29 सप्ताह की गर्भवती माँ

Question: mam mujhe thiroid h mujhe kis chez ka parej krna chiya jisse mere throid r n bde r preagnency ke bd ni rahe

2 Answers
सवाल
Answer: थायराइड को कंट्रोल करने के लिए ब्लड टेस्ट और डाइट पर विशेष ध्यान देना चाहिए गर्भवती महिलाओं को हर महीने ब्लड टेस्ट करवाना आवश्यक है ताकि दवाई एडजस्ट की जा सके थायराइड में बैलेंस आहार और विटामिंस लेना जरूरी है आयोडीन युक्त आहार गर्भवति महीलाओं के लिये आवश्यक है 1)आटा के जगह अनाज लें ज्यादा मात्रा में विटामिन, मिनरल, प्रोटीन और फाइबर होता है। अनाज खाने से शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढती है। चावल, जई, जौ, ब्रेड, पास्ता और पापकॉर्न खाना चाहिए। 2)नॉन वेज पसंद करने वालों को मछली जरुर खानी चाहिये क्‍योंकि इसमें ज्‍यादा मात्रा में आयोडीन पाया जाता है। 3)दूध और दही में विटामिन, मिनरल्स, कैल्शियम और अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं। दही खाने से शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढती है।  4) हरी और पत्तेदार सब्जियां थायरायड ग्रंथि की क्रियाओं के लिए अच्छी होती हैं। पत्तेदार सब्जियों का सेवन करना चाहिए जिसमें विटामिन-डी और कैल्शियम होत है जो हड्डियों को मजबूत बनाता है। लाल और हरी मिर्च फल और हरी सब्जियों का सेवन करना चाहिए। 5)सोया मिल्‍क, टोफू या सोयाबीन में ऐसे रसायन पाए जाते हैं जो हार्मोन को सुचारू रूप से काम करने में मदद करते हैं
Answer: hello प्रेग्नेंसी में थायराइड से उतनी कॉम्प्लिकेशन नहीं होती जितनी की थायराइड की दवाई नहीं लेने से होती है। आपके डॉक्टर ने आपके थायराइड लेवल के अकारडिंग आपको मेडिसिन दिए होंगे। आप उस मेडिसिन को रेगुलर लेते रहिए। और समय-समय पर डॉक्टर के सलाह से अपना थायराइड टेस्ट करवाते रहिए। थायराइड को कंट्रोल करने के लिए आप यह सब चीजें खाएं। अगर आप नॉनवेजिटेरियन हैं तो समुद्री मछली झींगा खाएं। समुद्री जिवों में आयोडीन की मात्रा बहुत होती है जो कि थायराइड कंट्रोल करना करने में मदद करता है। प्रोटीन विटामिन युक्त खाना ले लहसुन प्याज मशरूम टमाटर पनीर हरी मिर्च खाएं सब्जी बनाने के लिए नारियल तेल का उपयोग करें। मुलेठी खाने से थायराइड ग्लैंड कंट्रोल में रहता है 3 से ४ ली० तक पानी रोज पिए। थायराइड में नीचे बताए गये चीजों से परहेज करें चावल मैदा अंडा सोया फूड गोभी बंद गोभी ब्रोकली शक्कर चाय कॉफी सफेद नमक। इन चीजों को खाने से थायराइड बढ़ता है। ध्यान रहे आयोडाइज्ड नमक ही लें और हो सके तो काला नमक या सेंधा नमक ले। टेक केयर
समान प्रश्न, उत्तर के साथ
सवाल: mam mujhe throid h mujhe kin chezo ka parez krna chiye jisse ye r na bde r preagnency ke bd na rahe?
उत्तर: हेलो आप को थाइरॉइड है आपको थाइरॉइड है घबराये नही थाइरॉइड होने पर आप स्ट्रेस ना लें अपनी रोज की रूटिन लाइफ जैसे समय से सोना खाना उठना एक्सर्साइज करना हरि सब्जियां खाना बाहर का फ़ूड अवोइड करना में में सुधार करे क्योकी यही सब चीज़ें बॉडी में हार्मोन को मैनज करती है .आप इतना स्ट्रेस ना ले हेल्थी डायट फॉलो करे एक्सर्साइज करे खुश रहें ,समय-समय पर लगातार जांच कराये,आधा घंटा व्यायाम करे, इससे थाइरोइड बढ़ता नही है और कंट्रोल मे रहता है। .आप मिर्च मसाले ऑयली खाने से दूर रहें सन्तुलित भोजन करे आयोडीन थायराइड कंट्रोल करने मे काफी असरदार है पर जितना हो सके नेचुरल आयोडीन का सेवन करे, जेसे कि टमाटर, प्याज और लहसन।तीन से चार लिटर पानी पीना चाहिए, ये शरिर से विशेले पदार्थ निकालने मे काफी मदद करता है। इसके इलावा एक से दो गलास फल का जूस भी पिए। हफ्ते मे एक बार आप नारियल पानी भी पिए तो अच्छा रहेगा ।अपनी डाइट मे विटामिन A अधिक मात्रा मे लें। हरी सब्जियों और गाजर मे विटामिन Aज्यादा होता है जो थायराइड को कंट्रोल करने मे मदद करता है।
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सवाल: mam mere 6 month chal raha h par mujhe kesar vala dodh pena chiya ya ni
उत्तर: hello केसर का उपयोग अपने प्रेगनेंसी की दूसरी तिमाही से कर सकते हैंइसके काई फ़ायदे होते है प्रेग्नेन्सी में जैस की इसके उपयोग से बेबी गोरा होता है ऑर प्रेगनेट लेडीज का बॉडी स्वस्थ रह्ता है आँखों की प्रॉब्लम भि दूर होती है जैस की नीन्द पुरी ना होने के वज्ह से आँखों में जो तनाव दिखता है लाल ऑर सुजन आ जाती है वो सब प्रॉब्लम नही होती केसर के उपयोग से प्रेग्नेन्सी में पाचन क्रिया की बहुत प्रॉब्लम होती है जैसे की पेट में दर्द होना खाना ना पचना गेस की प्रॉब्लम इन सब में आराम मिलता है इसके सेवन से बी.पी. भि नॉर्मल रहता है आप एक दिन में दूध के साथ 4 केसर के रेसे ले सकती है इस्से जादा दिन भर में उपयोग ना करें
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सवाल: hello mera baby 3 month ka h delivery k baad pata chala ki baby ko throid h avi test tb se 25 mg ka medicine de rahe h avi test karwaye h usme throid label km ho gaya h plz bataeye mere baby ka throid kitne din m tk ho jayega or future m mere baby ko koi problem to n hoga n .
उत्तर: बच्‍चों में जन्‍मजात हाइपोथायराइडिज्‍म के लक्षण  जन्‍म से ही दिखाई देते हैं। इसके कारण नवजात को जन्‍म लेने के तुरंत बाद दिक्‍कत हो सकती है। थायराइड ग्‍लैंड का ठीक से विकास न हो पाना इसका प्रमुख कारण होता है। कुछ बच्‍चों में तो थायराइ‍ड ग्रंथि भी मौजूद नहीं होती है। इसके कारण शिशु मानसिक समस्‍या (क्रे‍टिनिज्‍म) होती है। इसलिए बच्‍चे के जन्‍म के एक सप्‍ताह के अंदर उसके थायराइड फंक्‍शन की जांच करानी चाहिए।
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