34 सप्ताह की गर्भवती माँ

Question: mere 8 month chal raha h muje right side me niche pet or right leg m pain ho raha h

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सवाल
Answer: पेट मे'दारद होना बहुत आम हैं लेकिन अगर बहुत ज्यादा और लगातार दे रहा हो तोह आपको डॉक्टर्स को बताना चाहिए क्यों कि कई बार परेशानी बढ़ जाती हैं इसलिए प्रेग्नस्य मे' कुछ भी ज्यादा हो रहा हो तोह तुरंत डॉक्टर्स को बताना है जीसे जैसे उतेरुस बढ़ता हैं आपके योनि मे' खिचाव और निचले हिस्से मे' दर्द होगा गस और कब्ज भी एक कारन हो सकता है आईसे मे' बहुत पानी पीए पत मे'संकुचान जैसे दर्द हो तोह वह रक्त का प्रभु बढ़ने से होगा है इसके लिए आप गरम पानी कि बोतल से सके कर ले गस के दर्द को दूर करने के लिए आपको एक्सरसाइज करना होगा आराम करे पणी पीए बार बार लेकिन थोड़ा भोजन करे गर्भवस्था के दौरान बहुत साडी परेशानिओ से गुजरना पड़ता है उनमे से ये पैरो में दर्द प्रमुख समस्या है और ये दर्द रात में और बढ़ जाता है इस समय वजन बढ़ जाने के कारन पैरो में दर्द होता इससे आपका पुरे शरीर का वजन पैरो पर पड़ता है और पैरो में थकन होती है इस दौरान आपका गर्भाशय का आकर बढ़ जाता है जिसके कारन पैरो कि नसे डाब जाती है और वह तक ब्लड अच्छे से नहीं पहुँच पात इस दौरान आपके शरीर में मैग्नेसीउम्, पोतसीउम्, कैल्सियम कि कमी हो जाती है इससे कारन दर्द होता है दरद से रहतpane का सबसे अच्छा उपाय एक्सरसाइज है स्ट्रेचिंग करना आपको सुबह शाम लाभदायक होगा पईड़ो के दर्द से रहत paneके लिए आप रात में सोने से पहले हलके गरम पानी मी३०मिनट डूबकर रखे बहुत आराम मिलता है इस दौरान आप अपने पैरो को मोड़ कर ज्यादा देर नाबैथे
Answer: प्रेग्नेंसीय में हल्का पेट दर्द होना सामान्य बात है गर्भावस्था में पेट दर्द की समस्या शुरू से लेकर जब तक आपकी डिलीवरी नही हो जाती है तब तक लगी ही रहेगी, आपको अगर प्रेग्नेंसीय के समय कोई दिक्कत नही है और पेट दर्द हल्का फुल्का रहता है तो ये सामान्य बात है लेकिन अगर यही असाधारण दर्द होता है तो आपको डॉक्टर को दिखाना चाहिए , आप कुछ घरेलू उपायों से पेट का दर्द कम कर सकती है जो इस प्रकार से है आपका पेट जिस साइड दर्द होता है आप उसके दूसरे साइड करवट करके सो जाएं आराम मिलेगा । प्रेग्नेंसीय में पेट दर्द होने पर आप गुनगुने पानी से स्नान करे आपको आराम मिलेगा पेर दर्द होने पर आप एक बोतल में पानी गर्म डाल दीजिए और बोतल के ऊपर कपड़ा लगा कर आप पेट की सिकाई करे आपको पेट दर्द में आराम मिलेगा प्रेग्नेंसीय के दौरान ठीक से रक्त प्रवाह ना होने के कारण पैरो में दर्द होता है प्रेग्नेंसीय में आपका वेट बढ़ जाता है जिसके वजह से सारा बॉडी का सारा भार पैरो पे आ जाता है और पैरो में दर्द होने लगता है आप अपने पैरों की सरसो के तेल से मालिश करे आपको आराम मिलेगा आप अपने पैरों को गुनगुने पानी मे नमक डालकर धो दे इससे भी आपके पैरों का दर्द कम हो जाएगा , ज्यादा हाई हील सैंडिल न पहनें , आप अपने पैरो की एक्सरसाइज करें पैर दर्द में बहुत लाभ होगा
