31 weeks pregnant mother

Question: mam kya placent jo neech ki taraf hai kya ye 9mth tk upar ja sakta hai mujhe koi problm bhi nai hai plz btayen aesa kya karon jo ye sai ho jaye

1 Answers
सवाल
Answer: डियर ... लो प्लेसेंटा होने की स्थिति में ज्यादातर माताओं को आराम करने की सलाह दी जाती है, क्योंकि बच्चा जैसे-जैसे ग्रोथ करता है, उसका दबाव प्लेसेंटा पर पड़ता है और आपको कभी भी ब्लीडिंग स्पोटिंग होने की संभावना रहती है। इसलिए हमेशा माताओं को आराम करने की सलाह दी जाती है ।लो प्लेसेंटा ज्यादातर स्कैन के द्वारा शुरुआती महीनों में ही पता चल जाता है यह प्रेगनेंसी के अंत अंत तक ठीक भी हो जाता है। डॉक्टर इस समय पर इंटर कोर्स करने से भी हमेशा मना करते हैं पूरी प्रेगनेंसी में आपको अपना खास ध्यान रखना पड़ता है अब ज्यादा हैवी सामान भी नहीं उठाई है आराम कीजिए और पौष्टिक आहार लेते रहिए हल्की वॉक कर सकते हैं।
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सवाल: Mam mera baby pahle upar ki taraf movement krta tha.. Ab niche ki taraf hi movement krta hai.. Kya ye normal hai...
उत्तर: ji ye bilkul normal hai baby ese tym m ghumte rehta hai to kbhi right kbhi left kbi upr kbi nuche hota hai to aap ghabraye ni or apne baby ki halchal ka aanand le khush rhe
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सवाल: mera 9 mahina b khatam hone wala hai.. sirf ek hafta reh gya..aur mera baby abhi bhi tummy k upar ki taraf hai.. bilkul breast k niche feel hota hai.. tummy b upar ki taraf hai.. baby kab tk niche aayega or labour pains kab start hongi.. kahi dr ki di hui date b na nikal jaye..mujhe btao main kya kru????
उत्तर: प्रेगनेंसी की पूरी अवधि ४०वीक्स मानी जाती है। बहुत से बच्चे ३७वीक से ४० वीक के अंदर पैदा हो जाते है। वीक्स आपके पीरियड के पहले दिन से काउंट किय जाते है। जरूरी नहीं है कि बच्चे सिर्फ पेन से ही पैदा होते हैं कभी-कभी अवधि पूरी हो जाने के बाद बच्चों को ज्यादा देर तक पेट में रहने से नुकसान भी हो सकता है इसलिए आप डॉक्टर के निर्देशों का पालन करते रहिए। और अवधि पूरी हो जाने के बाद या फिर अवधि पूरी होने से पहले एक हफ्ते पहले आप डॉक्टर से जरूर चेकअप कराइए और निर्देशों का पालन कीजिए लास्ट लास्ट के month मे आप कुछ बातों का खास ध्यान रखिए। बच्चे का मूवमेंट दिन में कम से कम 15baar होना जरुरी हैं कभी कभी बच्चे सोते रहते हैं. यदि आपको मूवमेंट मेहसुस नहीं हो रही है तो आप ठंडा पानी पीजिए अपने पेट me हाथ फेरते रहिये... अगर कुछ मूव मेंट ना दिखे तो डॉ को जरूर दिखाए. लास्ट लास्ट प्रेग्नेन्सी में बच्चे का सर पेल्विक एरिया मि फिक्स होने लगता है जिससे बेबी का मुवमेंट थोड़ा कम या अलग लग सकता है. आप किसी भि प्रकार का वेजिनल लीकेज को नोटिस करते रहिए । जिससे आपको पता चलेगा अगर आपका वाटर लीक होगा तब और किसी भी प्रकार का डिस्चार्ज होगा तब आपको डॉ से संपर्क करना है।।।सफेद डिस्चार्ज नार्मल है उसमें घबराने की बात नहीं है।।। अगर किसी भी प्रकार का तेज़ पेट में दर्द होता है तो अपने डॉ से मिलिये।।यह लेबर पेन भी हो सकता है। आप अपने बेबी के लिए एक हॉस्पिटल बैग तैयार कर लीजिये जिसमे कुछ जरुरी सामान रखना होगा जेसे बच्चे के २...३ सेट धुले कपडे और धुप में अच्छे से सुखाय हुये।आपके २...३ सेट फीडिंग वाले गाउन दो तीन पैर अंडर गारमेंट... जरूरी हॉस्पिटल के डॉक्युमेंट्स... diaper... बेबी वाइप... एक टॉवल और बेबी को ढाक्ने और cuddle करने के लिए ब्लंकेत... दूध पिलाने के लिए एक स्टॉल... कोई भी एंटीसेप्टिक लिक्विड सोप और हैंड सैनिटाइजर.. पैड... एक छोटा मिरर और comb। आप अच्छा सन्तुलित खाना लीजिये।।खुश रहिये और अपने बेबी का वेट कीजिये।...
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सवाल: mam mujhe pcod hai kya mam ye thik ho sakta hai mam mujhe periods bhi irregular hai
उत्तर: डियर ....इस रोग का मुख्य कारण आजकल की चिंता,खाने-पीने मे अनियमितता,असंतुलित आहार, मोटापा और मधुमेह ही है गर्भधारण में परेशानियां या बार बार गर्भपात PCOD के लक्षण है. इस रोग से बचने क कुछ उपाय निम्न है *आप रोजाना एक्सरसाइजेज, रनिंग और स्विमिंग करें, इससे शरीर के हॉर्मोन संतुलित रहते है  *आप संतुलित और स्वस्थ आहार लें,  तैलीय चीजों से दूर रहे,उनके स्थान पर आप फलों और पत्तेदार सब्जियों का सेवन कर सकती है. *जितना कम हो सके उतना कम तनाव लें. तनाव दूर करने के लिए आप योग प्राणायाम का सहारा भी ले सकते हो. *अगर आप अपने वजन को ही कण्ट्रोल में कर लें तो PCOD की समस्या अपने आप दूर हो जायेगी *महिलायें जिन्हें PCOD है, उन्हें तुरंत डॉक्टर्स से मिलना चाहियें और उनकी सलाह के अनुसार ही दवाओं का सेवन शुरू कर देना चाहियें
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