30 सप्ताह की गर्भवती माँ

Question: mam mera 30 week chal raha hai or mujhe rat maine need nahi ati or pairo me bahut fatan or dard hota hai... kya karu plz help me🙏

1 Answers
सवाल
Answer: प्रेगनेंसी में यह समस्या आती है hormonal डिसबैलेंस होने के कारण हमारे हमें कभी भी घबराहट हो जाती है कभी भी हम खुश हो जाते हैं हमारा मूड स्विंग बहुत ज्यादा होता है नींद नहीं आती है इसके लिए आप बिल्कुल भी चिंता नहीं कीजिए प्रेग्नेंसी के जाने के बाद भी आप की डिलीवरी होने के बाद अपने आप ठीक हो जाएगा अभी आप अपने आप को खुश रखने की कोशिश कीजिए आप अपने मनपसंद का म्यूजिक सुन सकती है अपने पसंद के कपड़े पहन लिए अपने पसंद का भोजन कीजिए आप अच्छी किताबें पढ़ी है और अपने हस्बैंड से अच्छी बातें कीजिए आप थोड़ी देर साथ में टहलने भी निकल सकते हैं इससे आपका मन शांत रहेगा आप अपने मन की बातें शेयर किया कीजिए किसी से भी इससे आपको आराम महसूस होगा। पैरों में हल्के गर्म सरसों के तेल से मालिश करने से आपको आराम महसूस होगा और थकान दूर होगी नींद भी अच्छी आएगी।
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सवाल: Mere pairo me bahut dard hota hai jiske karan rat me nind nahi ati
उत्तर: Hello डियर , प्रेग्नेन्सी में पैरो पे सुजन आना आम बात है क्युकी बेबी का और आपका वेट पैरो पर भारी पडता है.बीच-बीच में उठें और थोड़ा चले-फिरें।घर में जब भी संभव हो अपने बाईं तरफ करवट लेकर लेटें क्योंकि इससे वीना कावा नस पर दबाव नहीं पड़ता। खूब सारा पानी पीएं। हैरत की बात यह है कि आप जितना ज्यादा पानी पीएंगी, उतना ही कम पानी आपका शरीर प्रतिधारित करेगा।नियमित व्यायाम करें, खासकर कि चलना-फिरना, तैराकी, प्रसवपूर्व योग या एक्सरसाइज बाइक का इस्तेमाल। पौष्टिक व संतुलित आहार खाएं और ज्यादा नमक वाले खाद्य पदार्थ जैसे कि जैतून, नमकीन, चिप्स और नमक वाले मेवे न खाएं। ये पानी प्रतिधारण को बढ़ा सकते हैं।अगर आपकी त्वचा में ज्यादा कसाव और दर्द न लगे, तो किसी से अपने टखनों और पैरों की मालिश करवाएं। मालिश के दौरान नीचे से ऊपर की तरफ घुटनों तक जाएं। इससे पैरों से तरल पदार्थ को हटाने में मदद मिल सकेगी।कोशिश करें कि आप खुश और निश्चिंत रहें! हालांकि, आपके सूजे हुए टखने शायद आपको असहज महसूस करा सकते हैं, मगर इडिमा एक अस्थाई स्थिति है, जो कि शिशु के जन्म के बाद दूर हो जाती है। ख्याल रखें डियर.
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सवाल: हेलो mam mera 9month chal raha h mujhe need nahi aati rat me or na din me kya karu mai
उत्तर: प्रेगनेंसी के दौरान भरपूर नींद लेना बहुत जरूरी है प्रेगनेंसी के दौरान शरीर में बहुत से हारमोनल चेंज हो जाते हैं इसी के साथ ऐसी स्थिति में बहुत तनाव होता है जिस वजह से नींद ना आना स्वाभाविक है नींद आने के का बहुत से कारण हो सकते हैं नींद ना आने पर आप कुछ उपाय कर सकते हैं जैसे कि खाने में तरल तरल पदार्थ लें जैसे पानी और जूस पिए ध्यान दें रात में सोने से पहले तरल पदार्थ ना लें इसे रात को बार-बार urine आ सकती है और नींद खराब होगी मॉर्निंग वॉक करें हल्की-फुल्की एक्सरसाइज करें इससे ब्लड सरकुलेशन होता रहेगा रात के समय पैरों में ऐंठन कम होगी तनाव बिल्कुल ना ले इसलिए बेहतर होगा कि आप अपने आपको हर वक्त खुश रखें
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सवाल: मेरा 17 वीक chal रहा है .मेरे पैरों में rat को बहुत दर्द होता h. क्या करूँ
उत्तर: नैंसी में हार्मोन के बदलने के वजह से पैरों में दर्द होना सामान्य होता है पेट में बेबी होने के वजह से पूरा भार पैर पे ही पड़ता है इसलिए पैर में दर्द होता है आप पैर में गुनगुने तेल से मलीस करें ऑर उनचि हिल के सेन्दिल ना पहनें सिम्पल फ्लैट्स स्लीपर पहनें इस्से आपके पैरों ऑर एड़ियों को आराम मिलेगा व्यायाम करें ऑर मॉर्निंग वाक करें सोते टाइम पैर में तकिया लगाकर सोएं इसे आपको दर्द में कुछ आराम मिलेगा
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सवाल: muje rat ko nind nh ati or or pairo me dard hota hai.....
उत्तर: गर्भावस्था में निंद न आने का एक कारन घबराहट है जिसकी वजह से नींद आने में कठिनाई होती है। उन्हें लेबर पैन से भी बहुत डर लगता है। साथ ही पेट में दरद होने के कारण बेचैनी और असहजता महसूस होता रहता हैएसीडिटी गैस मरोड़आदी के कारन भी निंद नही आ पाती।निंद लेने के उपाय----- 1)तेलीय नमक मिर्च मसाला चटपटा खाने से दूर रहे। 2)सोने से पहले गुनगुने पानी से नहाए हल्की हल्की मसाज लें मनपसंद गाना सुने या बुक पढे़ जिससे नींद आने लगेगी 3)रोज सुबह-शाम हल्का वॉक करें 4)सोते समय पेट कमर और दोनों पैरों के बीच तकिया लेकर रिलैक्स होकर सोयें। 5)रात को कम से कम पानी पिए ताकि बार-बार उठ कर बाथरूम ना जाना पड़े और आपकी नींद खराब ना हो। 6)जागते समय अच्छी अच्छी किताबें पढे़ music सुने जिससे अच्छी निंद आयेगी। कभी-कभी मांसपेशियों और हड्डियों पर पड़ने वाले दबाव के कारण पैरो मे दर्द के साथ सूजन और ऐंठन भी हो सकती है यह दर्द और सुजन बच्चे के जन्म के साथ ही खत्म हो जाता है।यह कभी किसी तो कभी किसी पैर में होता है यह परेशानी ज्यादातर प्रेगनेंसी में महिलाओं को होता ही है। यह दर्द गर्भाशय में बच्चे के बढ़ने के कारण पड़ने वाले दबाव के कारण होता है दर्द से राहत के लिए आप पैरों और तलवों में हल्के गुनगुने सरसों तेल से मालिश ले सकती हैं नमक कम खायें।पैर के नीचे तकिया लेकर सोऐं। दर्द वाले की स्थिति में आप ज्यादा देर तक चले नहीं ना खड़े हो आपको आराम करना चाहिए और आपको फ्लैट आरामदायक नरम चप्पले पहननी चाहिए।
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