Answer: गर्भवस्था के दौरान बहुत साडी परेशानिओ से गुजरना पड़ता है उनमे से ये पैरो में दर्द प्रमुख समस्या है और ये दर्द रात में और बढ़ जाता है इस समय वजन बढ़ जाने के कारन पैरो में दर्द होता इससे आपका पुरे शरीर का वजन पैरो पर पड़ता है और पैरो में थकन होती है इस दौरान आपका गर्भाशय का आकर बढ़ जाता है जिसके कारन पैरो कि नसे डाब जाती है और वह तक ब्लड अच्छे से नहीं पहुँच पात इस दौरान आपके शरीर में मैग्नेसीउम्, पोतसीउम्, कैल्सियम कि कमी हो जाती है इससे कारन दर्द होता है दरद से रहतpane का सबसे अच्छा उपाय एक्सरसाइज है स्ट्रेचिंग करना आपको सुबह शाम लाभदायक होगा पईड़ो के दर्द से रहत paneके लिए आप रात में सोने से पहले हलके गरम पानी मी३०मिनट डूबकर रखे बहुत आराम मिलता है इस दौरान आप अपने पैरो को मोड़ कर ज्यादा देर नाबैथे
समान प्रश्न, उत्तर के साथ
सवाल: muje 8month chal raha h aur muje right side pain ho raha h
उत्तर: जी हां , पेट में बढ़ रहे बच्चे क वेट के कारन कभी कभी ऐसा होता है. आप हो सके उतना वाक करें तो अच्छा महसूस होगा.
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सवाल: mera 6 week chal raha he or muje abdoman me right side niche pain ho raha he ...or right leg full pain ho raha he or me chal bhi nahi sakti
उत्तर: क्या गर्भावस्था के दौरान पेट में दर्द होना सामान्य है - Is it normal to have abdominal pain during pregnancy in Hindi प्रेग्नेंसी के दौरान कभी कभी पेट में दर्द और ऐंठन होना हानिकारक नहीं होता है। पहली तिमाही में दर्द,कब्ज, गर्भाशय में होने वाले रक्त प्रवाह में वृद्धि, खाना खाने के बाद दर्द और ब्रेक्सटन-हिक्स संकुचन (Braxton hicks contractions) और गर्भाशय की अस्थियों (Round ligaments) में खिंचाव के कारण दूसरी और तीसरी तिमाही में दर्द महसूस हो सकता है। (और पढ़ें - गर्भावस्था में कब्ज) पहली तिमाही में पेट दर्द: पहली तिमाही में पेट दर्द या परेशानी होना आम बात है, खासकर गर्भावस्था की शुरुआत में। ये आपके शरीर में गर्भावस्था के दौरान होने वाले परिवर्तनों का एक हिस्सा है, जो अगले 40 हफ्तों तक बच्चे के गर्भ में रहने के लिए आपके शरीर की प्रतिक्रिया स्वरुप अनुभव होते हैं। कभी-कभी, पेट में दर्द होना इस बात की चेतावनी होती है कि आप जो खा रही हैं उसके सही से पच नहीं रहा है जिस कारण पेट में ऐंठन हो रही है। यहां तक कि इस दौरान ऑर्गेज्म से भी पेट में दर्द हो सकता है। दूसरी तिमाही में पेट दर्द: दूसरी तिमाही में अगर आपको पेट में दर्द के साथ रक्तस्राव नहीं हो रहा है तो यह आमतौर पर चिंता का कारण नहीं होती है क्योंकि ऐसा होने पर मिसकैरेजकी संभावना होती है। 