3 महीने का बच्चा

Question: mera ldka oct m3 year ka ho jayega but boh abi itni clear batte nhi krta h kya esa hota h

2 Answers
सवाल
Answer: हेलो डीआर, सभी बचों का विकास दर एक सामान नहीं होता है। यही वजह है की जहाँ कुछ बच्चे ढाई साल का होते होते बहुत बोलना शुरू कर देते हैं, वहीँ कुछ बच्चे बोलने मैं बहुत समय लेते हैं। इसका मतलब ये नहीं है की जो बच्चे बोलने में ज्यादा समय लेते हैं वो दिमागी रूप से कमजोर हैं, बल्कि इसका मतलब सिर्फ इतना है की उन्हें शारीरिक रूप से तयार होने में थोड़े और समय की जरूरत है और फिर आप का भी बच्चा दुसरे बच्चों की तरह हर प्रकार की छमता में सामान्य हो जायेगा।आप शिशु के बोलने की प्रक्रिया को आसन घरेलु उपचार के दुवारा तेज़ कर सकती हैं। 1.कई बार  मां बाप के व्यस्त जिंदगी के कारण कुछ बच्चे देर से  बोलना शुरू करते हैं।  इन बच्चों के लिए आपको ऐसा माहौल तैयार करना पड़ेगा कि यह अपने दिन का कुछ समय दूसरे लोगों के संपर्क में बिता सके।  ताकि इन्हें बोलने का भरपूर मौका मिले।  2.अगर आपका शिशु देरी से बोलना सीखा है तो आप अपने बच्चे को सिखाते वक्त दूसरे बच्चों का उदाहरण ना दें। 3.आप अपने बच्चों को दूसरे बच्चों के साथ घुलने-मिलने का मौका दें इससे आपका बच्चा  दूसरों के संपर्क में, बोलने की कोशिश करेगा।  दूसरे बच्चों को देखकर उनसे सीखने की कोशिश करेगा। 4.बच्चों को जानवर उपकरण और खिलौने खेलने को दें।  उनके साथ खेलते वक्त जानवर और खिलौनों की आवाज निकाले।
Answer: परेशां नहीं होइये।। बचा जल्दी ही मां बोलेग।।और इतनी बातें करेगा की आप बोलेंगी उफ़ कितनी बात करता है । नोर्माल बेबी 1 से 2 साल का 2 शब्द ही बोल पता है। 3 से 4 साल का 1000 शब्द का उसे करता है। कुछ उपाए है।। कर के देखे । मुझे उम्मीद है आपको हेल्प होगी । १) बछो को बच्चो के साथ प्ले करने देण।वह आपने आप उनसे सिखेंगे। २)सबसे पहली टीचर पेरेंट्स है।। आप समय देते है अब थोड़ा और समय दे बच्चे को। ३)स्टोरीज सुनाये फिर कुछ वर्ड्स बार बार बोले ।उनको एक्शन करके बताये और उनको भी करने बोलण। ४)आप बच्चे के सामने फोनिक्स बोले और उसको फिर से बोलने बोले। ५)कोई भी ऐसी एक्टिविटी बच्चे के अच्छे मूड होने पैर करे।
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    Preety Sharma1076 days ago

    thanks advice deneKe liye

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    Preety Sharma1076 days ago

