37 सप्ताह की गर्भवती माँ

Question: hlw mera aaj se 37week strt ho gya or mere vegina ke aglbgl bht pain ho ra nd vagina ke uppr asa lg ra jese kuch bhari rkha ho asa kyu pls tll m

1 Answers
सवाल
Answer: जी हाँ इस टाइप के दर्द होना प्रेग्नेन्सी मे नॉर्मल होता है .. आप घबराये नही ...गर्भ में शिशु के होने की वजह से आपकी मांसपेशियों, जोड़ों और नसों पर काफी दबाव पड़ता है..इससे आपको पेट के आसपास के क्षेत्र में काफी असहजता महसूस हो सकती है।...jiske karan aap ko pet k aas pass k jagah mei dard ki samasya ho sakti hai. इसको थोड़ा कम करने के लिए आप आप जब भि करवट ले तों अपने दोनों पैरों के बीच मे पिल्लो लगायें .. ऑर कमर के पीछे भि एक पिल्लो लाग ले .. झटकें से उठना बैठना नही . आइस को कॉटन के कपड़े मे लेकर हलके हाथों से अपनी योनि के ऊपर रखें .. आप को bahut आराम लगेगा . ओके टेक केयर .. डियर
समान प्रश्न, उत्तर के साथ
सवाल: mera 38 week strt ho gya aaj se or mera bby right side me ajeeb gola jesa hora or dhakja sa mar ra mujhe fever bhi aare h night me becheni hori nd vegina ke uppr or agl bgl bht pain hora kya dlvry najdeek h kya pls rply
उत्तर: प्रेगनेंसी में अगर बुखार आया है तो आपको बहुत संभाल कर रहना पड़ेगा क्योंकि बुखार ज्यादातर किसी इंफेक्शन की वजह से होता है और आप किस प्रकार का दवाई नहीं ले सकती बिना डॉक्टर के सलाह के क्योंकि बिना डॉक्टर की सलाह से लिया गया दवाई आपको और आपके बच्चे को नुकसान पहुंचा सकता है मानती हूं कि पेरासिटामोल बुखार के लिए होता है लेकिन प्रेगनेंसी में शरीर में बदलाव की वजह से डॉक्टर उचित दवाई दिया जाता है इसलिए आप अभी पेरासिटामोल जब तक डॉक्टर ना बोले तब तक ना ले अगर आप को फीवर है तो आप कुछ घरेलू उपाय कर सकती हैं वैसे भी प्रेगनेंसी के शुरुआती 3 माह में यदि हल्का बुखार है तो आपको चिंता नहीं करना चाहिए लेकिन अगर आपके शरीर का तापमान 102 डिग्री से ज्यादा हो तो उस कंडीशन में आपको डॉक्टर के पास जाना ही होगा क्योंकि ज्यादातर फीवर से मिसकैरेज होने के चांसेस बढ़ जाते हैं इसलिए अगर आपको किसी प्रकार का सर्दी खांसी और बुखार हो तो घरेलू उपचार का उपयोग करके उसे पहले ठीक करने की कोशिश करें उसके बाद ही आप डॉक्टर की सलाह लें जैसे अगर आपको बुखार हो तो आप ज्यादा ठंडी जगह पर ना रहे और ज्यादा और कर भी ना रहे इस टाइम आप को पानी की बहुत ज्यादा जरूरत होती है क्योंकि पानी आपके शरीर के तापमान को नार्मल बनाती है और इसके अलावा आप जूस पी सकते हैं बुखार हो तो आप ज्यादा से ज्यादा आराम करें इसे ही जल्दी से ठीक होता है बुखार में खाने का मन तो नहीं होता है लेकिन आपको खाना खाना है और पौष्टिक आहार लेना है क्योंकि अगर पौष्टिक आहार नहीं मिलेगा शरीर को तो आपके शरीर में एनर्जी नहीं होगी और अगर बुखार हो तो आप नहाना ना छोड़े आप भले ही हल्के गुनगुने पानी से नहाए क्योंकि इससे आपके शरीर का तापमान नॉर्मल बना रहेगा और आपको अच्छा भी लगेगा और अगर आपको सर्दी खांसी की