13 सप्ताह की गर्भवती माँ

Question: Kitne month baad trtment chalu hogi

2 Answers
सवाल
Answer: गर्भावस्था के समय मां और बच्चे का ख्याल रखना बहुत जरूरी होता है मां की पहली देखभाल तो खुद पर निर्भर करता है लेकिन बच्चे के स्वास्थ्य के बारे में जानने के लिए हमें कुछ जांच करानी पड़ती है गर्भावस्था के दौरान शरीर में काफी परिवर्तन होते हैं जिनकी निगरानी करना बच्चे और मां के स्वास्थ्य के लिए बहुत ज्यादा आवश्यकता है इसलिए हमें समय समय पर चेकअप करवाना चाहिए बच्चे के जन्म से पहले जो परीक्षा में होता है उसे एंटी नेटल केयर कहा जाता है iska udesya यही होता है कि बच्चे के स्वास्थ्य के बारे में जानना प्रेगनेंसी में सबसे पहले स्क्रीनिंग टेस्ट 15 से 20 हफ्ते के दौरान करवाने चाहिए जिससे कि बच्चे की रीढ़ की हड्डी के बारे में हमें पता चलता है इस समय आप बच्चे में होने वाले down syndrom उनके बारे में भी पता कर सकते हैं जो क्रोमोसोम में जींस होते हैं उनके द्वारा माता पिता के गुण बच्चों में ट्रांसफर होते हैं इन क्रोमोसोम में गड़बड़ी की वजह से उनको डाउन सिंड्रोम होने का चांस रहता है इसलिए 15 से 20 सप्ताह के दौरान एक बार जांच करानी जरूरी होती है गर्भवती महिला की सबसे पहली जांच उसके पहले तिमाही में होता है जिसमें डॉ आपके मासिक धर्म चक्र पिछला गर्भाधारण , सेवन करने वाली दवाइयों और आपके जीवन शैली के बारे में पूछते हैं इस समय आपका वजन BP हृदय की गति यह सब मापा जाता है जो की बहुत जरूरी होता है दूसरी तिमाही में भी आपके यूरिन टेस्ट अल्ट्रासाउंड और आपका ब्लड टेस्ट किया जाता है जिससे कि आपका हीमोग्लोबिन का स्तर और आपके बच्चे की स्थिति के बारे में जाना जाता है तीसरी तिमाही में जब महिला गर्भवती के अंतिम चरणों में पहुंच जाती है तो आपकी सेहत आप प्रेग्नेंसी के अनुसार डॉक्टर आपको हर दो और 4 हफ्ते में हास्पिटल आने के लिए कहते हैं आज जब 36 सप्ताह की शुरुआत से जब तक डिलीवरी नहीं हो जाती तब तक आपको हमेशा जांच करवाते रहना चाहिए कि इस दौरान आपका और आपके बच्चे पर पूरा ध्यान रखा जाता है इस दौरान भी अल्ट्रासाउंड कराया जाता है जिसमें प्लेसेंटा की स्थिति बच्चे का विकास और एमनियोटिक द्रव के स्तर की जांच की जाती है इस लास्ट महीने में आपको और बच्चे के लिए खांसी से बचाव के लिए एक vaccine लगाई जाती है
Answer: हेलो आप के 3 मंथ पूरे हो चुके हैं आप जरूरी वैक्सीनेशन और सप्लीमेंट के लिए डॉक्टर से जरूर मिलें
समान प्रश्न, उत्तर के साथ
सवाल: 35 डेज period ki ovulation date kitne din baad hogi
उत्तर: पहले माह के मासिक धर्म का पहला दिन-१जनुआरी दूसरे माह के मासिक धर्म का पहला दिन - २९जनुआरी इस तरह मासिक चरक १सी२८जनुअरी होगा यानि २८डै ये किसी को ज्यादा भी सो सकता है और काम भी मतलब जिनका रेगुलर पीरियड आता है उनका इस प्रकार रहेगा जिनका गैप होता haiउनका कुछ alag hota hai अगर किसी महिला का मंथली साइकिल २८ दिन का है तो ओवुलेशन माहवारी होने के १४ दिन बाद होता है इस डेट को जानने के लिए ापमहावरी के दिनों के साथ अपने मासिक चरक को जोड़ दे और १४ को घटा दे तो इस तरीके से जो डेट आएगी उस डेट में आप ovulate होंगे Jaise example अगर आपका माहवारी है दिन ५दिन तक होता है तो उसमे आपको अपने माहवारी चरक के साथ जोड़कर १४से घटा देना है Jaise 5+28-14=19(ovulation day)
»सभी उत्तरों को पढ़ें
सवाल: डेलिवरी ke baad पिरियड kb aata hai kitne month baad
उत्तर: हैलो डियर--- आप परेशान न हो अक्सर डिलीवरी के बाद पीरियड आने में टाइम लगता है और किसी किसी को यह तुरंत भी स्टार्ट हो जाता है अगर आपको डिलीवरी के बाद पीरियड अभी तक नहीं आए हैं तो आपको इसमें घबराना नहीं चाहिए क्योंकि कई बार पीरियड 1 साल से 15 महीने तक नही आता है अक्सर इस बीच प्रेगनेंसी होने की संभावना बहुत कम होती है क्योंकि लगातार स्तनपान कराने वाली मांओं को जल्दी गर्भधारण नहीं होता फिर भी आपको इसमें कुछ सावधानियां रखनी है अगर आप पति साथ संबंध रखती हैं तो इसबीच आपको गर्भधारण ना हो इसकी सावधानी रखनी चाहिए।
»सभी उत्तरों को पढ़ें
सवाल: muje aj sehi 9month chalu huva h or muje पग bhot dukhte h to dilevry kitne din baad hogi
उत्तर: आप पैरो में दर्द हार्मोन चेंज होने के।कारण भी पैरो में दर्द होता है डियर प्रेगनेंसी में दर्द होना है इस कारण भी होता है कि हमारे बेबी का विकास होता बेबी का भार बढ़ जाता है जो कि हमारे पैरों पर ही आता है इस कारण हमारे पैरों में दर्द होता है तो आप गुनगुने पानी में नमक डालकर से सिकाई कर सकते हैं या फिर आप मसाज कीजिए मसाज करेंगे तो दर्दहल्का हो जाएगा दर्द को कम करने के लिए सबसे अच्छी एक्सरसाइज है स्‍ट्रेचिंग करना। सुबह के समय और सोने से पहले अपने पैरों और पंजों को स्‍ट्रेच करना ना भूलें। ये कोई जरूरी नही के बेबी 9 मंथ के होने पर ही हो जाये कुछ बेबी 9 मंथ से पहले भी हो जाते है कुछ ज्यादा समय भी ले लेते है समय से पहले जन्मे बेबी कमजोर होते है उन्हें ज्यादा देख रेख की जरूरत होती है हष्ट पुष्ट बेबी 40 हफ़्तों का होता है डिलीवरी होना आपके प्रसव दर्द पर आधारित है जब प्रसव दर्द शरू जो जाता है या फिर बेबी नीचे आ जाता है ,पानी छूटने पर डिलीवरी करी जाती है चाहे वो 9 मंथ से पहले ही जो ,ओर जब कोई कोमप्लेकेशन हो जाते है तो डॉक्टर को मजबूरन आपरेशन डिलीवरी करनी पड़ती
»सभी उत्तरों को पढ़ें