1 months old baby

Question: mera baby 28 din ka ho gya pr abhi puri breast me bhut hi jyada pain ho rha h......isse bchne ke liye kya kiya jaye

1 Answers
सवाल
Answer: हल्लो...आप बिल्कुल घबराये नहीं ...आप बिल्कुल ठीक hai...delivery k baad बॉडी में होने वाली हार्मोनल चेंजेस की वजह से आप को अपने बॉडी मई कुछ बदलाव भी नज़र आते है..ये नार्मल है..अपने ब्रैस्ट क दर्द को कम करने क लिए आप ब्रैस्ट पर नारियल तेल से हल्के हाथों से massage कर सकते है...ओर टॉवेल को थोड़ा गर्म पानी में भिगा कर सीक भी कर सकती है..आप को आराम मिलेंगा...ok
समान प्रश्न, उत्तर के साथ
सवाल: Mera 24 February ko sijer kiya h pr avi vi muje bhut hi pain ho rha h to kya kru ??
उत्तर: इस तरीके से पेन होने में आप परेशान ना हो लेकिन आपको अपने डॉक्टर से जरूर कंसल्ट करना चाहिए
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सवाल: मेरा baby 4 month ka h uske liye doohh km pd rha h doodh bdhane ke liye kya kiya jaye
उत्तर: सतवरी पावडर पीओ ऑर खाने मे ज़ीरा khao ऑर लिक्विड जादा pio
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सवाल: baby 3 din ka h use peeliya ho gya h kaise thik kiya jaye
उत्तर: नवजात बच्चों में पीलिया एक आम समस्या है छोटे बच्चों में बड़ों की तुलना में लाल रक्त कोशिकाओं का प्रभाव अधिक होता है इसके परिणाम स्वरुप बच्चों में बिलीरूबिन का उत्पादन भी बहुत ज्यादा होता है बिलीरुबिन का उत्पादन रक्त प्रवाह में होता है और जो छोटे बच्चे होते हैं उनका लीवर इतना ज्यादा परिपक्व नहीं होता जिससे कि इससे छुटकारा पा सके जिसके कारण बिलीरूबिन का कंसंट्रेशन रक्त मैं बढ़ने लगता है औरhyperbilirubinemia हो जाता है छोटे बच्चों में कुछ कारणों की वजह से पीलिया होता है अगर बच्चे समय से पहले जन्म लेते हैं जिसके वजह से लीवर का अच्छे से विकास भी नहीं हो पाता लीवर का विकास अच्छे से नहीं हो पाने के कारण वह बिलीरुबिन का निष्कासन नहीं कर पाते जब बच्चे को मां का दूध पर्याप्त मात्रा में नहीं मिलता तो भी पीलिया होता है कभी-कभी मां और बच्चे का ब्लड ग्रुप एक जैसे नहीं होते जिसके कारण से बच्चे का आरबीसी मां के द्वारा शरीर में उत्पादित एंटीबॉडीज द्वारा नष्ट कर दिए जाते हैं इसके कारण बच्चे के रक्त में बिलीरुबिन की मात्रा बढ़ जाती है इसकी वजह से बच्चों में बहुत सारे लक्षण दिखाई देते हैं जो सबसे पहला लक्षण है बच्चे की त्वचा का गाना पीला हो जाना बच्चे का पीलिया का पता आपको 72 घंटे के बाद ही ज्यादा पता चलता है अगर बच्चा बहुत ज्यादा सोता है और तेज होता है तो उनको पीलिया की परेशानी होती है अगर बच्चा सही तरीके से दूध नहीं पीता है तो भी उसको पीलिया की परेशानी होती है यदि बिलीरुबिन का देवल 25 ग्राम से ज्यादा हो जिसकी वजह से बच्चे का झंडा इमेज और मृत्यु भी हो सकती है इस अवस्था में बच्चे को फोटो थेरेपी में रखा जाता है इसलिए अगर आप घर पर हो और पता चलता है कि बच्चे को पीलिया है तो उसे तुरंत हॉस्पिटल लेकर जाना चाहिए यह फोटो थेरेपी एक प्रकार की ऐसी therepy पर होती है जिस पर नीली और हरी लाइट होती है जो यार लाइट बिलीरूबिन के अणुओं के आकार और संरचना को संशोधित करती है जिसके कारण बच्चे लैट्रिंग और सुसु करने लगते हैं फिर इसके द्वारा बिलीरुबिन की मात्रा बाहर निकल जाती है और अगर बच्चे की piliya बहुत गंभीर समस्या में हो तो उस समय बच्चे का थोड़ा सा ब्लड लिया जाता है और मां के रक्त में उपस्थित बिलीरुबिन और एंटीबॉडी स्कोर पतला करके से बच्चे की शरीर में डाला जाता है
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