वजह से बुखार आया होगा तो आप नमक पानी से गरारा करें क्योंकि गले में इंफेक्शन होने से बुखार आता है अगर आपको बहुत तेज बुखार है और अगर आप तुरंत डॉक्टर के पास नहीं जा पा रहे हैं तो उस टाइम आप एक आलू की स्लाइस काटकर उसे विनेगर में डुबोकर अपने सिर पर रखे और ऊपर से कपड़ा ढक दें इससे आपके शरीर का तापमान बहुत जल्दी कम होगा सफाई का बहुत ज्यादा ध्यान दें क्योंकि कभी-कभी बुखार मच्छरों के काटने से भी हो सकता है इस समय आप कच्चा दूध ना पिए और कुछ भी चीज खाए उसे पहले हाथ धोकर ही खाएं अभी आप की डिलीवरी नजदीक है और जिसकी वजह से बच्चा कल पूरी तरह से विकास हो जाने के कारण इस समय बच्चा नीचे आने की तैयारी में रहता है जिसके वजह से आपकी वजाइना में प्रेशर पड़ता है और इसके वजह से आपको दर्द का अनुभव होता है| डिलीवरी के कुछ लक्षण होते हैं जिसे आप जानकर समझ सकते हैं कि आपके डिलीवरी पास है इसलिए आप चिंता ना करें| गर्भवती महिलाओं को अक्सर लास्ट महीना में कुछ बदलाव होने से हमेशा डर लगता है कि यार डिलीवरी दर्द तो नहीं होगा वैसे तो डॉक्टर ड्यू डेट बताते हैं पर जरूरी नहीं कि उसी डेट पर हमारे डिलीवरी हो कभी-कभी आगे पीछे हो जाती है इसलिए सबको लेबर पर नहीं स्टार्ट होने से पहले हमें कुछ बातों की जानकारी होनी चाहिए इसे की लेबर पेन चालू हो गया है पेट में ऐठन याद दर्द डिलीवरी का पहला संकेत होता है उसी प्रकार के दर्द होता है जैसे मासिक धर्म के दौरान होता है जो कि थोड़ा देर रुक रुक कर होता है अगर आपको बार-बार पेशाब जाना पड़ रहा है तू अभी लक्षण हो सकता है क्योंकि बच्चे के नीचे आने के वजह से दबाव के कारण हमें बार-बार पेशाब जाना पड़ता है अगर योनि से भूरे रंग का लेकर आए तो समझ जाना चाहिए कि अब डिलीवरी का टाइम आ गया हूं तब हमें हॉस्पिटल जाने की तैयारी करनी चाहिए एमनीओटिक फ्लूइड का बाहर निकलना जब यहां पानी बाहर आए तो हमें समझ जाना चाहिए कि बच्चा जन्म के लिए तैयार हो गया है थोड़ी थोड़ी देर में गर्भ के मांसपेशियों में संकुचन होता है जिसके वजह से हमें बहुत ज्यादा दर्द का अनुभव होता है या बहुत कम समय के लिए या फिर बहुत अचानक से बहुत दूर से होता है तो इसे भी समझ आता है कि या लेबर पेन है ज्यादातर सात-आठ महीने आते तब बच्चे की हलचल बहुत ज्यादा पता चलती है लेकिन लास्ट महीने में हमें बच्चे की हाल-चाल बहुत कम महसूस होती है सेमी हमें तुरंत डॉक्टर के परामर्श लेनी चाहिए क्योंकि इसके वजह से कभी-कभी सिजेरियन डिलीवरी होने के चांस होते हैं कमर में दर्द बहुत जोरों से होता है जैसे पीरियड्स के दौरान कमर में दर्द होता है वैसा ही होता है यह समय के अनुसार अगर बढ़ते जाए तो आपको समझ जाना चाहिए कि या लेबर दर्द है कभी-कभी कुछ महिलाओं को पेट में दर्द के साथ बुखार भी आता है और कुछ महिलाओं को डायरिया भी होने लगती है आप इन सारे लक्षणों को जानकर और समझकर पता लगा सकते हैं कि आप की डिलीवरी होने वाली है
»सभी उत्तरों को पढ़ें
