28 weeks pregnant mother

Question: 7 month m कोन्सी फ्रूट khana sa beby ka bikash hoti hain . क

सवाल
Answer: हेलो डियर . बच्चे के विकास के लिये सभी फल अच्छे है .आप सभी प्रकार के फल खा सकती हैं .आप सेब अनार केला संतरा मौसमbi अंगूर स्ट्रॉबेरी.. आप रेशेदार फल ज्यादा खाएं जिससे कि आपको कब्ज की समस्या नहीं होगी .विटामिन सी वाले फल लेने से आपको immune सिस्टम अच्छा होगा और रेजिस्टेंस पावर अच्छा होगा.आयरन वाले फलों से आपको हिमोग्लोबिन अच्छा होगा. आप अनन्नास अभी नहीं खाए तो ज्यादा अच्छा है. अनन्नास में बहुत मात्रा में bromoleen पाया जाता है जो कि गर्भाशय ग्रीवा की नमी का कारण बन सकती है .जिस वजह से जल्दी डिलीवरी हो जाती है.पपीता नही खायें . इसमें latex होता है जिसे कन्ट्रैक्शन पैन आने के चान्सेस होते है इसलिए नही खायें .
समान प्रश्न, उत्तर के साथ
सवाल: सर , 18 week मे क्या khana pinha sa beby ka liya accha hota hain .
उत्तर: जब आप प्रेगनेंट होती हैं तब यह बहुत जरूरी है कि आप अपना आहार पौष्टिक है. इससे आपको और आपके होने वाले बच्चे को पौष्टिक तत्व मिलेंगे. प्रेग्नेंसी में कुछ अधिक कैलोरी की जरूरत होती है. प्रेगनेंसी में सही आहार का मतलब है -आप क्या खा रही हैं ?ना कि कितना खा रही हैं? जंक फूड का सेवन ज्यादा ना करें. isme कैलोरी ज्यादा है पोष्टिक तत्व कम या ना के बराबर होते हैं. फोलिक एसिड आपको 1 ट्रिमस्टर में ही चालू करदेना चहिये। फ़ोलिक एसिड का होने वाले बच्चे की ग्रोथ में बहुत बड़ा योगदान रहता है। फ़ोलिक एसिड विटामिन है ।विटमिन B 9। ये आपको खाने पिने में फॉलेट नाम से मिलेगा । बाबी के इस्पीनलकार्ड के चारो और पॉलिब पेरत को सही तरीके से बंद करता है।वाहा गप नहीं आने देता। मा के लिए भी बहुत जरुरी है ।विटमिन B 12 के साथ मिलकर हेअल्थी रेड सेल्स बाँटा है। folic acit ke liye ye khaye. ब्रोकली ऐस्पैरागस खट्टे फल हरी पत्तों वाली सब्जियां ओकरा फूलगोभी भुट्टा गाजर 1) दूध और डेयरी के ले सकती हैं. मलाई वाला दूध दही छाछ घर का पनीर इन सब में कैल्शियम प्रोटीन और विटामिन बी12 बहुत होता है. 2) सभी अनाज ,दालें . इन सब में प्रोटीन बहुत अच्छा होता है. 3) पेय पदार्थों में आप पानी bahut piyen.खास करके आप साफ पानी joki फ़िल्टर किया हुआ. ताजे फलों का रस ले. डिब्बाबंद juis nahi le. इसमें शक्कर की मात्रा बहुत ज्यादा होती है. 4) वसा और तेल . वेजिटेबल ऑयल का वसा एक अच्छा स्रोत है क्योंकि इसमें संतृप्त वसा अधिक होता है. इन सभी चीजों के साथ आप डॉक्टर की सलाह मानें .जो भी टेस्ट किए हैं दिए गए हैं उन्हें करवाएं समय पर. दवाइयां समय पर ले और नींद पूरी. खाना जो भी खाएं अच्छे से चबाकर खाएं. प्रेगनेंसी के समय मिल्क प्रोडक्ट calcium और प्रोटीन बहुत जरुरी होता है। डेयरी प्रोडक्ट प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए सबसे बेहतर होता है। जैसे अंडा, चीज, दूध, दही और पनीर मां और बच्चे दोनों के लिए फायदेमंद होता है। कैल्शियम भी पर्याप्त मात्रा में होती है जो फीटस के बोन टिशू के विकास के लिए आवश्यक होता है। प्रोटीन की मात्रा काम होने से बच्चे की ग्रोथ में बहुत अंतर आता है। प्रोटीन जरूरी पौशाक तत्वों में से है। बच्चे का विकास और एम्निओटिक टिशू का कार्य प्रोटीन पर निर्भर करता है। गर्भावस्था के दौरान प्रोटीन की kaam मात्रा बच्चे के sahi विकास में बाधा पहुंचा सकती है और इससे शिशु का वजन भी कम हो सकता है। यह बच्चे के बढ़ते मस्तिष्क पर नकारात्मक प्रभाव भी डाल सकता है।  बस एक मुट्ठी नट्स प्रोटीन की अपनी दैनिक आवश्यकताओं को पूरा कर सकता है। नट्स जैसे बादाम, मूंगफली, काजू, पिस्ता, अखरोट और नारियल में उच्च मात्रा में प्रोटीन की मात्रा होती है जो बच्चे के विकास के लिए जरूरी होता है। बीज जैसे कद्दू, तिल और सूरजमुखी में भी प्रोटीन पर्याप्त मात्रा में होती है।  इनमें से कई ऐसे हैं जिनमें प्रोटीन की मात्रा बहुत अधिक होती है जैसे- मूंग, काले और फवा बिन्स, मसूर, मटर और चना. ओट्स में प्रोटीन बहुत उच्च मात्रा में पाई जाती है .
