20 सप्ताह की गर्भवती माँ

Question: Me 18 week se pregnant hu mere per me bahot dard hota he me kya karu

9 Answers
सवाल
Answer: हेलो डियर बहुत ज्यादा दर्द है तो तुरंत डॉक्टर से सलाह करने की कोई भी दवाई बिना डॉक्टर की सलाह के बिल्कुल ना खाए.यूटरस की राउंड लिगामेंट्स में खिंचाव के कारण पेट में दर्द होता है .यह राउंड लिगामेंट्स mainly 2 tissues ke रूप में होती है .जो आपके यूट्रस को स्थिर रखते हैं .वह यूट्रस और fetal के बढ़ने के साथ खींचती है. पेट में दर्द लगभग 18 से 24 वीक के बीच शुरू होता है. और एक तरफ दर्द होता है पर कभी कभी दोनों तरफ भी होता है. अगर आपको पेन हो रहा है और यह पेन बहुत ज्यादा नहीं है या रुक रुक के बार बार नहीं आ रहा है तो आप आराम से रहें. खाने पीने का ध्यान दें. आपने खाने में फाइबर ज्यादा ले. पानी खूब पिएं . खाना एक बार में बहुत सारा नहीं खाए . थोड़ा-थोड़ा खाना चबाकर खाएं. खाना खाने के बाद आप दो चुटकी अजवाइन खाएं .इससे आपको गैस की समस्या होगी तो बहुत राहत मिलेगी.
Answer: हेलो डियर प्रेगनेंसी में पैरों तक पर्याप्त रक्त संचार न हो पाने के कारण उसमें ऑक्सीजन की कमी से पैर दर्द होने लगता है। यह घुटनों, और पैरों की उँगलियों में भी होता है। कभी कभी पैर सुन्न पड़ सकता है।बदलते हॉर्मोन्स लेवल से पैरों में दर्द होता है। जैसे गर्भाशय का आकार बढ़ता है उस प्रकार बदन की निचली मांसपेशियां ढीली पड़ने लगती हैं। इस कारण महिलाओं में पैर दर्द होता है। बढ़ते वज़न के कारण उसकी पैरों की हड्डी पर प्रभाव पड़ता है जिससे मांसपेशियों और पैरों में दर्द होता है। पैरों के दर्द से बचने के लिए पैर की उँगलियों को हलके हाथ से दबाएं। साथ ही गुनगुने तेल से मालिश करें! यह धीरे धीरे बेहतर परिणाम देगा। गर्भावस्था में ऊँची हील की सैंडल न पहनें। आरामदायम फ्लैट्स और ढीली चप्पलें पहनें। इनसे भी आपके पैरों और एड़ियों को आराम मिलेगा।
Answer: हेलो डियर हल्का फुल्का पेट दर्द तो आपकौ पूरी प्रेग्नंसी मे ही होगा ।जैसे-जैसे प्रेग्नन्सी बढ़ती है बेबी का वजन भी बढने लगता है और baby की ग्रोव्थ के बढ़ने के साथ-साथ उतरुस में मांसपेशियों में खिंचाव पैदा होने लगता है जिसकी वजह से पेट दर्द जैसी प्रॉब्लम होने लगती है ।कभी कभी पेट दर्द गैस या कब्ज की वजह से भी होता है। पेट दर्द को दूर करने के लिए आप निम्न उपाय अपना सकती हैं- आप लगातार एक ही स्थिति में खड़ी ना रहे ,ना ज्यादा देर तक कहीं पर बैठे ।संतुलित और पौष्टिक भोजन ही करें । ज्यादा से ज्यादा मात्रा में पानी पिए । तनाव मुक्त रहें । जमीन पर पैरों को मोड़ कर ना बैठे । एक ही स्थिति में ज्यादा देर तक ना सोए। और अगर आपको ज्यादा पेट दर्द हो रहा है तो आप तुरंत ही अपने डॉक्टर से मिलें ।
Answer: अगर आपको पेन हो रहा है और यह पेन बहुत ज्यादा नहीं है या रुक रुक के बार बार नहीं आ रहा है तो आप आराम से रहें. खाने पीने का ध्यान दें.आपने खाने में फाइबर ज्यादा ले. पानी खूब पिएं .खाना एक बार में बहुत सारा नहीं खाए .थोड़ा-थोड़ा खाना चबाकर खाएं. खाना खाने के बाद आप दो चुटकी अजवाइन खाएं .इससे आपको गैस की समस्या होगी तो बहुत राहत मिलेगी.यूटरस की राउंड लिगामेंट्स में खिंचाव के कारण पेट में दर्द होता है .यह राउंड लिगामेंट्स mainly 2 tissues ke रूप में होती है .जो आपके यूट्रस को स्थिर रखते हैं .वह यूट्रस और fetal के बढ़ने के साथ खींचती है. पेट में दर्द लगभग 18 से 24 वीक के बीच शुरू होता है. और एक तरफ दर्द होता है पर कभी कभी दोनों तरफ भी होता है.
