4 years old baby

Question: mera bachcha pero se kamjor hai thodi der chalta hai or gir jata hai uske liye kya karu .

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सवाल
Answer: हेलो डियर कैल्शियम से भरपूर खाना दीजिए जैसे कि दूध दही पनीर आदि डॉक्टर से पूछकर विटामिन डी की दवा दे सकते हैं बच्चों के पैरों को मसाज करने से उन्हें आराम मिलता है साथ ही साथ स्ट्रेचिंग से भी इस दर्द में जल्दी राहत मिलती है बच्चे के खाने में काजू बदाम प्रोटीन की चीजें ghee सभी तरह के daale हरी सब्जियां गाजर स्प्राउट्स आदि शामिल करें बाकी dear किसी अच्छे डॉक्टर से भी इस बारे में कंसल्ट करें
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सवाल: Bachcha kamjor Ho To Kya Kare uske liye
उत्तर: गर्भावस्था के दौरान गर्भवती महिला को प्रोटीन और आयरन तथा कैल्शियम की आवश्यकता अधिक होती है। अतः वजन बढ़ाने के लिए आपको दिन में कम से कम 2 से 3 बार दूध और दूध से बनी चीजों को लेना चाहिए हरी पत्तेदार सब्जियों का और ताजे फलों का सेवन करना चाहिए खानपान में कार्बोहाइड्रेट और वसा की मात्रा को बिल्कुल भी ना बढ़ाएं अपने डॉक्टर से परामर्श ले कर विटामिंस और प्रोटीन के सप्लीमेंट्स ले सकती हैं। इन सब के सेवन से आपके बच्चे के स्वास्थ्य में बदलाव आएगा और वह स्वस्थ hoga  
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सवाल: mera beta 2 dino se thodi thodi der mai rone lagta hai kya karu
उत्तर: छोटे बच्चों का रोना समझना बहुत मुश्किल है बच्चों का रोना बेवजह नहीं होता है बच्चे कुछ कारण से ही रोते हैं जो हम समझ नहीं पाते और बच्चों को थोड़ी देर के लिए चुप करा लेते हैं लेकिन मैं थोड़ी देर बाद फिर से रोना चालू करते हैं बच्चों की रोने की बहुत सारी वजह होती है जैसे अगर बच्चों को भूख लगी होती है तो वह बहुत रोते हैं कई बार ऐसे होता है कि बच्चे तुरंत दूध पीते हैं और थोड़ी देर बाद फिर से रोना चालू करते हैं क्योंकि उनका पेट बहुत छोटा होने की वजह से सूसू पार्टी करने से और कुछ एक्टिविटी करने से उनका पिया हुआ दूध जल्दी से डाइजेस्ट हो जाता है फिर थोड़ी देर बाद उनको भूख की वजह से रोना पड़ता है दूसरी वजह होता है diper अगर गीला हो जाता है तो बच्चे discomfortकी वजह से रोने लगते हैं बच्चे को कुछ नया चीज महसूस करने से वह बहुत होते हैं उनको गीलापन बिल्कुल पसंद नहीं होत तीसरी wajah यह हो सकती है कि अगर बच्चा रुम में सोया है तो वहां का टेंपरेचर या तो बहुत ज्यादा है या तो उनको बहुत ठंडी लगी हो जिसके कारण भी रोने लगते हैं isliyeअब अगर बच्चा यदि रुम में सो रहा हो तो बच्चे को बार बार चेक करना चाहिए बच्चा अगर बहुत थका हुआ हो तो वह अपनी मम्मी के गोदी के लिए बहुत रोता है ऐसे भी बच्चे को थोड़ा मालिश करें और उसे आराम से अपने गोद में सुनाए
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सवाल: mera baby bahut kamjor hai time ke hisab se uske liye kya kare
