10 महीने का बच्चा

Question: mera baby 9 mhine ka h pr wo kuch nhi khata mein kya kru

3 Answers
सवाल
Answer: हल्की बीमारियों से बच्चों का शरीर ठीक तो हो जाता है लेकिन उनके पाचन तंत्र को फिर से दुरुस्त होने में थोड़ा समय लगता है  शरीर में जिंक (zinc) के स्तर का कम होना जिन्हें भूख नहीं लगता है या फिर भूख कम लगता है उनके शरीर में जिंक की कमी भी पाई गई है।   जिंक (zinc)  शरीर में एक बहुत ही महत्वपूर्ण काम करता है।  शरीर इस एसिड का इस्तेमाल करता है आहार को ठीक तरह से पचाने के लिए।  शिशु को ऐसे  आहार प्रदान करने से  जो जिंक (zinc) के अच्छे स्रोत हैं,  शिशु की भूख को बढ़ाया जा सकता है।  वह आहार जो जिंक (zinc)  अच्छे स्रोत हैं,  वह यह है -  गेहूं का चोकर,  काजू,  कद्दू का बीज और चिकन। दो आहारों के बीच उचित समय का अंतराल दो आहारों के बीच कम से कम 3 से 4 घंटे का समय अंतराल होना चाहिए।  3 घंटे से पहले अगर आप अपने शिशु को दूसरा आहार देने की कोशिश करेंगे तो वह बे मन से खाएगा।   क्योंकि उसका पेट पहले आहार से भरा हुआ है और अभी उसे भूख नहीं लगी है।  अगर आप शिशु को जबरदस्ती खिलाने की कोशिश करेंगे तो उसका शरीर आहार को ठीक से पचा नहीं सकेगा और फिर शिशु को बहुत देर तक भूख नहीं लगेगी।   संपूर्ण आहार (Whole grains) की वजह से भूख नहीं लगना संपूर्ण आहार (Whole grains) की वजह से भी शिशु को बहुत देर तक भूख नहीं लग सकती है।  ऐसा इसलिए क्योंकि संपूर्ण आहार में फाइबर होता है -  और फाइबर को पचाने के लिए शरीर को समय लगता है।  बहुत ज्यादा दूध या दूध उत्पाद गाय का दूध और दूध पाउडर, दोनों,  शिशु के भूख को कम कर देते है।   इसीलिए कोशिश करें कि बच्चों को दिन भर में दो से तीन बार से ज्यादा दूध ना दिया जाए।  अगर आप का शिशु ठोस आहार ग्रहण करने लगा है,  तो  ठोस आहार पर ज्यादा ध्यान दें। शिशु का भूख बढ़ाने का  घरेलू नुस्खा  यहां हम आपको बताने जा रहे हैं कुछ ऐसे आहार, जो आपके शिशु की भूख को बढ़ाने में मदद करेंगे।  अजवाइन अजवाइन बच्चों का भूख बढ़ाने का जाना-माना दवा है।  यह बच्चों के पेट में गैस की समस्या को भी दूर करता है।   बच्चों के लिए यह इतना सुरक्षित है कि आप इसे 6 महीने के बच्चे को भी दे सकते हैं -  लेकिन अजवाइन के पानी के रूप में।   अगर आपका शिशु ठोस आहार ग्रहण करने लगा है तो आहार तैयार करते वक्त,  जैसे पराठा बनाते वक्त आप उसमें अजवायन की थोड़ी मात्रा मिला सकती हैं।  अजवाइन शिशु को सर्दी और जुकाम से भी बचाता है। हींग  बच्चों को गैस की समस्या से बचाने का एक कारगर इलाज है।  बच्चों के लिए जब भी आप भोजन तैयार करें उसमें हिंग की थोड़ी सी मात्रा मिला दे।   तुलसी  तुलसी आहार को पचाने में मदद करता है और बच्चों के भूख को बढ़ाता है।  8  महीने से बड़े उम्र के बच्चे को आप उसके आहार में तुलसी दे सकती हैं।  दालचीनी  दालचीनी सभी उम्र के लोगों के लिए भूख बढ़ाने की अचूक दवा है।  6 महीने से बड़े बच्चों को आप उनके आहार में दालचीनी देना शुरू कर सकती हैं।  च्यवनप्राश च्यवनप्राश सदियों से आजमाया हुआ एक बेहतरीन दवा है बच्चों और बड़ों के भूख को बढ़ाने का।  यह भूख बढ़ाने के साथ-साथ आहार को पचाने में भी मदद करता है।   6 साल से बड़ी उम्र के बच्चों को आप चमनपरास सुरक्षित रूप से दे सकती हैं।  हल्दी शिशु के आहार में जैसे खिचड़ी या दाल में हल्दी मिलाकर खिलाने से शिशु को कई प्रकार के फायदे पहुंचते हैं।   यह शिशु के पेट में कीड़ों को पनपने नहीं देता है,  अपच की समस्या को खत्म करता है,  भूख को बढ़ाता है और शिशु के शारीरिक ताकत को भी बढ़ाता है।   