9 सप्ताह की गर्भवती माँ

Question: Mera pehle 2 bar,dedh mahine ka miscarriage hua hai.ab me 9 wk pregnant hu.is bar koi problem nahi hogi na ya delivery me koi problem?

2 Answers
सवाल
Answer: हेलो डियर आप की गर्भावस्था में आपका दो बार मिसकैरेज हो चुका है इसलिए आपको अब भी बहुत सावधानी से सभी काम करने चाहिए आप अपने डॉक्टर की सलाह से ही अपनी डाइट लें कोई भी एक्सरसाइज ya योग आपके डॉक्टर की सलाह से ही करें तो अच्छा होगा क्योंकि कई बार मिसकैरेज होने के कारण हमारे pregnancy mei ya डिलीवरी के समय कुछ कॉम्प्लिकेशन हो जाती है इसलिए आप डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही काम करें . ओके
Answer: नही होगी आप टेन्शन नही ले सब ठीक ह
समान प्रश्न, उत्तर के साथ
सवाल: mera abortion hua tha 5 mahine pehle wopis mujhe 2 mahine ki pregnency h to koi pareshaani to nahi hogi na
उत्तर: आप चिंता बिल्कुल ना करें यदि आपको और भी गर्भपात हो चुकी है तो आप समय-समय में डॉक्टर से चेकअप कराते रहें क्योंकि एक बार गर्भपात होने से दोबारा प्रेगनेंसी में थोड़ी सी प्रॉब्लम हो सकती है अगर आप पूरी तरह से स्वस्थ हैं तो आप बिल्कुल ना घबराए अपने खान-पान के साथ साथ आप हमेशा डॉक्टर के साथ रुटीन चेकअप करा कर रहे
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सवाल: Mujhe pcos hai..2 bar miscarriage hua hai..abhi mein 6 week pregnant hu..age koi problem nahi hogi na firse? Pls mujhe guide kijiye
उत्तर: dont worry dear . आप पॉजिटिव रहें sab अच्छा होगा pcos patients ke bhi normal bachhe hote है take care of ur self take healthy डायट आयरन ऐन्ड कैल्सीअम Do regularly walks and try to avoid स्ट्रेस
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सवाल: mera weight pehle ab 2kilo utar gaya hai ise bache ko koi problem nahi hogi na
उत्तर: प्रेगनेंसी में हम खुद ही बहुत चिंताएं रखते हैं. घबराते हैं पूरे समय सोचते रहते हैं कि हम कैसे करेंगे क्या करेंगे .मेरे ख्याल से आप शायद ऐसा ही कुछ कर रही हैं .आप बिल्कुल भी घबराए नहीं चिंता नहीं करें. सब अच्छा होगा. आप खुश रहिए मस्त रहिए पौष्टिक संतुलित आहार लीजिए आपका भी वजन बढ़ेगा और बच्चे की ग्रोथ भी अच्छी होगी प्रेगनेंसी सबकी अलग-अलग होती है .जरूरी नहीं है कि आपका वेट बहुत बड़े . आप आराम से रहे बिना टेंशन के रहे . पोस्टिक आहार len. पानी खूब पिएं. डॉक्टर के बताए अनुसार सारी दवाइयां समय पर ले जब आप प्रेगनेंट होती हैं तब यह बहुत जरूरी है कि आप अपना आहार पौष्टिक है. इससे आपको और आपके होने वाले बच्चे को पौष्टिक तत्व मिलेंगे. प्रेग्नेंसी में कुछ अधिक कैलोरी की जरूरत होती है. प्रेगनेंसी में सही आहार का मतलब है -आप क्या खा रही हैं ?ना कि कितना खा रही हैं? जंक फूड का सेवन ज्यादा ना करें. isme कैलोरी ज्यादा है पोष्टिक तत्व कम या ना के बराबर होते हैं. फोलिक एसिड आपको 1 ट्रिमस्टर में ही चालू करदेना चहिये। फ़ोलिक एसिड का होने वाले बच्चे की ग्रोथ में बहुत बड़ा योगदान रहता है। फ़ोलिक एसिड विटामिन है ।विटमिन B 9। ये आपको खाने पिने में फॉलेट नाम से मिलेगा । बाबी के इस्पीनलकार्ड के चारो और पॉलिब पेरत को सही तरीके से बंद करता है।वाहा गप नहीं आने देता। मा के लिए भी बहुत जरुरी है ।विटमिन B 12 के साथ मिलकर हेअल्थी रेड सेल्स बाँटा है। folic acit ke liye ye khaye. ब्रोकली ऐस्पैरागस खट्टे फल हरी पत्तों वाली सब्जियां ओकरा फूलगोभी भुट्टा गाजर 1) दूध और डेयरी के ले सकती हैं. मलाई वाला दूध दही छाछ घर का पनीर इन सब में कैल्शियम प्रोटीन और विटामिन बी12 बहुत होता है. 