उत्तर: जब आप प्रेगनेंट होती हैं तब यह बहुत जरूरी है कि आप अपना आहार पौष्टिक है. इससे आपको और आपके होने वाले बच्चे को पौष्टिक तत्व मिलेंगे. प्रेग्नेंसी में कुछ अधिक कैलोरी की जरूरत होती है. प्रेगनेंसी में सही आहार का मतलब है -आप क्या खा रही हैं ?ना कि कितना खा रही हैं? जंक फूड का सेवन ज्यादा ना करें. isme कैलोरी ज्यादा है पोष्टिक तत्व कम या ना के बराबर होते हैं. फोलिक एसिड आपको 1 ट्रिमस्टर में ही चालू करदेना चहिये। फ़ोलिक एसिड का होने वाले बच्चे की ग्रोथ में बहुत बड़ा योगदान रहता है। फ़ोलिक एसिड विटामिन है ।विटमिन B 9। ये आपको खाने पिने में फॉलेट नाम से मिलेगा । बाबी के इस्पीनलकार्ड के चारो और पॉलिब पेरत को सही तरीके से बंद करता है।वाहा गप नहीं आने देता। मा के लिए भी बहुत जरुरी है ।विटमिन B 12 के साथ मिलकर हेअल्थी रेड सेल्स बाँटा है। folic acit ke liye ye khaye. ब्रोकली ऐस्पैरागस खट्टे फल हरी पत्तों वाली सब्जियां ओकरा फूलगोभी भुट्टा गाजर 1) दूध और डेयरी के ले सकती हैं. मलाई वाला दूध दही छाछ घर का पनीर इन सब में कैल्शियम प्रोटीन और विटामिन बी12 बहुत होता है. 2) सभी अनाज ,दालें . इन सब में प्रोटीन बहुत अच्छा होता है. 3) पेय पदार्थों में आप पानी bahut piyen.खास करके आप साफ पानी joki फ़िल्टर किया हुआ. ताजे फलों का रस ले. डिब्बाबंद juis nahi le. इसमें शक्कर की मात्रा बहुत ज्यादा होती है. 4) वसा और तेल . वेजिटेबल ऑयल का वसा एक अच्छा स्रोत है क्योंकि इसमें संतृप्त वसा अधिक होता है. इन सभी चीजों के साथ आप डॉक्टर की सलाह मानें .जो भी टेस्ट किए हैं दिए गए हैं उन्हें करवाएं समय पर. दवाइयां समय पर ले और नींद पूरी. खाना जो भी खाएं अच्छे से चबाकर खाएं. प्रेगनेंसी के समय मिल्क प्रोडक्ट calcium और प्रोटीन बहुत जरुरी होता है। डेयरी प्रोडक्ट प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए सबसे बेहतर होता है। जैसे अंडा, चीज, दूध, दही और पनीर मां और बच्चे दोनों के लिए फायदेमंद होता है। कैल्शियम भी पर्याप्त मात्रा में होती है जो फीटस के बोन टिशू के विकास के लिए आवश्यक होता है। प्रोटीन की मात्रा काम होने से बच्चे की ग्रोथ में बहुत अंतर आता है। प्रोटीन जरूरी पौशाक तत्वों में से है। बच्चे का विकास और एम्निओटिक टिशू का कार्य प्रोटीन पर निर्भर करता है। गर्भावस्था के दौरान प्रोटीन की kaam मात्रा बच्चे के sahi विकास में बाधा पहुंचा सकती है और इससे शिशु का वजन भी कम हो सकता है। यह बच्चे के बढ़ते मस्तिष्क पर नकारात्मक प्रभाव भी डाल सकता है।  बस एक मुट्ठी नट्स प्रोटीन की अपनी दैनिक आवश्यकताओं को पूरा कर सकता है। नट्स जैसे बादाम, मूंगफली, काजू, पिस्ता, अखरोट और नारियल में उच्च मात्रा में प्रोटीन की मात्रा होती है जो बच्चे के विकास के लिए जरूरी होता है। बीज जैसे कद्दू, तिल और सूरजमुखी में भी प्रोटीन पर्याप्त मात्रा में होती है।  इनमें से कई ऐसे हैं जिनमें प्रोटीन की मात्रा बहुत अधिक होती है जैसे- मूंग, काले और फवा बिन्स, मसूर, मटर और चना. ओट्स में प्रोटीन बहुत उच्च मात्रा में पाई जाती है . केयर
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