सवाल: hlw dsto mera aaj se 38weeks strt ho gya h or mujhe becheni c hori h rat ko kabhi hlka sa pet drdr hora or kmr drd bhi hora .. nd vegina ke uppr or agl bgl bht drd hora .... bby right side ko ajeeb tight sa hora nd bby right side dhakka sa mar ra asa lg rabby srf rght side me hoga ... meri dlvry kb tk hogi
उत्तर: प्रेगनेंसी मैं सांस लेते हुए दिक्कत(शोर्टनेस ऑफ़ ब्रेथ)बहुत सामान्य है। सांस फुल्ने की वजह प्रेग्नन्सी के दौरान बॉडी मैं बहुत से चंगेस होते हैं उनमे से एक है हार्मोनल चंगेस। प्रेगनेंसी टाइम प्रोजेस्टोजेन एक हर्मोने है इस्सके लेवल जब हाई होने लगता है तोह रेस्पिरेटरी सिस्टम मई बहत प्रेशर आता है जिस्सकी वजह से प्रेगनेंसी मैं सांस लेने मई प्रॉब्लम होती ह। प्रेग्नन्सी की शुरुवात मई आपका ब्लड 50,% बढ़ जाता है जिस्सकी वजह से हार्ट को पंप करने म बहुत लोड पड़ता है जिस्सकी वजह से सांस लेने मई दिक्कत होती है। बच्चा के वेट की वजह से आपके लुंग्स पर प्रेशर पडता है जिस्सकी वजह से आपको सांस लेने मई प्रॉब्लम होती है। बाबी की वजह से ऑक्सीजन की डिमांड बढ़ जाती है जिस्सकी वजह से साँस लेने मई प्रॉब्लम होती है। सांस न फुले कैसे कण्ट्रोल करें उसस्के लिए ये कुछ उपाए है। मुझे उम्मीद है आपको इनसे मदद मिलेगी। १)जब भी सांस लेने मई प्रॉब्लम हो तब २०मिन्स तक डीप ब्रीथिंग करे। २)ज़्यादा भरी या हैवी लोड वाला कोई काम न करे। ३)अगर आप कहीं बैठे या लेते हैं तोह आपकी सांस फूल रही है तोह आप पोजीशन चेंज करे। ४)डॉक्टर की सलाह से रोजाना थोड़ी एक्सरसाइज करें जैसे की वॉकिंग,दीप ब्रीथिंग यूटरस की राउंड लिगामेंट्स में खिंचाव के कारण पेट में दर्द होता है .यह राउंड लिगामेंट्स mainly 2 tissues ke रूप में होती है .जो आपके यूट्रस को स्थिर रखते हैं .वह यूट्रस और fetal के बढ़ने के साथ खींचती है. पेट में दर्द होता है. और एक तरफ दर्द होता है पर कभी कभी दोनों तरफ भी होता है. अगर आपको पेन हो रहा है और यह पेन बहुत ज्यादा नहीं है या रुक रुक के बार बार नहीं आ रहा है तो आप आराम से रहें. खाने पीने का ध्यान दें. आपने खाने में फाइबर ज्यादा ले. पानी खूब पिएं . खाना एक बार में बहुत सारा नहीं खाए . थोड़ा-थोड़ा खाना चबाकर खाएं. खाना खाने के बाद आप दो चुटकी अजवाइन खाएं .इससे आपको गैस की समस्या होगी तो बहुत राहत मिलेगी. कमर दर्द कुछ घरेलू उपाय से आपको आराम मिल सकता है. आप सबसे पहले गर्म पानी की सिकाई कर सकती हैं. पेन रिलीफ वाले कोई से अपॉइंटमेंट लगा सकती हैं . अपने पैरों को थोड़ा ऊंचा रखकर सोए साथ ही जब भी आप उठे और बैठे आप ध्यान रखें कि आप सही तरीके से उठे और बैठे . आप आरामदायक जगह पर लेटे हैं. सही तरीके से लेट है. बैठने के समय भी अपना naram जगह पर बैठे. आप अपने खाने में पौष्टिक आहार लेने .पानी खूब पिएं . डॉक्टर की dihui सप्लीमेंट समय पर ले . दर्द होने पर आप कोई भी एक्सरसाइज या कोई भी ज्यादा काम ना करें . आप बहुत देर तक खड़ी भी ना रहे. अपना पूरा ध्यान रखें वेगिनल दर्द प्रेगनेंसी में हमारे हारमोंस बहुत चेंजेस होते हैं. हमारे शरीर में बहुत से चेंजेस होते हैं . इस वजह से बहुत सारी प्रॉब्लम्स की फेस करते हैं. आप बिल्कुल pareshan नहीं ho. यह कोई समस्या नहीं है .