100 में से एक से भी कम महिलाओं को दूसरी तिमाही में मिसकैरेज होता है। यदि ऐंठन बहुत अधिक रक्तस्राव के साथ हो रही है, तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं। तीसरी तिमाही में पेट दर्द: ब्रेक्सटन हिक्स संकुचन (Braxton hicks contractions) के अलावा, पेट के आसपास गंभीर दर्द होना सामान्य नहीं होता है। अगर ऐसा है तो ये संकुचन आमतौर पर समय से पूर्व प्रसव का संकेत होते हैं। समय से पूर्व प्रसव के अन्य लक्षणों में पानी की थैली का फटना, श्रोणि के आसपास दर्द, भ्रूण की गतिविधियों में कमी, पीठ के निचले हिस्से में दर्द और संकुचन आदि प्रमुख हैं। यदि आपको इन लक्षणों में से एक का भी अनुभव हो तो तुरंत अपने चिकित्सक से बात करें। अगर आपको 37 हफ़्तों के बाद पेट में दर्द महसूस हो रहा है, तो प्रसव के अन्य लक्षणों की भी पुष्टि करें कि क्या आपको योनि से डिस्चार्ज, पानी की थैली के फटने, संकुचन आदि का भी अनुभव हो रहा है? अगर इनमें से कोई भी लक्षणों महसूस नहीं हो रहा है, तो चिंता की कोई बात ही नहीं है। पीठ दर्द, संभवतः बच्चे द्वारा सिर की स्थिति बदलने के कारण, पेल्विक क्षेत्र के आसपास दबाव उत्पन्न होने की वजह से हो रहा है। (और पढ़ें - पेट दर्द के घरेलू उपाय) प्रेगनेंसी में पेट दर्द क्यों होता है - Common causes of abdominal pain in pregnancy in Hindi गर्भावस्था की शुरुआत में थोड़ा पेट दर्द होना सामान्य है। हालांकि, यदि दर्द तेज़ और लगातार हो रहा है या आप तीव्र ऐंठन और रक्तस्राव महसूस कर रही हैं, तो आपको डॉक्टर को दिखाना चाहिए। प्रेग्नेंसी में पेट में होने वाले दर्द के कुछ ऐसे ही कारण निम्नलिखित हैं जो चिंताजनक नहीं होते हैं: राउंड लिगामेंट्स में दर्द: जैसे जैसे गर्भाशय बढ़ता है, राउंड लिगामेंट्स (दो बड़े स्नायुबंधन जो गर्भाशय से जननांगों तक फैले होते हैं) में खिंचाव होता है, जिस कारण निचले पेट में दर्द होता है। जब आप अचानक अपनी स्थिति बदलती हैं तो दर्द तेज या बहुत तेज़ हो सकता है। ये लक्षण आमतौर पर कुछ समय बाद गायब हो जाते हैं। अगर दर्द असहनीय है, तो आप डॉक्टर से पूछ कर दर्द निवारक दवा ले सकती हैं। गैस और कब्ज: गर्भावस्था में प्रोजेस्टेरोन हार्मोन के स्तर में वृद्धि होने के कारण पेट में गैस और कब्ज़ की शिकायत हो जाती है। जब प्रोजेस्टेरोन का स्तर बढ़ता है तो गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट धीमा पड़ जाता है और भोजन सामान्य से धीमी गति से पचता है। जिसके परिणामस्वरूप गैस और कब्ज की समस्या उत्पन्न होती है। अधिक पानी पीने, फाइबर युक्त भोजन खाने और नियमित रूप से व्यायाम करने से आपको इस समस्या से आराम मिल सकता है। ब्रेक्सटन हिक्स संकुचन: ब्रेक्सटन हिक्स संकुचन हल्के होते हैं, बल्कि इन्हें "अभ्यास संकुचन" कहा जाता है। आपको प्रसव के संकुचन के समान ही कुछ संकुचन महसूस होंगे। हालांकि, जब आप स्थिति बदलती हैं तो ये घीमे या शांत पड़ जाते हैं। डिहाइड्रेशन इन संकुचनों के लिए सबसे प्रमुख कारण है, इसलिए उनसे बचने के लिए पर्याप्त पानी पिएं। यदि संकुचन लंबे समय तक महसूस हों, तो डॉक्टर से संपर्क करें। गर्भाशय का बढ़ना: गर्भाशय के बढ़ने की वजह से, आपकी आंत थोड़ी खिसक जाती है, जिससे मतली आदि की दिक्कत बढ़ जाती है। असुविधा को खत्म करने के लिए, आपको कुछ न कुछ खाते रहना चाहिए। थोड़ी थोड़ी मात्रा में भोजन करें। नियमित रूप से