1 महीने का बच्चा

Question: meri भाभी8th month pregnent h unka thioryde THS level 5.74 h kya ye normal h ya nhi unhe delivery m koi dikkat to nhi aayegi...

1 Answers
सवाल
Answer: प्रेगनेंसी के दौरान टीएसएच का लेवल फर्स्ट सेमेस्टर में 0.3 से 4.5miu/l होना चाहिए सेकंड ट्राइमेस्टर में 0.3 से 4.6miu/l होना चाहिए थर्ड सेमेस्टर में 0.8 से 5.2miu/l होना चाहिए इसमें थोड़ा बहुत वेरिएशन हो सकता है क्योंकि लैब में जब टेस्ट होता है तो वह किस टाइम ब्लड लिया जा रहा है इस बात पर निर्भर करता है और जब 0.7 से 27imu/l होता है तो प्रीमेच्योर बर्थ होने का चांस रहता है अभी आपका थर्ड सेमेस्टर चल रहा है उसके हिसाब से अभी तक सामान्य है लेकिन 5 तक नहीं होना चाहिए इसलिए आप ध्यान रखें अगर आपका थायराइड के वजह से पीरियड्स irregular hote है तो प्रेग्नेंसी में बहुत प्रॉब्लम होता है क्योंकि thyroid hi एक हार्मोनल असंतुलन का एक सबसे बड़ा उदाहरण हैl थायराइड मतलब पाचन क्रिया में गड़बड़ी इसके साथ-साथ बहुत सारी परेशानियां होती है अगर हाइpoथायराइडिज्म है तब तो फिर गर्भपात होने की संभावना badh jati जाती हैl period irregular होना थायराइड का एक सबसे बड़ा कारण होता हैl थायराइड हार्मोन एक ऐसा हार्मोन होता है जो शरीर के दूसरे अंगों को भी सही तरीके से काम करने में मदद करता है जब इसका संतुलन शरीर पर बना रहता हैl तब तक ठीक है लेकिन संतुलन बिगड़ने पर या एक रोग जैसे हो जाता है जिसे संतुलन में लाने के लिए बहुत सारे उपचार करने पड़ते हैं| थायराइड गले की एक ग्रंथि होती है जिसमें से thyroxineनामक हार्मोन निकलता हैl जो हमारे लिए बहुत ही महत्वपूर्ण होता है is का संतुलन शरीर पर बना रहे तो अच्छा रहता है लेकिन संतुलन बिगड़ने पर बहुत सारी परेशानियां आने लगती हैl इसके कम होने की वजह से शरीर पर मेटाबॉलिज्म बढ़ जाता है जिससे कि शरीर पर ऊर्जा जल्दी खत्म हो जाती है आप जॉब याh अधिक होता हैl तब शरीर पर ऊर्जा कम बनती है जिसे की थकान महसूस होने लगता है इसका संतुलन बिगड़ने की वजह से शरीर की मांसपेशियों पर भी असर होता हैl thyroidदो प्रकार के होता है hypothyroidismएंड हाइपरथायराइडिज्म थायराइड हार्मोन हमारे शरीर में तापमान को नियंत्रित करने का काम करता है| क्या बच्चों में शारीरिक और मानसिक विकास के लिए भी मदद करता है| थायराइड हार्मोन के असंतुलन होने की वजह से महिलाओं में डिप्रेशन आने लगता है और कुछ भी मन नहीं करता, सोचने समझने की शक्ति खत्म हो जाती है इसकी वजह से महिला पूरी तरह डिप्रेशन में चले जाती है इसलिए इसका सही समय पर इलाज कराना बहुत जरूरी होता हैl hyperthyroidismहोते हैं तो इसके कुछ लक्षण दिखाई देते हैं जैसे वजन कम होना पसीना आना हाथ पैर का कांपना और अगर हाइpoथायराइडिज्म होता है तो वजन बढ़ता है, भूख कम लगता है, और हमेशा कब्ज की शिकायत रहती हैl इसके होने के सबसे बड़ा कारण यह है कि अगर आप बहुत ज्यादा तनाव लेती है तो थायराइड gland पर इसका बुरा असर होता है l अगर आपके परिवार में किसी को इसकी प्रॉब्लम होती है तो कहता है|ki अगर आप प्रदूषण वाले जगह पर रहते हैं तो प्रदूषण के कारण थायराइड gland पर बुरा असर होता है जिसके कारण भी होता है| अगर आपको आपके शरीर पर कुछ भी लक्षण दिखाई देते हैं तो आपको सबसे पहले थायराइड का टेस्ट करवाना चाहिएl आप कुछ घरेलू उपचार करके भी इसे थोड़ा कंट्रोल कर सकते हैं और उसके उपचार के लिए हमेशा डॉक्टरों की सलाह लेनी पड़ती है लेकिन कुछ घरेलू उपचार के द्वारा भी कंट्रोल किया जा सकता है| ऐसी स्थिति में आपको खाली पेट लौकी का जूस पीना चाहिए या बहुत फायदेमंद होता है| आपको एलोवेरा और तुलसी