गर्भावस्था की तैयारी

Question: pcod kese thik hota h

4 Answers
सवाल
Answer: PCOD महिलाओं में पाया जाने वाला एक ऐसा रोग है जिसमें उनके अंडाशय में छोटी छोटी गाँठें बन जाती है. रोग महिलाओं में मासिक धर्म में अनियमितता और उनकी प्रजनन शक्ति में कमी का कारण भी बनता है. जिससे महिलाओं को गर्भधारण करने तक में दिक्कतें आने लगती है.इस रोग का मुख्य कारण आजकल की चिंता,खाने-पीने मे अनियमितता,असंतुलित आहार, मोटापा और मधुमेह ही है गर्भधारण में परेशानियां या बार बार गर्भपात PCOD के लक्षण है. इस रोग से बचने क कुछ उपाय निम्न है *आप रोजाना एक्सरसाइजेज, रनिंग और स्विमिंग करें, इससे शरीर के हॉर्मोन संतुलित रहते है  *आप संतुलित और स्वस्थ आहार लें,  तैलीय चीजों से दूर रहे,उनके स्थान पर आप फलों और पत्तेदार सब्जियों का सेवन कर सकती है. *जितना कम हो सके उतना कम तनाव लें. तनाव दूर करने के लिए आप योग प्राणायाम का सहारा भी ले सकते हो. *अगर आप अपने वजन को ही कण्ट्रोल में कर लें तो PCOD की समस्या अपने आप दूर हो जायेगी *महिलायें जिन्हें PCOD है, उन्हें तुरंत डॉक्टर्स से मिलना चाहियें और उनकी सलाह के अनुसार ही दवाओं का सेवन शुरू कर देना चाहियें
Answer: PCOD महिलाओं में पाया जाने वाला एक ऐसा रोग है जिसमें उनके अंडाशय में छोटी छोटी गाँठें बन जाती है. रोग महिलाओं में मासिक धर्म में अनियमितता और उनकी प्रजनन शक्ति में कमी का कारण भी बनता है. जिससे महिलाओं को गर्भधारण करने तक में दिक्कतें आने लगती है.इस रोग का मुख्य कारण आजकल की चिंता,खाने-पीने मे अनियमितता,असंतुलित आहार, मोटापा और मधुमेह ही है गर्भधारण में परेशानियां या बार बार गर्भपात PCOD के लक्षण है. इस रोग से बचने क कुछ उपाय निम्न है *आप रोजाना एक्सरसाइजेज, रनिंग और स्विमिंग करें, इससे शरीर के हॉर्मोन संतुलित रहते है  *आप संतुलित और स्वस्थ आहार लें,  तैलीय चीजों से दूर रहे,उनके स्थान पर आप फलों और पत्तेदार सब्जियों का सेवन कर सकती है. *जितना कम हो सके उतना कम तनाव लें. तनाव दूर करने के लिए आप योग प्राणायाम का सहारा भी ले सकते हो. *अगर आप अपने वजन को ही कण्ट्रोल में कर लें तो PCOD की समस्या अपने आप दूर हो जायेगी *महिलायें जिन्हें PCOD है, उन्हें तुरंत डॉक्टर्स से मिलना चाहियें और उनकी सलाह के अनुसार ही दवाओं का सेवन शुरू कर देना चाहियें
Answer: डियर . PCOD रोग का मुख्य कारण आजकल की चिंता,खाने-पीने मे अनियमितता,असंतुलित आहार, मोटापा और मधुमेह ही है गर्भधारण में परेशानियां या बार बार गर्भपात PCOD के लक्षण है. इस रोग से बचने क कुछ उपाय निम्न है *आप रोजाना एक्सरसाइजेज, रनिंग और स्विमिंग करें, इससे शरीर के हॉर्मोन संतुलित रहते है  *आप संतुलित और स्वस्थ आहार लें,  तैलीय चीजों से दूर रहे,उनके स्थान पर आप फलों और पत्तेदार सब्जियों का सेवन कर सकती है. *जितना कम हो सके उतना कम तनाव लें. तनाव दूर करने के लिए आप योग प्राणायाम का सहारा भी ले सकते हो. *अगर आप अपने वजन को ही कण्ट्रोल में कर लें तो PCOD की समस्या अपने आप दूर हो जायेगी *महिलायें जिन्हें PCOD है, उन्हें तुरंत डॉक्टर्स से मिलना चाहियें और उनकी सलाह के अनुसार ही दवाओं का सेवन शुरू कर देना चाहियें
