22 सप्ताह की गर्भवती माँ

Question: docter mera 5th month chal rha h but baby koi moments nahi kr rha h koi problm to nahi h na plz btaiye......

1 Answers
सवाल
Answer: Baby 6th mnth se movement pta chalne lagte h
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सवाल: mera 5th month chl rha h n muje khashi ho rha h to koi problm to ni h na
उत्तर: हेलो डियर ,,मौसम में बदलाव या खान पान में परिवर्तन के कारण खांसी की समस्या बहुत से कॉमन प्रॉब्लम्स है cough सिरप प्रेगनेंसी में आपको नुकसान दे सकती है इसलिए आप कुछ घरेलू नुक्से अपनाकर अपनcough ke प्रॉब्लम को दूर कर सकते हैं| 1) अदरक के टुकड़े को मुंह में रखकर जूझते रहे इसे खांसी में राहत मिलेगी | 2)अदरक का रस एक चम्मच पान के रस को शहद के साथ मिलाकर दिन में दो बार ले | 3)तुलसी चाय या मसाला चाय का वह भी पी सकते हैं | 4)तुलसी काली मिर्च और अदरक का काढ़ा पिए | 4)मुंह में लौंग रखें इससे भी धीरे-धीरे खांसी ठीक होने लगेगी 5) देसी घी से बने बेसन के हलवा khaye.. 6)हल्दी का दूध यह हल्दी की चाय ले सकती हैं 7)नमक पानी से गरारा करने में भी आपके गले की खराश ठीक hogi..
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सवाल: mera 25 week chal rha h mera baby 2,3 din se bhot km move kr rha h to koi dikh to nhi h na .....plzz btaiye.....?
उत्तर: Hello. प्रेगनेंसी में ऐसा होता है एक-एक दिन बच्चा अंदर पेट में थोड़ा sust रहता है उतना एक्टिव नहीं रहता . आप घबराएं नहीं आप ज्यादा हैवी वर्क ना करें. ज्यादा चले नहीं ज्यादा खड़े नहीं rahiye. आप बस आराम से लेटे हैं और वह आप बाईं करवट लेकर लेटर| हमारा heart लेफ्ट me होता है ऐसे में हमें बाएं ओर करवट लेकर सोना चाहिए . जिससे कि पेट पर भी कोई जोर नहीं पड़ता और हमारी हार्टबीट भी सही रहती है और हमारा इससे BP भी कंट्रोल में रहता है BP मतलब ब्लड प्रेशर| तरीके से सोने पर शरीर में एक अलग प्रकार का दबाव पड़ता है जिससे कि अपनी नसों में ब्लड सर्कुलेशन ठीक नहीं होता aor हमारा BP गड़बड़ हो सकता है ,हमारी हार्टबीट गड़बड़ हो सकती है जो कि बच्चे के लिए बिल्कुल भी सही नहीं है इसलिए ऐसा सजेस्ट किया जाता है कि .बाई करवट की ओर सोना चाहिए take care
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सवाल: mam mera 5th month chl rha h or placenta thoda niche btaya h koi problm to nhi hogi na
उत्तर: आप बिल्कुल भी घबराए नहीं और डॉक्टर के निर्देशों का ध्यान से पालन कीजिए.. Placenta एक ऐसा ऑर्गन है जो बच्चे को माता से ब्लड सप्लाई करता है और न्यूट्रीशन पहुंचाता है। इसकी पोजीशन यूट्रस में कहीं भी हो सकती है यह तो ऊपर छतरी के सामान रहेगा या आगे या पीछे या फिर कभी कभी किसी किसी केस में yeh नीचे की ओर भी अटैच हो जाता है। लो प्लेसेंटा होने की स्थिति में ज्यादातर माताओं को आराम करने की सलाह दी जाती है, क्योंकि बच्चा जैसे-जैसे ग्रोथ करता है, उसका दबाव प्लेसेंटा पर पड़ता है और आपको कभी भी ब्लीडिंग स्पोटिंग होने की संभावना रहती है। इसलिए हमेशा माताओं को आराम करने की सलाह दी जाती है । इस केस में माताओं को ज्यादा झुक कर और ज्यादा देर खड़े रहकर काम नहीं करना चाहिए ज्यादा exertion वाले एक्सरसाइज और योगा और वाकिंग भी नहीं करनी चाहिए। लो प्लेसेंटा ज्यादातर स्कैन के द्वारा शुरुआती महीनों में ही पता चल जाता है यह प्रेगनेंसी के अंत अंत तक ठीक भी हो जाता है। क्योंकि हमारी यूटरस का साइज़ बढ़ता है और प्लेसेंटा नीचे से साइड की तरफ शिफ्ट हो जाता है। इसमें घबराने की कोई बात नहीं है इसमें आपको हमेशा नॉर्मल डिलीवरी अवॉइड करने की सलाह देते हैं क्यूकी प्लेसेंटा सर्विक्स को कवर करके रखता है और नॉर्मल डिलीवरी के केस में बच्चा पहले निकलना चाहिए उसके बाद प्लेसेंटा लेकिन लो प्लेसेंटा के केस में प्लेसेंटा पहले होता है और बच्चा बाद में इसलिए हमेशा सी सेक्शन करने की सलाह दी जाती है। डॉ इस समय पर इंटर कोर्स करने से भी हमेशा मना करते हैं पूरी प्रेगनेंसी में आपको अपना खास ध्यान रखना पड़ता है अब ज्यादा हैवी सामान भी नहीं उठाई है आराम कीजिए और पौष्टिक आहार लेते रहिए हल्की वॉक कर सकते हैं।
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सवाल: Muje 7 th month chal raha hai but baby moments kum hai toh koi problem nahi na
उत्तर: Count Karna kitna movement hora hai
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