9 सप्ताह की गर्भवती माँ

Question: hum kis time se apni pregnancy count kare

1 Answers
सवाल
Answer: hello आप अपने लास्ट पीरियड डेट से प्रेगनेंसी अकाउंट करना शुरू करिए
समान प्रश्न, उत्तर के साथ
सवाल: mera last period date 15 dec thi to mai apni pregnancy days kis din se count karu
उत्तर: हेलो आप अपनी प्रेग्न्सी अपने लास्ट पिरियड के पहले दिन से काउन्ट करे अगर आपका लास्ट पिरियड डेट 15 डिसेम्बर को आया था .और आमतौर पर हर लेडीज का पिरियड साइकल 28 डेज का होता है प्रेग्नेसी 9 मंथ 7डेज की होती है और एक मंथ में 4 वीक्स होते है .एक हेल्थी प्रेग्नेसी 40 वीक्स तक जा सकती है आपके लास्ट पिरियड के हिसाब से आप 7 वीक्स प्रेग्नेन्ट है और आपकी ड्यू डेट 21 septembet 2019 है l ये एक संभावित डिलिवरी डेट है डिलिवरी ड्यू डेट के 7 दिन पहले या 7 दिन बाद हो सकती है .
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सवाल: Hum 2 month se family planning kar rahe he. Lekin abhi bhi muje pregnancy nahi rahi he hum kya kare?
उत्तर: कन्सिव करने मे 1 साल तक का समय भि लग जाता है , डॉक्टर भि कोई इलाज नही करते 1 साल के पहले .. समजहिये की अगर आज आपको पिरियड आया है आप ट्राइ करे की आज से 11 दिन बाद सम्बद्ध बनाये 16 दिन तक . प्रेगनेन्सी के चान्स होगें , साथ हि सम्बद्ध बनाने के तुरन्त बाद ना उठें , थोड़ी देर लेटें रहें बेबी planning ke लिए आपको अपनी period ke start ki exact date pata होनी चाहिए ,दुसरी बात अगर आपका पिरियड नियमित है तो आपका cycle 28-30din तक का होगा उस हिसाब से ,period shuru होने se लेकर 14th डे ke आसपास ovulution होता hai, ovulution होने ke 2 दिन पहले और ovulution होने ke 2-3 din ke बीच यदि संभोग किया जायें तो प्रेग्रेन्सी होने ka chance होता है .means पूरी cycle me 8 se 18 days most fertile पिरियड होते है , आप इस समय प्रेग्रेन्सी ke लिए try karege to आपको ज़रूर रिजल्ट पॉजिटिव milege. प्रेग्रेन्सी planning me आपको आपने खान पान का विशेष ध्यान dena hoga, बेहतर होगा आप एक बार डॉक्टर से भी consult kar le, wo आपको कुछ ज़रूरी test भी kara sakte hai jaise ,complete blood test,thyriod level test, आदि .
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सवाल: mai apni bati ko pacefair kis मंथ se kis minth tak de sakti hu
उत्तर: hello dear Pacifier कोचूसने की आदत के कारण बच्चों के साथ माँ को कुछ देर के लिए तो आराम मिलता है लेकिन बाद में यही आराम परेशानी का कारण बन जाता है। क्योंकि इससे उनके दांत और मसूड़ें अच्छी तरह से विकसित नहीं हो पाते हैं। साथ ही अक्सर शिशु चुसते हुए चुसनी को कहीं फेंक देते हैं या गंदा कर देते हैं और वही चुसनी फिर चुसने लगते हैं और यही आदत सबसे ज्यादा पेट में इंफेक्शन का कारण बन जाता है। क्योंकि मुँह में हर बार देते वक्त उसको स्ट्रेलाइज़्ड नहीं किया जाता है जिसके कारण उसमें विभिन्न तरह के जीवाणु पनपने लगते हैं जो शिशु के लिए इन्फेक्शन का कारण बन जाते हैं। इसलिए डॉक्टर की सलाह है कि बच्चे को कभी भी चुसनी की आदत न डालें और अपने परेशानी को नजरअंदाज करके शिशु को थोड़ा समय दें।
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सवाल: pregnancy me kis side pe hum sona chahie?
उत्तर: hello dear प्रेग्नंसी के दौरांन आपको सही तरीके से सौना चाहिए।आप कभी भी एक पोजीशन में लगातार ना सोए। थोड़ी थोड़ी देर पर करवट बदलते रहिए। गर्भावस्था में बायीं करवट लेकर सोना फायदेमंद होता है।पेट के बल तो कभी भी नहीं सोना चाहिए क्योंकि इससे पेट पर दबाव पड़ता है जिससे आपकी बेबी को नुकसान पहुंच सकता है।और ज्यादा देर तक पीठ के बल सोने से भी आपकी पीठ मे दर्द होने लगेगा।आप अपने पैरो के बीच मे तकिया लगाकर भी सो सकती है जिससे आपको आराम्ं मिलेगा
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Healofy Proud Daughter