व्यायाम करें। पर्याप्त आराम करें और अपने मूत्राशय को नियमित रूप से खाली करें। (और पढ़ें - गर्भावस्था में उल्टी और मतली आना) ऑर्गेज्म के दौरान दर्द: शुरुआती गर्भावस्था के दौरान चरम सुख की प्राप्ति के दौरान और बाद में दर्द होना काफी आम है। इसके बारे में चिंता करने की ज़रूरत नहीं है क्योंकि ये बहुत हल्का दर्द होता है। पेट में दर्द आमतौर पर सामान्य संकुचन या श्रोणि क्षेत्र में रक्त प्रवाह बढ़ने के कारण होता है। आम असुविधाएं: उपरोक्त हानिरहित कारणों के अलावा, पेट के वायरस, गर्भाशय फाइब्रॉएड, गुर्दे की पथरी, किसी विशेष भोजन के प्रति संवेदनशीलता आदि परेशानियों के कारण पेट में दिक्कत हो सकती है। हालांकि, सभी कारण हानिरहित नहीं हैं और न ही इन्हें अनदेखा किया जा सकता है। कुछ गंभीर जटिलता भी उत्पन्न कर सकते हैं। (और पढ़ें - पीरियड के कितने दिन बाद प्रेगनेंसी टेस्ट करे) प्रेग्नेंसी में पेट दर्द होने के गंभीर कारण – निम्नलिखित गंभीर जटिलताओं के होने पर आपको और आपके बच्चे को किसी भी जोखिम से बचने के लिए तत्काल चिकित्सा की आवश्यकता होती है:     एक्टोपिक गर्भधारण (पहली और दूसरी तिमाही): 50 में से एक गर्भधारण में एक्टोपिक गर्भावस्था का अनुभव होता है, इसमें गर्भाशय के बाहर अंडे का प्रत्यारोपण (Implantation) विशेष रूप से फैलोपियन ट्यूब में होता है। नतीजतन, आपके पेट में निचली तरफ तेज दर्द होता है और गर्भावस्था के छठे हफ्ते और गर्भावस्था के दसवें सप्ताह के बीच आपको रक्तस्राव होने लगता है। जिन महिलाओं की पहले की प्रेग्नेंसी भी एक्टोपिक गर्भावस्था थी या जिनमें एंडोमेट्रिओसिस(Endometriosis), अपेन्डिसाइटिस(Appendicitis), और पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज(पीआईडी) का निदान हुआ है, उनमें एक्टोपिक गर्भावस्था का खतरा बढ़ जाता है। पेट के दर्द के अन्य कारणों में फैलोपियन ट्यूब में ट्यूमर और असामान्यताएं, अतीत में हुए कई गर्भपात, अंतर्गर्भाशयी उपकरणों (जैसे कॉपर टी) या प्रोजेस्टिन जैसी गर्भनिरोधक गोलियों का उपयोगआदि प्रमुख हैं। मिसकैरेज (पहली और दूसरी तिमाही): 20वें हफ्ते तक पहुंचने से पहले गर्भावस्था की समाप्ति को मिसकैरेज कहते हैं। योनि से रक्तस्रावइसका पहला लक्षण है और कुछ घंटों या कुछ दिनों तक पेट में दर्द भी होता है। दर्द हल्का या गंभीर हो सकता है और आपको ऐंठन भी हो सकती है। आपको पीठ के निचले हिस्से में दर्द और श्रोणि क्षेत्र में प्रेशर भी महसूस हो सकता है। अधिकांश गर्भपात पहली तिमाही में होते हैं और कभी कभी दूसरी तिमाही में। कभी-कभी, यह कहना मुश्किल हो जाता है कि दर्द आखिर मिसकैरेज, आरोपण या गर्भाशय के बढ़ने में से किसके कारण हो रहा है। मिसकैरेज के दौरान होने वाले दर्द और ऐंठन में अंतर रक्तस्राव के आधार पर किया जा सकता है, जो कुछ दिनों तक होता रहता है। यदि आपको मिसकैरेज के लक्षण दिखाई देते हैं तो डॉक्टर से संपर्क करें। अपरिपक्व प्रसव (दूसरी और तीसरी तिमाही): यदि आपको प्रेगनेंसी के 37वें सप्ताह से पहले की प्रसव के संकुचन का अनुभव होता