7 weeks pregnant mother

kya 6 वीक ki pregnancy के ultrasound mei twince baby के hone ka pta lg skta एच

सवाल
Hello...dear आमतौर पर पहली तिमाही में दो स्कैन किए जाते हैं। छह से नौ सप्ताह के बीच डेटिंग व वायबिलिटी स्कैन और 11 और 13 सप्ताह के बीच अर्ली मोर्फोलॉजी स्कैन या एनटी स्कैन। आपको गर्भावस्था की पुष्टि के लिए स्कैन की जरुरत नहीं होती है, मगर शुरुआती हफ्तों में स्कैन कराने से निम्न बातों का पता चलता है: #गर्भाशय में शिशु सही स्थिति में है या नहीं #स्कैन के दौरान आप शिशु की धड़कन सुन सकती हैं, शिशु का दिल आमतौर पर छह हफ्तों के आसपास धड़कने लगता है। #शिशु के जन्म की सही नियत तिथि का पता लगाना। #अगर, आपको कोई रक्तस्त्राव या खून के धब्बे हो रहे हैं, तो इनका कारण पता लगाना। #यह पता लगाना कि आपके गर्भ में कितने शिशु पल रहे हैं...Ok take care ...dear
जी हां.. सबसे पहला स्कैन बच्चे की संख्या गर्भाशय में उसकी स्थिति बच्चे की हार्ट बीट जाने के लिए की जाती है ... इसमें आपकी twince प्रेगनेंसी का पता चल सकता है।
समान प्रश्न, उत्तर के साथ
सवाल: kya 6 week ki pregnancy k ultrasound mei twins baby hone ka pta chl jata h ?
उत्तर: हेलो डियर 6 वीक के अल्ट्रासाउन्ड में ये पता चलना की आपको ट्विन्स है ये मुशिक्ल होता है ये 10-11 वीक के अल्ट्रासाउन्ड में पता चलता है kai बार ये पहले तिमाही के अल्ट्रासाउन्ड में पता लगा पाना मुशिक्ल होता है क्योकी एक गर्भाशय एक दूसरे के आगे पीछे होते है ऐसे में हम दूसरे तिमाही में ही पता लगा पाते है कि गर्भ में सिंगल बेबी है या ट्विन्स
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सवाल: kya without sonography k pta lg skta h ki baby ne headown kr liya h
उत्तर: हेलों आप 33 वीक प्रेगनेट है बिना सोनोग्राफी किए ये पता लगना की बेबी ने हेड डाउन कर लिया है ये मुशिक्ल है जब आप के बेबी की पोजिशन हेड डाउन हो जाती है आप नीचे की ओर ज़्यादा भार दबाव महसूस कर सकती है
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सवाल: सोनोग्राफी se kese pta lg skta h ki baby boy h baby girl
उत्तर: हेलो बच्चे की डेवलपमेंट हार्टबीट और पोजीशन को देखने के लिए डॉक्टर अल्ट्रासाउंड की सलाह देते हैं प्रेगनेंसी के दौरान पहला अल्ट्रासाउंड छठवें हफ्ते से 9वे हफ्ते के बीच कराई जाती है। और दूसरा अल्ट्रासाउंड 18 हफ्ते से 22 हफ्ते के बीच कराई जाती है इसे ही सेकंड लेवल अल्ट्रासाउंड कहते हैं। इस अल्ट्रासाउंड में बच्चे की लेंथ पोजीशन क्रोमोसोमल डिसऑर्डर्स या डाउन सिंड्रोम का पता लगाया जाता है। मतलब अगर गर्भ के अंदर बच्चे में कोई कमी है तो इस अल्ट्रासाउंड से पता चल जाता है और अल्ट्रासाउंड से यह भी पता लगाया जा सकता है कि गर्भ में पलने वाला बच्चा लड़का है या लड़की। लेकिन यह बात डॉक्टर से पूछना भी नहीं चाहिए और डॉक्टर बताते भी नहीं है क्योंकि इस बारे में जानकारी लेना और देना दोनों ही अपराध होता है प्रेगनेंसी में अगर कोई कॉम्प्लिकेशंस होते हैं तोऔर अल्ट्रासाउंड और कराया जाता है
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