Answer: हैलो डियर-- ये जादातर महीलाओं को होता है। पिकोड कभी खत्म नहीं होता पर इसे कंट्रोल किया जा सकता है।पीकोड में वजन और खान पान पर नियंत्रण रखना जरूरी होता है।पिकोड में वजन कम करना बहुत मुश्किल होता है फिर भी वाक एक्सरसाइज से इसे कंट्रोल किया जा सकता है पीकोड में कोई भी सफेद चीज जैसे-शक्कर,ब्रेड और मैदा न खायें।केवल घर का बना सादा भोजन करें। पीकोड को नियंत्रित करके गर्भ धारण किया जा सकता है।इसमें कोई घबराने वाली बात नही है।
समान प्रश्न, उत्तर के साथ
सवाल: pcod thik nahi hota kya
उत्तर: हेलो डियर , pcod का मतलब होता है poly सिस्टिक ओवरी डिसॉर्डर इसमें महिला के गर्भाशय में मेल हार्मोन का स्तर बड़ जता है इसके कारण ओवरी में systes बनने लगते है डॉक्टर का ये मनाना है यह samshya महिलाओ में हर्मोन्स अस्नतुलित तनाव या मोटापे के कारण होती है और ये जेनेटिकली भि होती है और शरीर में फ़ऐट होने के वजहसे एस्टरोजन हर्मोन्स की मात्रा बढ़ने लगती है जिसे ओवरी में सिस्ट बनता है . इसे बचने के लिए आप पैदल घुमाना योगा , और cycling भि कर सकती है खाने पीने में जंक फ़ुड , जयाद मीठा , तले हुए पदार्थ और सॉफ्ट ड्रिंक का उपयोग ना करें अपनी डायट में हरि सब्ज़ी फल विटामिन बी युक्त अहर का उपयोग भरपुर मात्रा में करना चाहिए ख्याल रखें .
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सवाल: mujhe pcod ki prob h m concive kese kr paungi
उत्तर: हेलो डियर Pcod एक ऐसी मैडिकल कंडीशन है जो महिलाओं मे होर्मोनल असन्तुलन के कारण पाई जाती है। इसमे महिला के शरीर मे पुरुष होर्मोन का स्तर बढ़ जाता है। और ओवरी मे एक से ज्यादा सिस्ट हो जाती हैं। इसको पोल्य्सिस्टिक ओवरी सिंड्रोम या पोल्य्सिस्टिक ओवरी डिसऑर्डर के नाम से जानते हैं। इसके सिम्पटम्स वजन बढ़ना, अनियमित पीरियड होना, शरीर पर ज्यादा बालो की ग्रोथ होना, मुहासे हो सकते हैं। वैसे तो इसका इलाज डॉक्टर से करवाना ठीक रह्ता है लेकिन आप कुछ घरेलु उपाय भी कर सकती हैं। सबसे पहले अपनी जीवन शैली मे थोड़ा बदलाव करे। मसालेदार और जंक फूड बिल्कुल ना लें। साथ मे दालचीनी गरम पानी मे मिलाकर रोज पिये। अलसी को भी पानी मे मिलाकर पिया जा सकता है। मेथी को रात भर पानी मे भिगो दें सुबाह मेथी दाना शहद के साथ खाएं। एप्पल साइडर विनेगर सुबह २ स्पून १ ग्लास पानी मे मिलाकर पियें।
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सवाल: meri legs m bahut dard hota h isko kese thik kru
उत्तर: हैलो डियर-कभी-कभी मांसपेशियों और हड्डियों पर पड़ने वाले दबाव के कारण पैरो मे दर्द के साथ सूजन और ऐंठन भी हो सकती है यह दर्द और सुजन बच्चे के जन्म के साथ ही खत्म हो जाता है।यह कभी किसी तो कभी किसी पैर में होता है यह परेशानी ज्यादातर प्रेगनेंसी में महिलाओं को होता ही है। यह दर्द गर्भाशय में बच्चे के बढ़ने के कारण पड़ने वाले दबाव के कारण होता है दर्द से राहत के लिए आप पैरों और तलवों में हल्के गुनगुने सरसों तेल से मालिश ले सकती हैं नमक कम खायें।पैर के नीचे तकिया लेकर सोऐं। दर्द वाले की स्थिति में आप ज्यादा देर तक चले नहीं ना खड़े हो आपको आराम करना चाहिए और आपको फ्लैट आरामदायक नरम चप्पले पहननी चाहिए।
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सवाल: Merko right nipple me bht pain hota h.. Jb baby suck krti h.. Kese thik hoga kya karna chahie muje
उत्तर: Hot water bottle use kr lijiye
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