है, तो आप प्री टर्म प्रसव अर्थात अपरिपक्व प्रसव की स्थिति में हैं। इससे लगातार पेट में दर्द (यह दर्द मासिक धर्म में होने वाली ऐंठन की तरह होता है), योनि से रक्तस्राव, पैल्विक हिस्से में बढ़ा हुआ दबाव और भ्रूण की गतिविधियों में कमी होती है। यदि आप उपरोक्त लक्षण महसूस होते हैं तो आपको तुरंत अपने डॉक्टर से जांच करवानी चाहिए। प्लेसेंटा का टूटना (दूसरी और तीसरी तिमाही): यह आम तौर पर तीसरी तिमाही में होता है जब प्लेसेंटा अपने आप गर्भाशय से अलग हो जाती है। लक्षणों में तेज़ और गंभीर पेट की ऐंठन, रक्तस्राव (बिना थक्के के) और संकुचन अनुभव होते हैं। कभी कभी प्लेसेंटा के टूटने पर महिला की तुरंतसिजेरियन डिलीवरी करने की आवश्यकता होती है। इनमें से किसी भी लक्षण का अनुभव होने पर तत्काल चिकित्सा पाने की कोशिश करें। हाई ब्लड प्रेशर, नशीली दवाओं का आदि होना या अतीत में प्लेसेंटा के टूटने के कारण भी ये समस्या होती है। प्री-एक्लेमप्सिया (दूसरी और तीसरी तिमाही): प्री-एक्लेमप्सिया का अनुभव, गर्भावस्था की दूसरी छमाही में किसी भी समय हो सकता है। इसमें मूत्र मेंप्रोटीन का उच्च स्तर या हाई ब्लड प्रेशर जैसे संकेत महसूस होते हैं। इसी कारण डॉक्टर हर जन्म से पहले दौरे (Prenatal visit) के दौरान ब्लड प्रेशर की जांच करते हैं। प्री-एक्लेमप्सिया के दौरान ऊपरी पेट में दर्द, गंभीरसिरदर्द, साँस लेने में कठिनाई, आंखों की दृष्टि में परिवर्तन, चेहरे, आँखों, हाथ, पैर और टखनों परसूजन और तेजी से वजन बढ़ने जैसे लक्षणों का अनुभव होता है। यदि आपको संदेह है कि आप प्री-एक्लेमप्सिया से पीड़ित हैं, तो आपको डॉक्टर को दिखाना चाहिए। (और पढ़ें - गर्भावस्था में सूजन) मूत्र पथ संक्रमण: यदि आप गर्भावस्था के दौरान मूत्र पथ संक्रमण को नजरअंदाज करती हैं, तो इससे पेट में दर्द और असुविधा हो सकती हैं, जैसे पेशाब के दौरान जलनऔर खून आना और शरीर के निचले हिस्से में दर्द होना आदि। यदि आपको उपरोक्त संकेतों के साथबुखार, पसीना, मतली या ठंड का अनुभव हो रहा है, तो आपको भी किडनी संक्रमण हो सकता है। ऐसे में आपको तुरंत इलाज की आवश्यकता हो सकती है। अच्छी बात यह है कि यूटीआई का इलाज एंटीबायोटिक दवाओं से किया जा सकता है। अपेन्डिसाइटिस: गर्भधारण में अपेन्डिसाइटिस होना एक गंभीर स्थिति है और इसका निदान करना भी मुश्किल होता है। मतली, उल्टी, भूख में कमी आदि सभी अपेन्डिसाइटिस के लक्षण होते हैं। ये सभी गर्भावस्था के लक्षणों के समान ही होते हैं और यही कारण है कि इसका निदान करना मुश्किल हो जाता है। यद्यपि पेट के निचले दाहिने भाग में अपेन्डिसाइटिस का दर्द होता है। आप गर्भावस्था के दौरान इसे थोड़ा अधिक महसूस करेंगी क्योंकि अपेन्डिसाइटिस का दर्द लिवर या पेट के नीचे तक पहुंच जाता है। (और पढ़ें - गर्भावस्था में भूख न लगना) पित्ताशय में पथरी: यदि आप 35 वर्ष से अधिक उम्र की हैं, अधिक वजन वाली महिला हैं या आपके परिवार में या आपको ऐसा कुछ हो चुका है तो आपके पित्ताशय में पथरी होने की अधिक संभावना है। पेट के ऊपरी दाएं भाग में