5 महीने का बच्चा

Question: mere baby boy को five or six days me potty आती hai kya karu

1 Answers
सवाल
Answer: hello dear, बेबी का पॉटी ना करना ,कम पॉटी करना या तीन चार दिनों में एक बार नॉर्मल है बच्चे मां का दूध पीते हैं और मां के दूध में बहुत कम मात्रा में वेस्टेज होता है वेस्टेज की मात्रा कम होने के कारण पार्टी का निर्माण बेबी के शरीर में बहुत कम मात्रा में होती है जिसके कारण भी तीन-चार दिनों में पॉटी करते हैं| बच्चे के पेट में एंटी क्लॉक वाइज हिंग से धीरे-धीरे मसाज करें ,बेबी,को साइकिल एक्सरसाइज कराएं जिससे की पॉटी सॉफ्ट होकर बाहर निकलेगी अगर आपको फिर भी बहुत ज्यादा समस्या हो रही है तो आप डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं बेबी को किसी भी प्रकार की दवाइयां या और चीजें बिल्कुल भी ना दे।
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सवाल: hamara bachcha five ya six dino me potty karata hai par kyon
उत्तर: hello ब्रेस्ट मिल्क में वेस्टेज की मात्रा बहुत कम होती है और जब बेबी को दूध अच्छे से डाइजेस्ट हो जाता है तो वह बहुत कम सुसु पोटी करता है। बच्चा 10 दिन में एक बार पाॅटी करें या 1 दिन में 10 बार पाॅटी करें तो यह नॉर्मल है आप परेशान ना हो बच्चे को अपना दूध पिलाती रहें।
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सवाल: mere baby five month ka hai or uske potty se bhut smel aati hai
उत्तर: हेलो डियर अगर आपका बेबी फार्मूला मिल्क पिता है तो उसके कारण ऐसा हो सकता है जो बच्चे फार्मूला मिल्क पीते हैं उनकी पॉटी से स्मेल आता है और अगर आपका बेबी आपका दूध पीता है तो हो सकता है कि आपके खाने पीने में ऐसा आ गया हो जिसके कारण उसके पॉटी से स्मेल आ रही है इसमें चिंता की कोई बात नहीं है आम बात है अब बिल्कुल भी घबराइए नहीं आप उसे अच्छे से दूध पिलाते रहिए ।
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सवाल: Mere baby ko 3 days baad potty hoti hai wo potty roz kare iske liye mai kya karu.
उत्तर: एक नवजात शिशु अपना पहला मल पैदा होने के 24 घंटे भीतर निकाल देता है। लकिन कुछ बच्चे जो की कब्ज से ग्रस्त होते है उन्हें यह काम करने में तकलीफ होती है। उनमे या तो मल सूखा हो सकता है या रुक रुक कर आ सकता है या उनका मल कठोर हो सकता है। जिसको की आसानी से है निकाला जा सकता है। कभी कभी जब भी आप किसी अभिभावक को रोते हुए बच्चे के साथ देखे जिसे की बहुत ही असुविधा हो रही हो तो आप यह मान सकते हैं की बच्चे को कोलिक हुआ है। पर जबकि कोलिक एक आम अस्थायी दशा है , शिशुओ में गंभीर कब्ज की शिकातय एक गंभीर समस्या हो सकती है।मल निकालने में बहुत ताकत लगानी पड़ती है जिसमे की वे अपने पैर अपने पेट की तरफ ले आते हैं और यह काम करते वक्त उनका चेहरा लाल हो जाता है। सबसे बदतर दशा में एक सख्त मल को निकालते वक्त बच्चे के मलाशय की दीवार फट सकती है। जिसकी वजह से कभी कभी खून निकल सकता है। यह लक्षण अभिभावकों के लिए चिंता की बात है और बच्चे के लिए भी बहुत दुःख की बात है ।नए पैदा हुए शिशुओ में कब्ज से निपटने के लिए यहाँ कुछ सुझाव दिए हैं :गर्म पानी के अंदर बच्चे के पेट की मालिश करने से और गुनगुने तेल से पेट की हल्की मालीश करने से भी बच्चे की आंत उत्तेजित हो जाती है  और मल निकालने में आसानी हो जाती है जिसकी वजह से उसे कब्ज से राहत मिल जाती है।अगर बच्चे को बोतल से दूध पिलाया जाए तो ऐसा हो सकता है की वह ब्रांड उसके पाचन तंत्र के लिए सही न हो तो इसलिए अलग अलग उद्योग के दूध पिलाए जा सकते हैं ताकि उसके लिए सबसे बेहतर दूध मिल सके।
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