31 weeks pregnant mother

mam jo face pe jhayia hoti hai uski vjah iron ya calcium ki kami ke karn hai

सवाल
हेलो डियर चेहरे पर प्रेगनेंसी झाइयां पड़ने पर pregnancy में आम समस्या है इसका कारण है हार्मोन का बदलाव होना आप बहुत ही आसानी से ठीक कर सकते हैं मैं आपके साथ कुछ टिप्स शेयर करती हूं - 1)यदि आपको नींबू सूट करता है तो आप नींबू के साथ गुलाब जल मिलाकर चेहरे पर दिन में दो से बार लगाएं 2)टमाटर को कद्दूकस करके उसका रस चेहरे पर लगाएं और 30 मिनट के बाद चेहरा धो लें 3)थोड़े से कच्चे दूध में जरा सा शहद मिलाकर चेहरे पर लगाएं और 30 मिनट के बाद हल्के गुनगुने पानी से धोएं 4)मार्केट से काले दिल ले ले और उस को पीसकर बारीक पाउडर बनाकर उसमें हल्दी और गुलाब जल मिलाएं मचेहरे पर लगाकर 30 मिनट के लिए छोड़ दे जब सूखने लगे उसके बाद इसको स्क्रब करते हुए चेहरे को ठंडे पानी से वॉश करें इन सभी उपायों से आपको जरूर लाभ होगा आप इन्हें रेगुलर बेसिस पर करें आपको रिजल्ट जल्दी ही दिखने लगेगा आपकी डाइट में सलाद हरी सब्जियां ड्राई फ्रूट्स ताजे फल इन सब को भी इंक्लूड करें ध्यान रखें और अपनी प्रेगनेंसी को डियर अच्छे से इंजॉय करें एक्टिव रहने की कोशिश करें रेस्ट भी ले ऑल द बेस्ट :)
हेलो डिअर, आप जब प्रेग्नेंट होती है तब हार्मोन्स परिवर्तन के कारण कुछ लोगो को के झाइयां भी हो जाती है जिसका उपाय अगर आप ने समय रहते नही किया तो वो चीजे जल्दी कम नही होती है आप इस तरह से काली झाइयो का घर पे ही कर सकती है है आप जब भी बाहर जाए अपने स्किन पे सनस्क्रीम लोशन जरूर लगा ले क्यो की घूप में इसका प्रभाव ज्यादा हो जाता है । थोड़ा से शहद और नींबू मिलाकर भी झाइयो वाली जगह पर लगा सकते है । इससे झाइयां कम हो जाती है । आप अपने झाइयो पर एक टमाटर की स्लाइस भी झाइयो पे रगड़े इससे भी झाइयां कम पड़ जाती है । आप झाइयो पर शहद की कुछ बूंदे और पिसी चीनी मिलाकर भी अपने झाइयो वाले जगह पर रगड़ें झाइयां कम हो जाएगी ।
हेलो डियर हर गर्भवस्था अलग होती है और सभी को अलग अलग अनुभव होते हैं। ये हार्मोनल परिवर्तन के कारण होते हैं। गर्भावस्था के दौरान हार्मोन खास रोल निभाते हैं। ये समस्याएं डिलीवरी के बाद चली जाती हैं लेकिन तुरंत नहीं। पिग्मेंटेशन को रोकने के लिए कुछ उपचार। * ताजा अलोवेरा जेल रोज लगाएं । * टमाटर और ककड़ी का रस मिलाएं और अपने चेहरे पर लगाएं । * बादाम पेस्ट और शहद मिलाएं अपने चेहरे पर लगाएं और 10 मिनट के बाद धो लें। * अपने आहार में विटामिन ई ले। * अपने चेहरे पर पपीता पेस्ट लगाएं। * 15 मिनट के लिए आलू का रस या आलू का पेस्ट रगड़ें। यह एक अच्छा उपाय है।
समान प्रश्न, उत्तर के साथ
सवाल: jo dr calcium or iron k teblet detey hai wo khana jaruri hai ya nahi
उत्तर: tablets apko bhut jruri h khani dr apke fayde k liye hi dete h apme iron calcium ki kmi h tbhi to dr ne tablets di h agr ap phle se hi iron calcium yukt food leti to apko dr ye tablets nhi deti ab to apko jrur leni chahiye esme apka or apke bche dono ka fayda h..all the best.. take care
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सवाल: calcium ki davai milk se leni hoti h ya iron kj
उत्तर: दोनो दवाई आप सादे पानी के साथ ले सकती है . कैल्सीअम की मिल्क के साथ ले सकते एच ...
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सवाल: mere ko gas ki problem bhot hoti hai or uski vjah se pet drd bhi hota hai mai kya kru
उत्तर: गर्भावस्था में पेट की गैस को दूर करने के घरेलू उपाय इस प्रकार से हो सकते हैं: 1.मेथी के दाने:  सामान्य रूप से मेथी के दाने पेट की हर समस्या, विशेषकर गैस बनने के समस्या को बहुत आसानी से दूर करते हैं। यही नियम गर्भवती स्त्री के साथ भी लागू होता है। गर्भावस्था में जब ज्यादा गैस बनने लगती है तो मेथी दानों का प्रयोग अच्छा रहता है। रात तो थोड़े से पानी में मेथी दाने भिगो कर रख दें और सुबह उस पानी को पी लें। इससे गर्भावस्था में बनने वाली गैस में आराम आ जाता है। 2.तनाव दूर रखें:    तनाव किसी भी सामान्य अवस्था में व्यक्ति की दिनचर्या और खान-पान को प्रभावित करता है। इसी प्रकार गर्भावस्था में भी तनाव स्त्री के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा आसार डालता है। तनाव में रहने के कारण खाने पीने के तरीके और समय में परिवर्तन हो सकता है और परिणामस्वरूप गैस बनने लगती है। इसलिए बहुत जरूरी है की गर्भावस्था में गैस के उपाय के रूप में तनाव से दूर रहें। 3.ज़्यादा पानी पीए: ज्यादा से ज्यादा पानी का सेवन हर व्यक्ति के स्वास्थ्य को ठीक रखता है। गर्भावस्था में भी स्त्री को पानी केई कमी की समस्या हो सकती है इसलिए इस अवस्था में अधिक से अधिक पानी पीना चाहिए। समुचित मात्रा में पानी पीने से भोजन को पचने में आसानी होगी और न तो अपच होगा और न ही गैस बनेगी। 4.फाइबर युक्त आहार:  फाइबर युक्त भोजन से पाचन क्रिया सही रहती है और पेट में सूजन नहीं आती है जिसके कारण गैस बनती है। गर्भवती स्त्री को अपने भोजन में फाइबर युक्त भोजन को अधिक से अधिक खाना चाहिए। इसके लिए फलों का सेवन ज्यादा मात्रा में किया जा सकता है। गर्भावस्था में फाइबर युक्त भोजन गैस को बनने से रोक देता है। 5.व्यायाम: गर्भावस्था में नियमित व्यायाम स्त्री और गर्भ के शिशु के लिए बहुत लाभदायक रहता है। इससे शरीर की मांसपेशियों में नरमाहट बनी रहती है और पाचन क्रिया भी ठीक से होती है। नियमित व्यायाम से डाइजेशन ठीक रहता है और गैस नहीं बनती है।
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