Answer: हेलो डिअर, प्रेग्नेंसीय होने के बाद एक समस्या पैरो के दर्द की होती है प्रेग्नेंसीय के दौरान रक्त प्रवाह बढ़ने के कारण पैरो में दर्द होता है प्रेग्नेंसीय में आपका वेट जैसे जैसे बढ़ता है वैसे वैसे बॉडी का भार पैरो पर आने की वजह से भी पैरो में दर्द होने लगता है ऐसे में सास लेने में भी परेशानी होती है ऐसा होना नार्मल बात है , आप अपने पैरों की सरसो के तेल से मालिश करे आपको आराम मिलेगा आप अपने पैरों को गुनगुने पानी मे नमक डालकर धो दे इससे भी आपके पैरों का दर्द कम हो जाएगा , ज्यादा हाई हील सैंडिल न पहनें क्योंकि इससे आपके पैरों में और भी दर्द हो सकता हैं , आप अपने पैरो की एक्सरसाइज करें पैर दर्द में बहुत लाभ होगा ।
Answer: हेलो डिअर, प्रेग्नेंसीय होने के बाद एक समस्या पैरो के दर्द की होती है प्रेग्नेंसीय के दौरान रक्त प्रवाह बढ़ने के कारण पैरो में दर्द होता है प्रेग्नेंसीय में आपका वेट जैसे जैसे बढ़ता है वैसे वैसे बॉडी का भार पैरो पर आने की वजह से भी पैरो में दर्द होने लगता है ऐसे में सास लेने में भी परेशानी होती है ऐसा होना नार्मल बात है , आप अपने पैरों की सरसो के तेल से मालिश करे आपको आराम मिलेगा आप अपने पैरों को गुनगुने पानी मे नमक डालकर धो दे इससे भी आपके पैरों का दर्द कम हो जाएगा , ज्यादा हाई हील सैंडिल न पहनें क्योंकि इससे आपके पैरों में और भी दर्द हो सकता हैं , आप अपने पैरो की एक्सरसाइज करें पैर दर्द में बहुत लाभ होगा ।
Answer: हेलो डियर प्रेगनेंसी में पैरों में दर्द होना नॉर्मल है जैसे जैसे बेबी का वेट बढ़ता है वैसे वैसे आपका वजन भी बढने लगता है और उसका असर आपके पैरो पर पड़ता है और आप के पैर में दर्द होने लगता है तो आप निम्न उपाय अपना सकती हैं- *आप रोज सुबह कुछ देर टहला कीजिए। *आप अपने पैरों की सिकाई फिटकारी dale गुन्गुने पानी से कर सकती है। *आप सरसो के तेल में अज्वाइन लेहसुन ड़ालकर पकाइये और ठण्डा होने पर उससे पैरो की मालिश कीजिये आपको बहुत आराम्ं मिलगा। *आप पैरों की थोड़ी स्ट्रेचिंग करके भी उसका दर्द दूर कर सकती है।आप पैरो का दर्द दुर करने के लिये कुछ एक्सरसाइज भी कर सकती है। *आप अपने खानपान्ं का भी ध्यांन रखिये।
Answer: hello dear प्रेगनेंसी में पैरों में दर्द होना नॉर्मल है जैसे जैसे बेबी का वेट बधता है वैसे वैसे आपका वजन भी बढने लगता है और उसका असर आपके पैरो पर पड़ता है और आप के पैर में दर्द होने लगता है तो आप निम्न उपाय अपना सकती हैं- *आप रोज सुबह कुछ देर टहला कीजिए। *आप अपने पैरों की सिकाई फिटकारी dale गुन्गुने पानी से कर सकती है। *आप सरसो के तेल में अज्वाइन लेहसुन ड़ालकर पकाइये और ठण्डा होने पर उससे पैरो की मालिश कीजिये आपको बहुत आराम्ं मिलगा। *आप पैरों की थोड़ी स्ट्रेचिंग करके भी उसका दर्द दूर कर सकती है।आप पैरो का दर्द दुर करने के लिये कुछ एक्सरसाइज भी कर सकती है। *आप अपने खानपान्ं का भी ध्यांन रखिये।
Answer: दर्द है तो आप गरम पानी की सिकाई करे।ठोड़ा आयल मसाज भी करे। पैरो को थोड़ा तकिया का सहारा देकर उप्पेर रखे। पानी खूब पियें । ध्यान रखे की जयाद खड़े होकर काम नहीं करे। तोड़ा आराम करे। take care
समान प्रश्न, उत्तर के साथ
सवाल: Mere Ek per me bohat dard he?? Kya karu??