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सवाल: Mera beby 1.5 month ka hain Mere beby ke skin par rash hain
उत्तर: hello dear aap tension na le ye garmi ki wajah se ho sakte hai, inhe heat rash bhi kaha jata hai,iske liye main sujhaav dungi apne bache ko cotoon ke hi kapde pehenaye jab bhi bache ko nehlaya uska badan ache se sukha le fir kapde pehenaye, App kuch der bacche ko bina kapde ke bhi rakh sakte hai taki bacche ke body ko hawa lage..dhayn rakhe ki apka baccha dano ko scratch na kare... bacche ko baby prickly heat powder lagaye isse bohot jaldi aaram milta hai..
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सवाल: 2.5 month ke beby ka nimoniya ho sakta hain
उत्तर: हां नवजात बच्चे को निमोनिया हो सकता है निमोनिया एक प्रकार का छाति aur fefdoका इंफेक्शन होता है जो 1 या फिर दोनों fefdoमें भी हो सकता है निमोनिया होने से फेफड़ों में सूजन आ जाती है और तरल पदार्थ भर जाते हैं जिसकी वजह से खांसी आने लगती है और सांस लेने में भी दिक्कत होती है छोटे बच्चे में निमोनिया का कारण निमोनिया के वायरस की वजह से होता है निमोनिया को पता लगाना बहुत मुश्किल होता है क्योंकि इसमें सामान्य सर्दी जुकाम और खांसी के ही लक्षण दिखाई देते हैं। कई बार निमोनिया होने की वजह से बुखार और पसीना आने लगता है कभी-कभी बहुत ठंडी महसूस होने लगती है। अगर बच्चों को निमोनिया होता है क्या उसे बार-बार खांसी और बलगम के साथ कभी कभी खून भी आने लगता है निमोनिया की वजह से बच्चे बहुत तेजी से और गहरी सांसे लेना चालू कर देते हैं क्योंकि उनको सांस लेने में दिक्कत होने लगती है। निमोनिया का पता लगाने के लिए डॉक्टर एक से करते हैं जिससे कि उनको पता चलता है कि बच्चे को निमोनिया है कि नहीं बच्चे को निमोनिया से बचाने के लिए उसका पूरा टीकाकरण कराना बहुत जरूरी होता है ताकि बच्चे को होने वाले निमोनिया से बचा सके छोटे बच्चे को उन सारे लोगों से दूर रखना चाहिए जिनको सर्दी जुकाम की शिकायत होती है क्योंकि छोटे बच्चे में इंफेक्शन बहुत जल्दी होता है छोटे बच्चे को दुआ रहित वातावरण में नहीं रखना चाहिए और जो व्यक्ति धूम्रपान करता है उसके आसपास भी नहीं रखना चाहिए नवजात बच्चे को समय-समय पर दूध पिलाते रहे दूध की कमी ना होने दें क्योंकि 6 महीने तक वह सिर्फ मां की दूध पीता है और उसी से ही उसको पोषक तत्व मिलते हैं। दूध पीने से बच्चे की इम्युनिटी स्ट्रांग होने की वजह से उनको कोई संक्रमण बीमारी नहीं फैलता| और ध्यान रखें कि बच्चे को भीड़ भाड़ वाली जगह पर ले जाने से बचें क्योंकि ऐसे में बच्चे को वायरल इंफेक्शन होने का बहुत ज्यादा चांसेस होते हैं
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