हल्दी को आप शिशु के 6 महीने होते ही देना प्रारंभ कर सकती हैं।  अदरक अदरक  2 साल से बड़े बच्चों के लिए भूख बढ़ाने के लिए बहुत कारगर है।  बच्चों को आप अदरक कई प्रकार से दे सकती हैं उदाहरण के लिए आप उनके बटरमिल्क में या छाज में मिलाकर दे सकती है।   कोशिश करें कि ऐसे आहार जिनमें आप अदरक मिलाएं शिशु को दोपहर तक दे दें। दोपहर के बाद बनने वाले आहार में अदरक ना मिलाएं। मूंगफली मूंगफली में जिंक होता है।  भूख बढ़ाने में मदद करता है।    लेकिन 1 साल से छोटे बच्चों को मूंगफली खाने के लिए नहीं दें।  मूंगफली में कुछ ऐसे तत्व होते हैं जो 1 साल से छोटे बच्चों में एलर्जी की प्रतिक्रिया शुरू कर सकते हैं।   गाजर का जूस छोटे बच्चों के लिए गाजर बहुत फायदेमंद है।  3 महीने के बच्चों को या उससे बड़े बच्चों को गाजर के छोटे-छोटे टुकड़े चबाने के लिए दे सकती हैं।   खाने से आधा घंटा पहले बच्चों को  आधा कप गाजर का जूस देने से उनका भूख जाग जाता है दही दही के अत्यधिक सेवन से बच्चों का भूख खत्म हो सकता है।  लेकिन उन्हें इसकी थोड़ी मात्रा देने से उनके भूख में बढ़ोतरी होती है अगर आप बच्चों को दही दे रही हैं तो उन्हें कुछ घंटों के लिए दूध ना दे।  दही 8 से 9 महीने से बड़े बच्चों को देना सुरक्षित है।
Answer: आपका बेबी 9 मंथ का हो गया है और कुछ नही खता तो आपको उसे अब सॉलिड फ़ूड देना चाहिए क्युकी दूध के साथ साथ सॉलिड फ़ूड भी बेबी के ग्रोथ के लिए बहुत जरुरी है , आप बेबी को खिलने में थोड़ा जाएदा टाइम दे , अलग अलग तरह के फ़ूड बना के बेबी को दे जिससे अगर बेबी को एक फ़ूड पसंद न आये तो आप दूसरा बना के दे तो सायद वो खा ले । आप बेबी को खाने में बहुत तरह की चीज दे सकती है जैसे :- सूबह में उठने के बाद दूध के साथ बादाम का पेस्ट डालकर बेबी को पीला सकती है । सूबह के नास्ते में आप बेबी को फार्मूला मसूद डोसा , िड़लि, दाल का पानी दूध के साथ रोटी , बॉयल्ड एप्पल , मसूद बनाना , फ्रेश जूस , रागी दूध के साथ दे सकती हैं । दोफार के खाने में - दाल रोटि, दाल चवाल, केरेलै, सूजी का हलवा , खिचड़ी दे सकती है । शाम में ाओ बेबी को मिल्क या ड्राई फ्रूट्स का हलवा बना के दे । रात में आप बेबी को सजी का खीर , दाल रोटी या दलीय दे सकती हैं और साइन टाइम दूध । आप बेबी का सारा खाना घी में ही बनाये ।
Answer: आप अपने बेबी को जब भी आप खाना खाने बैठने जाये तब आपको अपने बेबी को भी साथ मे बैठ ले और खाना खाएं आपका बेबी आपको देख कर नकल करने कु कोशिश करेगा और आपको खाते हुए देख कर वह भी खाने की khoshish करेगा आप अपने बेबी को cartoon दिखा कर खिला सकती है आप अपने खाने मे अलग अलग तरह की चीजें बना कर खाने के लिये dijiya आपका कुछ अलग देख कर खाने की कोशिश karega
समान प्रश्न, उत्तर के साथ
सवाल: mera baby 6 mhine ka ho gya h kuch nhi khata h kya kru
उत्तर: हेलों 6 महीने के बच्चे का मुख्य खाना माँ का मिल्क या फॉरम्यूला मिल्क होता है .आंप धीरे धीरे बच्चे को सॉलिड फ़ूड इंट्रोड्यूस करवायें हो सकता है आपका बच्चा एक चम्मच भी खाना खायें आप बच्चे को दलिया दाल चावल का पानी दाल चावल मिक्सर में ग्राइंड कर के सूजी की खीरे केला ऐपल pyuri बॉइल आलु इडली मॅश कर के वेजिटेबल सूप दे सकती है अगर आपका बच्चा ब्रेस्ट फीड करता है तो आप अपने khane में हेल्थी चीज़ें खायें ताकि आपके बच्चे को पूरा न्यूट्रिशन मिल सकें बच्चे को बार बार फीडिंग करवायें कि पानी की कमी ना हो बच्चे को इन डाइजेस्न होने पर केवल ब्रेस्ट फीड या फ़ोर्मुला मिल्क ही pilaye .