उत्तर: पेट में बढ़ रहे वजन के कारन और बदलते होर्मोनेस के कारन पेट के स्नायु और आंत पे दबाव बढ़ता है और इस वजह से पेट या वजाइना में दर्द या वाइट डिस्चार्ज होता है. कभी कभी जलन भी होती है. इसमें गभरने वाली बात नहीं है. इसके लिए आप खाना एक बार में बहोत सारा न खाये. थोड़ा थोड़ा करके ज्यादा बार खाइये. वाकिंग करे. ज्यादा पानी पिए. ये सब से आपको रहत मिलेगी.
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सवाल: mere ek paer me bahot dard hota hai kya karu
उत्तर: Hello डियर , प्रेग्नेन्सी में पैरो पे सुजन आना आम बात है क्युकी बेबी का और आपका वेट पैरो पर भारी पडता है आपको जब भी संभव हो, अपने पैरों को थोड़ी ऊंची सतह पर रखकर बैठें। दफ्तर में अपनी डेस्क के नीचे स्टूल या बक्सा रखकर पैरों को उसपर रखें। बीच-बीच में उठें और थोड़ा चले-फिरें।घर में जब भी संभव हो अपने बाईं तरफ करवट लेकर लेटें क्योंकि इससे वीना कावा नस पर दबाव नहीं पड़ता।सुबह बिस्तर से निकलने से पहले सीवन या जोड़ रहित जुराबें पहन लें, ताकि खून को आपके टखनों के पास इक्ट्ठा होने काात करें। वे आपको कम्प्रेशन स्टॉकिंग पहनने के बारे में सलाह दे सकती हैं।खूब सारा पानी पीएं। हैरत की बात यह है कि आप जितना ज्यादा पानी पीएंगी, उतना ही कम पानी आपका शरीर प्रतिधारित करेगा।नियमित व्यायाम करें, खासकर कि चलना-फिरना, तैराकी, प्रसवपूर्व योग या एक्सरसाइज बाइक का इस्तेमाल। पौष्टिक व संतुलित आहार खाएं और ज्यादा नमक वाले खाद्य पदार्थ जैसे कि जैतून, नमकीन, चिप्स और नमक वाले मेवे न खाएं। ये पानी प्रतिधारण को बढ़ा सकते हैं।अगर आपकी त्वचा में ज्यादा कसाव और दर्द न लगे, तो किसी से अपने टखनों और पैरों की मालिश करवाएं। मालिश के दौरान नीचे से ऊपर की तरफ घुटनों तक जाएं। इससे पैरों से तरल पदार्थ को हटाने में मदद मिल सकेगी।कोशिश करें कि आप खुश और निश्चिंत रहें! ख्याल रखें डियर
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सवाल: mere kamar me bahot dard hota hai kya karu
उत्तर: हेलो डियर प्रेग्नंसी में कमर दर्द होना नॉर्मल है इसलिए आप परेशान मत हो। जैसे-जैसे गर्भावस्था में आपका गर्भ बढ़ता है और बच्चे का आकार बढ़ता है वैसे-वैसे नसों में खिंचाव पैदा होने लगता है। जिसकी वजह से कमर में दर्द होने लगता है ।यह हारमोनल परिवर्तन के कारण भी होता है। कमर दर्द को दूर करने के लिए आप निम्न उपाय अपना सकती हैं ज्यादा देर तक एक ही स्थिति में ना बैठे । संतुलित और पौष्टिक भोजन लीजिए । ज्यादातर देर तक एक ही अवस्था में ना लेटे थोड़ी थोड़ी देर पर करवट बदलते रहे। कमर दर्द दूर करने के लिए आप कुछ एक्सरसाइज और योगा भी कर सकती हैं। कमर दर्द को दूर करने के लिए आप अपने कमर की मालिश सरसों के तेल से कीजिए।
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