार विकसित हो सकती है। इस स्थिति को प्लेसेंटा एक्रीटा कहा जाता है। ऐसा होने की संभावना उन महिलाओं में ज्यादा होती है, जिनका पहले सीजेरियन आॅपरेशन हुआ हो। हालांकि, अल्ट्रासाउंड और एमआरआई स्कैन से इसका पता उचित समय पर चल जाता है। इसलिए, डॉक्टर सुरक्षित सीजेरियन आॅपरेशन सुनिश्चित करने के लिए जरुरी योजनाएं पहले से ही बना लेते हैं। यदि दुर्भाग्यवश आपको रक्तस्त्राव की समस्या हो जाए, तो भी घबराएं नहीं। आप पहले से ही आॅपरेशन थियेटर में हैं और सभी जरुरी सुविधाएं आपके पास हैं। इसलिए, किसी भी समस्या का तुरंत उपचार किया जा सकता है। अपनी डॉक्टर से पहले ही पूछ लें कि जरुरत पड़ने पर अस्पताल या नर्सिंग होम में खून की सप्लाई के क्या इंतजाम हैं। अगर, 20 सप्ताह की गर्भावस्था में होने वाले एनॉमली स्कैन में आपकी अपरा के नीचे स्थित होने का पता चलता है, तो आपको 32 से 36 सप्ताह के बीच दोबारा स्कैन कराने के लिए कहा जा सकता है। फिर चाहे आपकी अपरा की स्थिति कुछ भी हो- आगे की तरफ, पीछे की तरफ, दाईं तरफ या बाईं तरफ। सामान्यत:, जैसे-जैसे आपका शिशु बढ़ता है, आपका गर्भाशय भी बढ़ता है और अपरा ऊपर की तरफ चली जाती है। इसलिए, इस बात की काफी संभावना होती है कि नीचे स्थित अपरा गर्भावस्था के दौरान ऊपर की तरफ खिसक सकती है और हो सकता है आपको कोई समस्या ही न हो। हालांकि, यदि गर्भावस्था के अंत में भी आपकी अपरा नीचे की तरफ की स्थित हो, तो इसका पहले से पता लगाया जाएगा और उसी अनुसार उपचार किया जाएगा।
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सवाल: बेबी ओके ब्रीच होने का क्या रीज़न होता है और ब्रीच बेबी को नॉर्मल पोजीशन में कैसे लाना सकते है
उत्तर: वो एक नेचुरल प्रोसेस है जिसमें हम कुछ नहीं कर शकते बेबी अपने आप सही पोजीशन में आ जाता है आपको अभी वक़्त है 8 मंथ ख़त्म होनेतक बेबी सही पोजीशन में आ जाएगा
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सवाल: mera 21week hogya h anomaly scan hoga koi problem to nhi hoti na baby ko isse
उत्तर: Scainl बच्चे की ग्रोथ बच्चे के पेट में स्थितियां आपके गर्भाशय की स्थिति यह सब चेक करने के लिए करवाई जाती है जो आपके लिए फायदा ही करेगी आप बिल्कुल भी घबराना नहीं और सोनोग्राफी आराम से करवा दीजिए
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