10 सप्ताह की गर्भवती माँ

Question: muje theesara month chl rha h or koi chakkr ya वोमीटिंग nhi hoti bs thakaan or kabjj rehti h koi problm toh nhi h na

1 Answers
सवाल
Answer: ये बात बिलकुल नार्मल है. हर किसी को प्रेगनेंसी में चक्कर या वोमिटिंग हो ऐसा जरुरी नहीं है. किसीको नहीं भी होता. आप पौष्टिक खाना पीना लेते रहे और एक्टिव रहे.
समान प्रश्न, उत्तर के साथ
सवाल: mera 5 month chl rha h mere pet m drd ho rha h koi problm toh nai h na?
उत्तर: गर्भावस्था के दौरान, पेट में हल्की-फुल्की समस्याएँ होना आम बात होती है। इस अवस्था में, पेट दर्द, विशेषकर पेट के निचले हिस्से में हल्का-हल्का दर्द भी हो सकता है प्रेगनेंसी के समय में ज्यादा वजन उठाने वाला काम करने और ज्यादा नीचे झुकने वाला काम करने से भी पेट दर्द हो सकता है जमीन पर ना बैठे और क्रॉस लेग करके नहीं बैठे वरना दर्द ज्यादा बढ़ सकता है पीठ के बल सोने की बजाए साइड की करवट लेकर सोना चाहिए  यह दर्द हील वाली सेंडिल पहने से भी हो सकता है इसलिए हमेशा स्लिपर ही पहने ज्यादा देर तक एक स्थिति में खड़े ना रहे  जिस तरफ दर्द हो रहा हो, उसके दूसरी तरफ होकर लेट जाएं और आराम करें
»सभी उत्तरों को पढ़ें
सवाल: mera 5th month chl rha h n muje khashi ho rha h to koi problm to ni h na
उत्तर: हेलो डियर ,,मौसम में बदलाव या खान पान में परिवर्तन के कारण खांसी की समस्या बहुत से कॉमन प्रॉब्लम्स है cough सिरप प्रेगनेंसी में आपको नुकसान दे सकती है इसलिए आप कुछ घरेलू नुक्से अपनाकर अपनcough ke प्रॉब्लम को दूर कर सकते हैं| 1) अदरक के टुकड़े को मुंह में रखकर जूझते रहे इसे खांसी में राहत मिलेगी | 2)अदरक का रस एक चम्मच पान के रस को शहद के साथ मिलाकर दिन में दो बार ले | 3)तुलसी चाय या मसाला चाय का वह भी पी सकते हैं | 4)तुलसी काली मिर्च और अदरक का काढ़ा पिए | 4)मुंह में लौंग रखें इससे भी धीरे-धीरे खांसी ठीक होने लगेगी 5) देसी घी से बने बेसन के हलवा khaye.. 6)हल्दी का दूध यह हल्दी की चाय ले सकती हैं 7)नमक पानी से गरारा करने में भी आपके गले की खराश ठीक hogi..
»सभी उत्तरों को पढ़ें
सवाल: mam mera 5th month chl rha h or placenta thoda niche btaya h koi problm to nhi hogi na
उत्तर: आप बिल्कुल भी घबराए नहीं और डॉक्टर के निर्देशों का ध्यान से पालन कीजिए.. Placenta एक ऐसा ऑर्गन है जो बच्चे को माता से ब्लड सप्लाई करता है और न्यूट्रीशन पहुंचाता है। इसकी पोजीशन यूट्रस में कहीं भी हो सकती है यह तो ऊपर छतरी के सामान रहेगा या आगे या पीछे या फिर कभी कभी किसी किसी केस में yeh नीचे की ओर भी अटैच हो जाता है। लो प्लेसेंटा होने की स्थिति में ज्यादातर माताओं को आराम करने की सलाह दी जाती है, क्योंकि बच्चा जैसे-जैसे ग्रोथ करता है, उसका दबाव प्लेसेंटा पर पड़ता है और आपको कभी भी ब्लीडिंग स्पोटिंग होने की संभावना रहती है। इसलिए हमेशा माताओं को आराम करने की सलाह दी जाती है । इस केस में माताओं को ज्यादा झुक कर और ज्यादा देर खड़े रहकर काम नहीं करना चाहिए ज्यादा exertion वाले एक्सरसाइज और योगा और वाकिंग भी नहीं करनी चाहिए। लो प्लेसेंटा ज्यादातर स्कैन के द्वारा शुरुआती महीनों में ही पता चल जाता है यह प्रेगनेंसी के अंत अंत तक ठीक भी हो जाता है। क्योंकि हमारी यूटरस का साइज़ बढ़ता है और प्लेसेंटा नीचे से साइड की तरफ शिफ्ट हो जाता है। इसमें घबराने की कोई बात नहीं है इसमें आपको हमेशा नॉर्मल डिलीवरी अवॉइड करने की सलाह देते हैं क्यूकी प्लेसेंटा सर्विक्स को कवर करके रखता है और नॉर्मल डिलीवरी के केस में बच्चा पहले निकलना चाहिए उसके बाद प्लेसेंटा लेकिन लो प्लेसेंटा के केस में प्लेसेंटा पहले होता है और बच्चा बाद में इसलिए हमेशा सी सेक्शन करने की सलाह दी जाती है। डॉ इस समय पर इंटर कोर्स करने से भी हमेशा मना करते हैं पूरी प्रेगनेंसी में आपको अपना खास ध्यान रखना पड़ता है अब ज्यादा हैवी सामान भी नहीं उठाई है आराम कीजिए और पौष्टिक आहार लेते रहिए हल्की वॉक कर सकते हैं।
»सभी उत्तरों को पढ़ें
सवाल: mera movment bhut kmm ho rha hai bs ek do baar hi pethmesa tite rheta h koi problm to nhi h na mera 9month chl rha h
उत्तर: हैलो डियर--प्रेग्रेंसी मे बॉडी मे बहुत तरह के शारीरिक परिवर्तन होते हैं .Uterus का साइज भी लगभग 200 गुना बड़ा हो जाता हैं ,बॉडी मे हॉर्मोन का level aur रक्तः संचार भी बढ़ जाता हैं ,जैसे जैसे बेबी का वजन बढ़ता हैं uterus पर बहुत जोर पड़ता हैं .इसी कारण abdominal muscle (नीचे के पेट के आस पास )हार्ड हो जाता है ,और टाइट फील होता है ,ऐसा होना एकदम नार्मल है ,आप कोशिश करें की बाई करवट सोये इससे आपको आराम मिलेगा और बेबी के बॉडी मे ऑक्सीजन का संचार अच्छा होगा अगर आपको सोने मे ज़्यादा प्रॉब्लम हो तो आप प्रेगनेंसी pillow का bhi use कर सकते है ,ये बहुत आरामदायक होता है सोने के लिए।बच्चा गर्भ में जैसे-जैसे बड़ा होता जाता है उसके लिए जगह कम पड़ने लगती है ।बच्चा गर्भ में थोड़ा शांत हो जाता है पर इसका मतलब यह नहीं कि वह बिल्कुल ही शांत हैबच्चे के सारे अंग पहले जैसे ही सामान्य से काम कर रहे होते हैं बच्चे की हलचल की कोई तय संख्या नहीं है हर शिशु अलग होता है और सभी शिशु की हलचल का कोई एक जैसा होना आवश्यक नहीं अगर आपको बच्चे की हलचल धीमी और असामान्य लगे तो आपको तुरंत डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए।
»सभी उत्तरों को पढ़ें