18 weeks pregnant mother

Question: mam mai labhg 17 week ki pregnet hu ..ultrasound se pta chala h ki baby ulta h aur garbhnal v bhut niche h ..mujhe kya krna chahiye aur kaun si medicen leni chahiye

1 Answers
सवाल
Answer: hello dear आप परेशान ना हो अक्सर बच्चे घर में मूवमेंट करते रहते हैं जैसा कि अभी आपका बच्चा छोटा है ज्यादा दिन का नहीं हुआ है तो हो सकता है बच्चा मोमेंट करते हुए सही स्थिति में आ जाए और नाल भी अपने सही स्थिति में आ जाए यह आपको डॉक्टर सोनोग्राफी करने के दौरान रिपोर्ट में बताएंगे कि बच्चे की स्थिति अभी क्या है आप इस दौरान कोई भी मेडिसिन या घरेलू उपाय बिना डॉक्टर सलाह के ना करें
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सवाल: mai 6 week se pregnant hu mujhe kal hi pta chala abhi tak mai doctor se consult nii ki hu mujhe krna chahiye aur nii vomiting ho rhi hai mujhe doctor se abhi consult krna chahiye
उत्तर: hello अगर आप की प्रेगनेंसी कंफर्म हो गई है तो आपको डॉक्टर से जरूर कंसल्ट करना चाहिए डॉक्टर आपको जरूरी मेडिसिन सप्लीमेंट वैक्सीनस और अल्ट्रासाउंड की जानकारी देंगे
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सवाल: mera baby ulta h , mujhe kaun kaun si madicine leni chahiye jisse mera baby sahi position me aajaye
उत्तर: आप या कोई मेडिसिन इसमें कुछ नही कर सकती. आपके बच्चे को कोई नुकसान नही है. डिलिवरी के टाइम डॉक्टर बच्चे को अपने तरीके से हैंडल कर लेङ्गे
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सवाल: mam mujhe sardi zukham aur halka sa fever aa raha hai mujhe kaun si tablet leni chahiye
उत्तर: अभी आप ५ वीक प्रेग्नेंट हो. प्रेगनेंसी में कोई भी दवाई बिना डॉ की सलाह के ना ले. आप २ कप पानी में एक चम्मच अजवाइन , आधा चम्मच हल्दी पावडर , एक चुटकी मरी पावडर , तुलसी के पत्ते , अदरख ये सब दाल के पानी को उबले. उसे छान कर उसमे से दिन में २ से ३ बार एक दो घुट पिए. इससे काफी राहत होगी. गर्म दूध में हल्दी भी मिला कर पि सकते हो. गर्म दूध में तुलसी के पत्ते और अदरख उबालकर भी पि सकते हो. इससे आपको काफी राहत होगी.
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सवाल: mam meri saans jane kyu ful si rhi h... mai mujhe thandhe se alergy v h. mai kaun si medicine use kru
उत्तर: कोई भि मेडिसिन डॉक्टर को दिखायें बिना नही लेना , प्रेगनेन्सी मे सेफ नही होता . गर्भावस्था के दौरान श्वासहीनता (सांस की कमी) होना काफी आम है गर्भावस्था में माँ व शिशु दोनों को ही अधिक प्राणवायु की आवश्यकता होती है जिसकी पूर्ति हेतु श्वास की गति व तीव्रता दोनों की बढ़ जाती है। गर्भाशय के विशाल आकार द्वारा छाती व पेट के मध्य उपस्थित झिल्ली (Diaphragm) पर दबाव के कारण फेफड़ो की कार्य क्षमता कम हो जाती है। इन परिवर्तनों के कारण माँ को श्वास की तकलीफ महसूस हो सकती है। तीखा भोजन का सेवन ना करें। भोजन ग्रहण करने पश्चात् तुरंत चित्त ना लेटें। करवट पर सोंए। सर्दी खांसी होने पर गर्म पानी की भाप आराम दायक हो सकती है। धूल या प्रदूषित स्थान पर जाने से बचें। दमें से ग्रसित हो तो हमेशा अपने संग इन्हेंलर पंप ले जाना ना भूलें। नियमित व्यायाम व चहलकदमी करें। फुग्गा फुलाने जैसा सामान्य व्यायाम फेफड़ों के लिए लाभप्रद हो सकता है।
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