    m try krungi

समान प्रश्न, उत्तर के साथ
सवाल: sb khate h pregnancy m khuch bhi khane ka man hota h . but mera kuch bhi khane ka man nhi krta esa ku
उत्तर: डियर पहली तिमाही में हमें ज्यादातर प्रॉब्लम होती है पर किसी किसी लेडी को पूरी प्रेग में रहती है ,जैसे कि उल्टी आना जी मचलाना हमारे मुंह का स्वाद चेंज हो जाना भूख ना लगनआ डिअर ज्यादातर महिलाओं को यह प्रॉब्लम होती है और यह हमारे हारमोनल चेंज होने के कारण भी होती है क्योंकि प्रेगनेंसी के दौरान हमारे हमने चेंज होते हैं जिस कारण यह हमें परेशानी होती है डिअर यह सब नॉर्मल है इससे आप घबराएं नहीं, डियर वैसे तो हमें पूरी प्रेगनेंसी में 11 से 15 किलो तक वजन बढ़ना चाहिए पर सबसे कम वजन हमारा पहली तिमाही में बढ़ता है उसकी वजह सबसे बड़ी यह है कि उल्टी और जी मचलाना और स्वाद चेंज हो जाने के कारण हमें कुछ नहीं अच्छा लगता हम खाते पीते भी कम है इस वजह से हमारा वजन कम भी हो जाता है कभी-कभी हमें पहली तिमाही में 1 से 2 किलो ही वजन बढ़ता है और कभी-कभी डिअर कम भी हो जाता है तो उसके लिए आप टेंशन मत लीजिए,अगर आपका वजन ज्यादा कम हो तो आप डॉक्टर की सलाह ले सकते हैं डिअर इसके लिए आप पानी दिन में कम से कम 7 से 8 गिलास पीजिये, नींबू पानी और अदरक वाली चाय भी पी सकते हैं और जी मिचलाने के लिए आप सुबह खाली पेट अदरक का टुकड़ा मुंह में डाली है उसे आपके जी मचलाने की प्रॉब्लम सॉल्व होगी डियर आप खाना थोड़ा-थोड़ा खाइए एक ही बार भर पेट ना खाएं अगर आप दिन में तीन बार खाना खाते हो तो उसको 6:00 टाइम कीजिए 6 बार खाई पर थोड़ा थोड़ा खाई है क्योंकि ज्यादा खाना खाने से भर पेट खाना खाने से एक बार में हमें उल्टी और जी मिचलाने लगता है तो इस बात का आप जरूर ध्यान दीजिए थोड़ा थोड़ा खाइए थोड़ी थोड़ी देर में आप कुछ ना कुछ लिख भी लेते रहिए डियर डिअर आप हल्का खाना खाइए जैसे कि थोड़ा सा खाया और आपका पेट भरा भरा लगे जैसे कि केला और कैल्शियम के लिए आप दही का भी सेवन कर सकते हैं इसमें प्रोटीन कार्बोहाइड्रेट का सेवन ज्यादा कीजिए क्योंकि इससे आपको फायदा मिलेगा q
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सवाल: Muze bahot jada weakness aa gayi h .. sirf sone ka man krta h .. isase mera baby lazy ho jayega kya?
उत्तर: डियर देखिए प्रेग्नेन्सी मे वेअकनेस होना आम बात है क्योकि डियर हमारे शरीर मि हॉरमोन के बदलने की वाज्ह से शरीर मे काफी बदलाव होते बाई जिंस कारण शरीर मि काफी प्रॉब्लम्स आती है जैसे कमज़ोरी थकान खुजली पेरो मि दर्द सुजन डिअर नींद ज्यादा आना भी प्रेगनेंसी में आम बात है थकावट की वजह से भी नींद आती है bp लौ बी होता है जब नींद ज्यादा आती है यह समस्या पहेली तिमाही में ज्यादा होती है पर दूसरी तिमाही में कम हो जाती है लेकिन तीसरी तिमाही में यह फिर से शुरू हो जाती है इस दौरान बेबी का बजन भी बढ़ जाता है जिस कारण माँ को उस बड़े बजन के साथ हर वक्त रहना पड़ता है पर पहेली तिमाही में मा को।इसका पतकम चलता है ज्यादा बजन के साथ रहना भी थकान का कारण बन जाता है इसकी वजह से नींद भी ज़्यादा आती है और कमजोरी पीठ दर्द व कमर दर्द होता है साँस लेने में परेशानी ,बेहोशी ओर कमजोरी आयरन की कमी के कारण एनीमिया के होने के कारण भी होता है डियर ऐसी मि आप जादा काम ना करे अगर काम करे तों रुक रुक कर काम करे थोड़ी थोड़ी देर मे रेस्ट करते राहें जादा कमकाज करने से भि थकें व कमज़ोरी आती है आप कुछ न कुछ खाते रहे आपको अपने आहार में फाइबर, आयरन, कैल्शियम, विटामिन सी, फोलिक एसिड युक्त भोजन करना चाहिए। फाइबर युक्त भोजन हरी सब्जिया, फ्रूट्स। आयरन युक्त भोजन फिश, चिकन, एग योल्क, ब्रोक्कोली, मटर, पालक, जामुन, सोयाबीन। कैल्शियम युक्त भोजन डेयरी उत्पाद, दलिया, बादाम और तिल के बीज। विटामिन सी युक्त भोजन खट्टे फल, टमाटर, स्ट्रॉबेरी, ब्रोकोली और गोभी। फोलिक एसिड युक्त भोजन छोला, हरे पत्ते वाली सब्जियां ले डिअर आप टेंशन न ले अपनी नींद पूरी ले एक्सरसाइज भी करे तजोड थोड़ा टहले भी आपकी प्रेगनांच्य को नार्मल बनने में सहायक जोटा है आप योग भी करे लिक्विड ज्यादा ले अपना ख्याल रखे टेक केअर
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सवाल: Mera beta 3 saal 7 month ka hai but abi baatein nhi krta
उत्तर: यदि हम बच्चे से शुरुआत में विभिन्न भाषाओं में बात करते हैं जैसे अंग्रेजी हिंदी कन्नड़ तेलुगू तमिल इत्यादि तो बच्चे कंफ्यूज हो जाते हैं और ठीक प्रकार से बोलना नहीं सीख पाते हैं या फिर देर से बोलना शुरू करते हैं इसलिए जब आपका बच्चा छोटा हो और आप उसे बोलना सिखा रहे हैं तो उससे अपनी मातृभाषा में ही बात करें जिससे बच्चा जल्दी बोलने लगता है इसके बाद जब बच्चा अच्छे से बोलने लगे तब आप उसे अन्य भाषाएं भी सिखा सकते हैं लेकिन आपको घबराने की आवश्यकता नहीं है आप अभी भी अपने बच्चे के साथ प्रयास कीजिए कि उससे आप अपनी मातृभाषा में बात करें और ज्यादा से ज्यादा उसे समय दें उसके साथ बातें करें खेले और उसे छोटे-छोटे शब्द बोलना सिखाए फिर धीरे-धीरे आप से लंबे सेंटेंस सिखा सकती हैं यदि 5 साल तक बच्चा अच्छे से बोलना नहीं सीखता है तब आप उसे स्पीच थेरेपी दिला सकते हैं।
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