26 सप्ताह की गर्भवती माँ

Question: mem mujh toda jhukam or gale m khaf h pr tb m khap niklta h to bald bi niklta h esa kyo plz mujhe btaye m ky kru

1 Answers
सवाल
Answer: हेलो डियर, कफ कोल्ड होना नॉरमल है उसे घरेलू नुस्खा se सही किया जा सकता है पर अगर आपके cough के साथ ब्लड आ रहा है तो वह नॉर्मल नहीं है इसलिए आप तुरंत डॉक्टर को दिखाएंl
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सवाल: mujh pet m drd hota h or kbi kbi to bot tej esa kyo hota h ky h normlh
उत्तर: हेलों आपको कभी कभी पेट में बहुत दर्द हो रहा है तो आप डॉक्टर से सलाह ले ले ताकि आप निशिन्त हो पाये कि सब नॉर्मल है .और 33 वीक में पेट दर्द होना मतलब बॉडी आप की डिलिवरी के लिए चेंजेज कर रही है .बच्चे दानी का मुह भी खुल रहा है .इसलिए डॉक्टर सलाह ज़रूरी है अभी आप ज़्यादा से ज़्यादा आराम करे .आप अभी थकान वाले काम ना करे और ना भारी सामान उठा ये ना सरकाये क्रॉस लेग ना बैठे झुक कर काम ना करे सीढ़ी ना chade पैर लटका के ना बैठे जब भी लेटें पैरो के नीचे तकिया लगा कर सपोर्ट दे और हील्स ना पहनें .संतुलित और हेल्थी आहार ले
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सवाल: mje jhukam khasi h or bby 2month ki h use feedingkrati hu to konsi tablet lu..mere sath bby ko bi jhukam ho gya h. plz btaye
उत्तर: आप हर्बल चाय ले या फिर पानी गरम करें उसमें नींबू और दो चम्मच शहद मिलाकर पिए यह भी आपको बहुत फायदा करेगा आप नमक डालकर पानी गरम करें और गरारे करें इस पानी से आपका कफ बाहर आएगा आप स्टीम भी ले सकती हैं इससे कफ तुरंत ढीला होता है और काफी आराम मिलता है आप गर्म दूध में हल्दी डालकर पी सकते हैं उससे भी आपको बलगम में काफी आराम मिलेगा गर्म सूप इसमें आपको कफ से राहत मिलेगी इसमें मौजूद प्याज लहसुन अदरक और काली Mirch जैसे मसालेदार पदार्थ आपके गले को काफी आराम पहुंचाएंगे खांसी में गर्म पानी पिए फिर भी आराम ना मिले तो आप डॉक्टर से जरूर संपर्क करें अभी आज आपके बच्चे को फीड कर आते हैं इसलिए कोई भी मेडिसिन अपने मन से ना लें डॉक्टर से कंसल्ट कर के ही खाएं ज्यादा से ज्यादा गर्म चीजें खाएं ठंडी से अपना बचाव करें ब्रेस्ट फीडिंग कराते रहना कराते रहें इसमें एंटीबॉडीज होते हैं जो कि आपके बच्चे की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाएगा
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सवाल: mujh pero m bot drd hota h or aasiditi bi bot hoti h ky krna chahiye
उत्तर: हेलो डियर प्रेगनेंसी में पैरों तक पर्याप्त रक्त संचार न हो पाने के कारण उसमें ऑक्सीजन की कमी से पैर दर्द होने लगता है। यह घुटनों, और पैरों की उँगलियों में भी होता है। कभी कभी पैर सुन्न पड़ सकता है।बदलते हॉर्मोन्स लेवल से पैरों में दर्द होता है। जैसे गर्भाशय का आकार बढ़ता है उस प्रकार बदन की निचली मांसपेशियां ढीली पड़ने लगती हैं। इस कारण महिलाओं में पैर दर्द होता है। बढ़ते वज़न के कारण उसकी पैरों की हड्डी पर प्रभाव पड़ता है जिससे मांसपेशियों और पैरों में दर्द होता है। पैरों के दर्द से बचने के लिए पैर की उँगलियों को हलके हाथ से दबाएं। साथ ही गुनगुने तेल से मालिश करें! यह धीरे धीरे बेहतर परिणाम देगा। गर्भावस्था में ऊँची हील की सैंडल न पहनें। आरामदायम फ्लैट्स और ढीली चप्पलें पहनें। इनसे भी आपके पैरों और एड़ियों को आराम मिलेगा। डियर अदरक, सौंफ, मेथी और अजवेन जैसे कुछ जड़ी बूटी भी पाचन में सुधार और गर्भावस्था के दौरान मतली / उल्टी acidity को कम करने के लिए माना जाता है ताकि यू थोड़ा सा ले सके। आप उन्हें पूरी तरह खत्म करने में सक्षम नहीं हो सकते हैं, लेकिन ऐसी चीजें हैं जिन्हें आप कम करने की कोशिश कर सकते हैं: • अमीर, तेल या मसालेदार व्यंजन, चॉकलेट, नींबू के फल, शराब और कॉफी सभी को acidity बढ़ने के लिए जाना जाता है। यदि आप असहज महसूस करते हैं तो थोड़ी देर के लिए इन खाद्य पदार्थों से बचें। • कार्बोनेटेड या फिजी ड्रिंक के बजाय पानी पीएं क्योंकि ये पेय पहले से ही बहुत अम्लीय हैं। • ठंडा दूध या दही का एक गिलास दिल का दर्द और acidity के लिए एक पुराना उपाय है। कैमोमाइल या अदरक चाय (अद्रक चाई) का एक कप भी मदद कर सकता है।केला मदद करते हैं। • छोटे, लगातार भोजन खाएं और अपने भोजन को अच्छी तरह से चबाएं। भोजन के बीच एक लंबा अंतरacidity का कारण बन सकता है।
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