2) सभी अनाज ,दालें . इन सब में प्रोटीन बहुत अच्छा होता है. 3) पेय पदार्थों में आप पानी bahut piyen.खास करके आप साफ पानी joki फ़िल्टर किया हुआ. ताजे फलों का रस ले. डिब्बाबंद juis nahi le. इसमें शक्कर की मात्रा बहुत ज्यादा होती है. 4) वसा और तेल . वेजिटेबल ऑयल का वसा एक अच्छा स्रोत है क्योंकि इसमें संतृप्त वसा अधिक होता है. इन सभी चीजों के साथ आप डॉक्टर की सलाह मानें .जो भी टेस्ट किए हैं दिए गए हैं उन्हें करवाएं समय पर. दवाइयां समय पर ले और नींद पूरी. खाना जो भी खाएं अच्छे से चबाकर खाएं. प्रेगनेंसी के समय मिल्क प्रोडक्ट calcium और प्रोटीन बहुत जरुरी होता है। डेयरी प्रोडक्ट प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए सबसे बेहतर होता है। जैसे अंडा, चीज, दूध, दही और पनीर मां और बच्चे दोनों के लिए फायदेमंद होता है। कैल्शियम भी पर्याप्त मात्रा में होती है जो फीटस के बोन टिशू के विकास के लिए आवश्यक होता है। प्रोटीन की मात्रा काम होने से बच्चे की ग्रोथ में बहुत अंतर आता है। प्रोटीन जरूरी पौशाक तत्वों में से है। बच्चे का विकास और एम्निओटिक टिशू का कार्य प्रोटीन पर निर्भर करता है। गर्भावस्था के दौरान प्रोटीन की kaam मात्रा बच्चे के sahi विकास में बाधा पहुंचा सकती है और इससे शिशु का वजन भी कम हो सकता है। यह बच्चे के बढ़ते मस्तिष्क पर नकारात्मक प्रभाव भी डाल सकता है।  बस एक मुट्ठी नट्स प्रोटीन की अपनी दैनिक आवश्यकताओं को पूरा कर सकता है। नट्स जैसे बादाम, मूंगफली, काजू, पिस्ता, अखरोट और नारियल में उच्च मात्रा में प्रोटीन की मात्रा होती है जो बच्चे के विकास के लिए जरूरी होता है। बीज जैसे कद्दू, तिल और सूरजमुखी में भी प्रोटीन पर्याप्त मात्रा में होती है।  इनमें से कई ऐसे हैं जिनमें प्रोटीन की मात्रा बहुत अधिक होती है जैसे- मूंग, काले और फवा बिन्स, मसूर, मटर और चना. ओट्स में प्रोटीन बहुत उच्च मात्रा में पाई जाती है .
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सवाल: Hello ma'am Meri 3 mahine Pehle creating Hui Hai Tu Mujhe Mera khud ka Dhyan Kaise Rakhna chahiye jaise ki mujhe koi problem nahi hogi Pehle Jaisi
उत्तर: हेलो डियर बहुत-बहुत बधाई आपको जितना हो सके घर का बना ताजा खाना खाए और खाना बहुत ही पौष्टिक खाएं जिससे कि बच्चा हेल्दी हो आप अपने खाने में ड्राई फ्रूट्स सभी तरह की दालें हरी सब्जियां दूध दही पनीर आदि के सब शामिल करें प्रेग्नेंसी के दौरान किसी खास चीज को खाने का दिल ज्यादा करने लगता है। ऐसे में किसी एक ही चीज को बार-बार खाने के बजाय बाकी चीजों को भी खाने में शामिल करें। -ज्यादा तला-भुना और मसालेदार खाना न खाएं। इससे गैस और पेट में जलन हो सकती है। जो भी खाएं, फ्रेश खाएं। बाहर के खाने से इंफेक्शन होने का खतरा होता है, इसलिए बाहर खाने से बचें। साथ ही डॉक्टर की बताई गई दवाई टाइम से लीजिए खूब अच्छे से पानी पीने जितना हो सके एक्टिव रहने की कोशिश करें और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि बिल्कुल किसी भी बात की टेंशन नहीं ले किसी की बात को मन से ना ही लगाए जितना हो सके खुश रहे सब कुछ बहुत ही अच्छा होगा बेबी बहुत अच्छी हेल्दी होगा ध्यान रखें डियर आप क्रिएटिंग का मतलब बताएं क्रिएटिंग से आपका क्या मतलब है डियर यह मुझे समझ नहीं आया है कृपया आप अपने अगले प्रश्न में क्रिएटिंग का मतलब बताएं ताकि हम आपकी सभी सहायता कर सकें:)
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