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सवाल: ही डॉक्टर मेरा बेबी 9 महीने का h वो कुछ khata पिता नहीं h बहुत कमजोर भी h वो क्या करूँ m कुछ बताओ प्लीज आप
उत्तर: हेलो डियर यदि आपका बेबी कुछ खाना नहीं खाता है तो आपको उसे खेलते वक्त खाना खिलाना चाहिए और आपको उसे एप्पल उबालकर उस की पेस्ट बनाकर खिलानी चाहिए फ्रूट जूस पिला नहीं चाहिए उबले हुए आलू खिलाने चाहिए केले खिलाने चाहिए इससे बेबी की ग्रोथ अच्छे से होगी अपना और बेबी का ख्याल रखना
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सवाल: mera beta 9 month ka hoga h.. pr uska wait nhi badh rha doctor ka kehna h ki wo under weight h aur kuch khata b nhi h ... iska weight badane ke liye mein kya kru
उत्तर: आप अपने बेबी के भोजन में खास ध्यान दीजिए।आप उनके लिए रोज़ नयी नयी चीजें बनाकर खिलाएं।बेबी को वेजिटेबखिचडी,उपमा,इडलि,डोसा,दलिया,फ्रुइट्स की प्यूरी ,पुड्डिंग्स ये सब बना कर दीजिए । खाने में देसी घी मिलाकर खिलाएं. प्रोटीन युक्त भोजन खिलाएं आप उन्ह एग भी खिला सकती है। उन्हें दही खिलाएं, केला मैश करके दे। आप बच्चे को आलू खिलाएं।शकरकंद खिलाएं। 2se3बादाम को रात में पानी में भिगोकर सुबह उसके छिलके निकलकर पीस कर बच्चे को दे आपको जरूर फायदा होगा। आप बच्चे को अवोकदो, चीकू,आम,केला, ऐपल, कद्दू, गाजर, बीट रूट, हरा मटर, गोभी, ब्रोकली ग्राइंड करकें pyuri बनाकर भी खिला सकती है। आप उन्हें कैल्शियम युक्त अहार दिजिय। डेयरी प्रॉडक्ट हलका चीज़ बटर घी दूध इसमें भरपूर मात्रा में कैल्शियम मिलता है। आप उन्हें एग भी दे सकती है।
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सवाल: mera baby bhot dubla ptla h kya kru ki wo mota ho jaye jada kuch khat nhi h wo 9 mhine ka h
उत्तर: ।। हेलो। अपनी बच्चे का वजन कमजोरी दूर करने के लिए उसे यह सब चीजें खिलाएं। खाने में दाल चावल रोटी सब्जी दलिया उपमा। फल में केला पपीता अनार और वह फल खिला सकती हैं जो आपका बच्चा खा ले। बच्चे को अंडा और पनीर भी दे। छोटे बच्चे ड्राई फ्रूट्स नहीं खाना चाहते तो उन्हें ड्राई फूड खिलाने का यह तरीका आजमाएं दूध को उबालते समय उसमें चार बादाम दो छुहारा दो अंजीर चार किशमिश थोड़े काजू ५ मुनक्का और चुटकी भर जायफल पाउडर और थोड़ा शक्कर डालकर थोड़ा पानी डालकर दूध को अच्छे से उबाल लें शुरुआत में यह दूध कम कम पिलाएं। धीरे-धीरे इस दूध की मात्रा बढ़ाते जाएं। अगर यह दूध आपका बच्चा अच्छे से पचा लेगा तो आपके बच्चे का वजन बहुत जल्दी बढ़ने लगेगाऔर कमजोरी दूर होगी।
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