के जूस का भी सेवन करना चाहिए l काली मिर्च का सेवन करना थायराइड के लिए बहुत अच्छा माना जाता हैl साथ में आपको लाल प्याज कभी उपयोग करना चाहिएl बादाम और अखरोट का उपयोग भी थायराइड के लिए बहुत लाभदायक होता हैl आप रोजाना आधा घंटा एक्सरसाइज करते हैं तो भी आप इससे छुटकारा पा सकती हैंl अगर आप थायराइड से गिरती है तो आपको रोजाना पानी की मात्रा को बढ़ाना चाहिए क्योंकि यह विषैले पदार्थों को शरीर से बाहर निकालने में मदद करता हैl आयोडीन थायराइड को बहुत अधिक मात्रा में कंट्रोल करने में असरदार होता है इसलिए आपको नेचुरल आयोडीन टमाटर प्याज लहसुन इनका उपयोग करना चाहिएl अगर आपको थायराइड की प्रॉब्लम होती है तो आप बाजार में मिलने वाले सफेद नमक या काला नमक का उपयोग नहीं कर सकते इससे परेशानी और बढ़ जाती हैl इसलिए मेरी सलाह यही रहेगी कि अगर आप thyroid से ग्रसित है तो सबसे पहले आप डॉक्टर से इसकी सही सलाह लेकर ठीक करें उसके बाद ही अपना डिसीजन लेl
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सवाल: Mera baby ulta h pet m .... isse mujhe or mere baby ko koi problem to nhi hai ... or डिलेवरी m koi dikkat to nhi aayegi ... please mujhe batay
उत्तर: hello dear आप परेशान मत होइए । बच्चा अपनी मूवमेंट के द्वारा पोजिशंस को बदलता रहता है अभी आपके पास समय है । बेबी का उल्टा होना ब्रीच पोजीशन कहलाती है इस पोजीशन में जब आपका बच्चा होता है तो वह सिर्फ अपने मोमेंट के द्वारा ही अपनी स्थिति को बदल सकता है और अगर आपका बेबी अपनी मोमेंट्स को बदल लेता है तो जरूरी नहीं है कि आपको सिजेरियन ही करवाना पड़ेगा आपकी नार्मल डिलीवरी भी हो सकती है इसीलिए आप घबराएं नहीं और अपनी बेबी की मूवमेंट पर ध्यान रखें ।आप संतुलित और पौष्टिक भोजन कीजिए। तनावमुक्त रहिए और ज्यादा से ज्यादा मात्रा में पानी पीजिए और खुश रहने की कोशिश कीजिए।
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सवाल: 2015 me meri tvto surgery hui thi me ab pregnent hu kya meri normal delivery ho skti he usse koi problem to nhi aayegi baby ko
उत्तर: hello टीवीटी ऑपरेशन के बाद नॉर्मल डिलीवरी के चांसेस कम ही होते हैं क्योंकि यह सर्जरी वेजाइना me हीं होती है इसलिए नॉर्मल डिलीवरी होने में प्रॉब्लम आती है
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सवाल: mera 8 month suru hua h meri vegina m dard rahta h kya ye normal h ya nhi plz btaye.or m normal डिलिवरी k liye kya kru
उत्तर: hello dear ..जी हाँ इस टाइप के दर्द ya khichav होना प्रेग्नेन्सी मे नॉर्मल होता है .. आप घबराये नही ...गर्भ में शिशु के होने की वजह से आपकी मांसपेशियों, जोड़ों और नसों पर काफी दबाव पड़ता है..इससे आपको पेट के आसपास के क्षेत्र में काफी असहजता महसूस हो सकती है।...jiske karan aap ko pet k aas pass k jagah mei dard ya sujan ki samasya ho sakti hai. इसको थोड़ा कम करने के लिए आप आप जब भि करवट ले तों अपने दोनों पैरों के बीच मे पिल्लो लगायें .. ऑर कमर के पीछे भि एक पिल्लो लाग ले .. झटकें से उठना बैठना नही . आइस को कॉटन के कपड़े मे लेकर हलके हाथों से अपनी योनि के ऊपर रखें .. आप को bahut आराम लगेगा. आप प्रेगनेंसी मे आप अपनी डायट का पूरा खयाल रखें . डॉक्टर की सलाह के अनुसार एक्सर्साइज या योगासन करे . वॉक करे . खुब सारा पानी पीये . गो मुत्र आदि का सेवन आप अपने डॉक्टर की सलाह से ही करे .. अगर आप के प्रेग्नेन्सी मे किसी तरह की कोई कॉम्प्लिकेशन नही होगी तों आप की नॉर्मल डिलिवरी सम्भव है . ओके टेक केयर
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