आपको तेज़ दर्द हो सकता है, और पीठ तथा दाएं कंधे के नीचे दर्द हो सकता है। (और पढ़ें - गर्भावस्था में दर्द) प्रेग्नेंसी में पेट में होने वाले दर्द का इलाज - Abdominal pain treatment during pregnancy in Hindi यदि आपको थोड़े दर्द का अनुभव हो, तो आप इससे राहत पाने के लिए निम्न सरल युक्तियों का उपयोग कर सकती हैं: (और पढ़ें - गर्भवती महिला के लिए भोजन) दर्द वाले हिस्से पर गर्म पानी की बोतल से सिकाई करें, या गर्म पानी से स्नान करें। गैस के दर्द को दूर करने के लिए नियमित रूप से व्यायाम करें। आराम पाने के लिए जितनी बार हो सके आराम करें। खूब सारा पानी या तरल पदार्थ पिएं। फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ जैसे, चोकर, फल औरसब्ज़ियां खाएं। बार बार लेकिन थोड़ा भोजन करें। (और पढ़ें - प्रेगनेंसी में गैस बनना)  गर्भावस्था में पेट में दर्द होने पर डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए - When to call doctor for abdominal pain during pregnancy in Hindi यदि आपको पेट में गंभीर दर्द या ऐंठन है, तो डॉक्टर से जांच कराने में संकोच न करें।निम्नलिखित परिस्थितियों में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें: पहली तिमाही के दौरान रक्तस्राव या स्पॉटिंग के साथ तेज़ दर्द का अनुभव। (और पढ़ें - गर्भावस्था में रक्तस्राव) खून के साथ या बिना पेट में दर्द। सिरदर्द, उल्टी, मतली और चक्कर आना। हाथों और पैरों में गंभीर सूजन या एडिमा। पेशाब के दौरान जलन और दर्द होना। बुखार या ठंड लगना। दृष्टि में परिवर्तन जैसे प्रकाश के प्रति संवेदनशीलता, धुंधला दिखाई देना, अस्थायी अंधापन या फ्लैश लाइट्स दिखना। लगभग एक घंटे में चार संकुचन महसूस करना। यह समय से पूर्व प्रसव का संकेत हो सकता है। यदि आपको गर्भावस्था के दौरान पेट में दर्द हो तो आपको डरने या चिंता करने की ज़रूरत नहीं है। यह गैस बनने के कारण भी हो सकता है, लेकिन एक ही समय में लगातार होने वाले दर्द को आप अनदेखा नहीं कर सकतीं। अपना ध्यान रखें और अगर ज़रूरत पड़े तो डॉक्टर से संपर्क करें।
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सवाल: mere pet k niche right side me chlne se dard ho raha h or kbhi left me
उत्तर: हैलो डियर--गर्भ में मांसपेशियों और जोड़ों नसो और हड्डियों पर ग गर्भ में पल रहे बच्चे द्वारा पढ़ने वाले दबाव के कारण दर्द उत्पन्न होता है।इसका असर आसपास के क्षेत्रों पर भी पड़ता है जब भी आप हिलती-डुलती या चलती है तो आपके शरीर में कभी किसी कभी किसी तो कभी दोनों और दर्द महसूस होता है।पेट दरद की स्थिति में आप थोड़ी देर बैठ जाएं आराम करें और जिस और दर्द हो रहा है उस के दूसरीऔर करवट लेकर लेट जाएं दर्द से राहत के लिए हल्के गुनगुने पानी से नहाएं।और अगर आपका पेट दर्द बढ़ता ही जा रहा है और किसी प्रकार का स्त्राव हो रहा हो तो आपको देरी नहीं करना चाहिए और डॉक्टर से कंसल्ट करना चाहिए बिना डॉक्टरी सलाह के कोई भी मेडिसिन ना ले।
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