14 सप्ताह की गर्भवती माँ

Question: Men duble marker report d.r kyu karvate he

1 Answers
सवाल
Answer: हेलों डूअल मार्कर टेस्ट स्क्रीनिंग टेस्ट है जो गर्भावस्था के पहले तिमाही में किया जाता ह इसका यूज़ गर्भ में बेबी के क्रोमोसोमल विषमता को पता लगाने के लिए किया जाता है यह इस बात का भी पता लगाने में मदद करता है कि आपके होने वाले बच्चे को डाउन सिंड्रोम या trisomy18 जैसी कोई बीमारी तो नही है जो मूल रूप से क्रोमोसोमल विकारों से होती हैं। यह विकार बच्चे में गंभीर मानसिक दोषों को जन्म दे सकता है ये टेस्ट कराने के बाद हम निशिन्त हो सकते है कि हमारा बेबी हेल्थी ग्रो हो रहा है इस टेस्ट के माध्यम से बेबी को डाउन सिंड्रोम तो नही है पता चलता है डाउन सिंड्रोम के साथ बच्‍चे को ये प्रॉब्लम हो सकती है जैसे असामान्य चेहरे की विशेषताएं, तिरछी आँखें और छोटे कान और बौद्धिक परेशानी का होना।सुनाइ ना देना दिखाई ना देना हार्ट प्रॉब्लम,फ़ेफ़डो का कम विकसित होना lमहिलाओं की adhik उम्र से उसके होने वाले बच्चे में डाउन सिंड्रोम के होने की संभावना रहती है। इसलिए 35 साल की उम्र से अधिक गर्भवती महिलाओं को निश्चित रूप से डूअल मार्कर टेस्ट ज़रूर करवाना
समान प्रश्न, उत्तर के साथ
सवाल: duble marker ki aj report अना h bhout tension me hu
उत्तर: हेलो डियर टेंशन की कोई भी बात नहीं है आजकल डबल मार्कर टेस्ट सभी प्रेगनेंट लेडीस का होता है और इसमें कोई घबराने वाली बात नहीं है बिल्कुल भी , एthink gud पॉजिटिव रही है और ऑल द बेस्ट रिपोर्ट बिल्कुल नॉर्मल आएंगी
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सवाल: मैम दुबले मार्कर टेस्ट करना जरूरी है क्यों
उत्तर: है ेलों डूअल मार्कर टेस्ट स्क्रीनिंग टेस्ट है जो गर्भावस्था के पहले तिमाही में कि या जाता ह इस का यूज़ गर्भ में बेबी के क्रोमोसोमल विषमता को पता लगाने के लिए किया जाता है यह इस बात का भी पता लगाने में मदद करता है कि आपके हो ने वाले बच्चे को डाउन सिंड्रोम या तृसौमी18 जैसी कोई बीमारी तो नहींं है जो मूल रूप से क्रोमोसोमल विकारों से होती हैं । यह विकार बच्चे में गंभीर मानसिक दोषों को जन्म दें सकता है ये टेस्ट कराने के बाद हम निशिन्त हो सकते है कि हमारा बेबी हेल्थी ग्रो हो रहा है इस टेस्ट के माध्यम से बेबी को डाउन सिंड्रोम तो नही है पता चलता है डाउन सिंड्रोम के साथ बच्‍चे को ये प्रॉब्लम हो सकती है जैसे असामान्य चेहरे की विशेषताएं, तिरछी आँखें और छोटे कान और बौद्धिक परेशानी का होना ।सुनाइ ना देना दिखाई ना देना हार्ट प्रॉब्लम,फ़ेफ़डो का कम विकसित होना lमहिलाओं की अधीक उम्र से उसके होने वाले बच्चे में डाउन सिंड्रोम के होने की संभावना रहती है। इसलिए 35 साल की उम्र से अधिक गर्भवती महिलाओं को निश्चित रूप से डूअल मार्कर टेस्ट जरूर करवाना चाहिए
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सवाल: duble marker test krbana jaruri h kya?
उत्तर: हेलो डियर डबल मार्कर टेस्ट फर्स्ट ट्रिमेस्टर में 9 वीक से 13 वीक तक किया जाता है ye आपके feetal में होने वाले क्रोमोसोम की कमी को चेक करता है यह इस बात को पता करता है कि आपके बेबी को सिंड्रोम या trisomy 18 जैसी कोई बीमारी तों नही है jo ki क्रोमोसोम डिसॉर्डर के कारण होती है इन सभी की जानकारी के लिए ये टेस्ट ज़रूरी होता है |
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