जिससे कि बच्चे को कोई तकलीफ होगी या कोई परेशानी होगी .यह बहुत ही सामान्य बात है. जैसे-जैसे हमारी प्रेग्नेंसी के weeks badte हैं. हमारे बच्चे में ग्रोथ होती है .हमारे शरीर में बदलाव होते हैं .बच्चे की ग्रोथ के कारण उसमें वजन आता है और जो वजन हमें अपनी varginal या फिर यूरिन wali jagah में महसूस होता है .किसी दबाव के रुप में या किसी दर्द के रूप में . यह बहुत ही सामान्य दर्द है . आपको यह दर्द बहुत jyada होने लगे तो आप जरूर डॉक्टर के पास जाएं .डॉक्टर से सलाह करें. और डॉक्टर की दी हुई सलाह मानें. ऐसे दर्द के लिए आप कोई भी मेडिसन बिना डॉक्टर की सलाह के बिल्कुल भी ना खाएं . ये दर्द बहुत ही सामान्य है इसलिए आप कोशिश करें कि जब आप बाथरूम जाएं तो आप साफ सफाई का ध्यान रखें .साथ ही थोड़े गर्म पानी कि आप नीचे सिखाई भी कर सकते हैं. पानी आप बहुत ज्यादा मात्रा में पिए .कोशिश करेंगे तरल पदार्थ आप किसी ना किसी रूप में लेती रहे . साथ ही संतुलित पौष्टिक आहार खाते रहे और डॉक्टर की सलाह से ही खाना खाने के बाद थोड़ी walk भी करें और प्रेगनेंसी के टाइम पर होने वाले एक्सरसाइज भी डॉक्टर की सलाह से करें. इन सभी से आपको बहुत मदद मिलेगी
»सभी उत्तरों को पढ़ें
सवाल: hlw dsto kl mera 39week khatam ho jayega nd mujhe asa lg ra kl mere bby ka head fixd ho gya ... to dlvry kb tk hogi
उत्तर: सामान्यता प्रेगनेंसी 40 विक्स 10 दिन आगे पीछे होती है . डिलीवरी कब होगी ?इस बात पर निर्भर करता है कि आप की प्रेग्नेंसी हेल्दी है कि नहीं .आप इसमें परेशान ना हो डॉक्टर से सलाह करें डॉक्टर की बताई हुई सलाह को माने संतुलित पौष्टिक आहार लें. अच्छा सोचो अच्छा ही होगा . प्रेग्नेंसी में लेबर पेन का एक्सपीरियंस हर महिला के लिये अलग-अलग होता है। इसका कोई निश्चित ढंग नहीं होता है जिससे यह समझ सकें कि यह लेबर का दर्द है। प्रेग्नेंसी के आखिरी हफ्ते में ूट्रस में ऐंठन जैसी लगती हैं जिसे फॉल्स लेबर कहते हैं। फॉल्स लेबर डिलीवरी के कुछ देर पहले ही होता है इसलिए प्रग्नेंट लेडी के लिए यह जानना मुश्किल हो जाता है कि ये फॉल्स लेबर हैं या रीयल लेबर पेन है। लेबर पेन नहीं आने पर भी यदि शिशु अंदर achhe से है तो जबरदस्ती लेबर पेन लाने की बिल्कुल भी कोशिश ना करें .लेबर pain aane ka आप इंतजार करें और अगर ऐसा नहीं हो रहा है तो 42 weeks होने के बाद आप डॉक्टर के पास जरूर जाएं. पेट में बच्चा जिस पानी में रहता है उसे एमनीओटिक वाटर कहते हैं. जो एक पतली थैली से घिरा रहता है. इसके अंदर बच्चा सुरक्षित रहता है. जब यह पतली झिल्ली टूटती है तो उसे हम वाटर ब्रेक या पानी गिरना कहते हैं .इससे पहले प्रेग्नेंट लेडीज को पेट में संकुचन याने कि कंट्रक्शन बनाते हैं. यह कंट्रक्शन पहनाने से जल्दी टूटती है और वाटर ब्रेक हो जाता है .वाटर ब्रेक last स्टेप होता है डिलीवरी का. वाटर ब्रेक होने के 24 घंटे के अंदर में डिलीवरी की जा सकती है.
»सभी उत्तरों को पढ़ें