गर्भावस्था की तैयारी

Question: pcod ho to kya pregnent nhi ho skte

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सवाल
Answer: डियर आप को पहले अपने प्कोड का ट्रीट्मेण्ट करायें ..इस रोग का मुख्य कारण आजकल की चिंता,खाने-पीने मे अनियमितता,असंतुलित आहार, मोटापा और मधुमेह ही है गर्भधारण में परेशानियां या बार बार गर्भपात PCOD के लक्षण है. इस रोग से बचने क कुछ उपाय निम्न है *आप रोजाना एक्सरसाइजेज, रनिंग और स्विमिंग करें, इससे शरीर के हॉर्मोन संतुलित रहते है  *आप संतुलित और स्वस्थ आहार लें,  तैलीय चीजों से दूर रहे,उनके स्थान पर आप फलों और पत्तेदार सब्जियों का सेवन कर सकती है. *जितना कम हो सके उतना कम तनाव लें. तनाव दूर करने के लिए आप योग प्राणायाम का सहारा भी ले सकते हो. *अगर आप अपने वजन को ही कण्ट्रोल में कर लें तो PCOD की समस्या अपने आप दूर हो जायेगी *महिलायें जिन्हें PCOD है, उन्हें तुरंत डॉक्टर्स से मिलना चाहियें और उनकी सलाह के अनुसार ही दवाओं का सेवन शुरू कर देना चाहियें
Answer: डियर .. आप को पहले प्कोड का ट्रीट्मेण्ट पूरी तरह से करवा लेना चाहिए . जीस्से आप को प्रेग्नेन्ट होने मे आसानी होगी .. इस रोग का मुख्य कारण आजकल की चिंता,खाने-पीने मे अनियमितता,असंतुलित आहार, मोटापा और मधुमेह ही है गर्भधारण में परेशानियां या बार बार गर्भपात PCOD के लक्षण है.
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सवाल: hello mem pcod kya hai and kya pcod k doran b baby conceive kar skte hai ya nhi docter ne mujhe pcod ka btaya h main kya kru plz reply
उत्तर: हैलो डियर--आप परेशान न हो ये जादातर महीलाओं को होता है।पिकोड कभी खत्म नहीं होता पर इसे कंट्रोल किया जा सकता है।पीकोड में वजन और खान पान पर नियंत्रण रखना जरूरी होता हैपिकोड में वजन कम करना बहुत मुश्किल होता है फिर भी वाक एक्सरसाइज से इसे कंट्रोल किया जा सकता हैपीकोड में कोई भी सफेद चीज जैसे-शक्कर,ब्रेड और मैदा न खायें।केवल घर का बना सादा भोजन करें। पीकोड को नियंत्रित करके गर्भ धारण किया जा सकता है।इसमें कोई घबराने वाली बात नही है।
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सवाल: mujhe pcod h or me 9weeks pregnent hu bache ko essse koi problem to nhi
उत्तर: hello अगर यूट्रस के गांठ फाइब्रॉयड का साइज बड़ा होता है तो यूट्रस में बेबी के लिए जगह कम पड़ती है और बच्चे को ऑक्सीजन और ब्लड सप्लाई में भी प्रॉब्लम आती है जिसे बच्चे का विकास प्रभावित होता है।लेकिन अगर फाइब्रॉइड गांठ छोटा है तो प्रॉब्लम नहीं होता । कुछ घरेलू नुस्खे हैं जिनसे फाइब्रॉयड गांठ को कंट्रोल किया जा सकता है रोज सुबह एक ग्लास पानी में दो चम्मच एप्पल साइडर विनेगर डालकर पिए। आप अपने खाने में लहसुन का इस्तेमाल ज्यादा करें लहसुन में एंटीऑक्सीडेंट होता है जो फाइब्रॉयड को कंट्रोल करता है रोज सुबह खाली पेट आंवले का चूर्ण लेने से 5 लाइट की समस्या दूर होती हैं क्योंकि आंवले में भी एंटीऑक्सीडेंट होता है जो फाइबार्इड बनाने वाले टॉक्सिक एंजाइम को बाहर निकालने में मदद करता है दूध और डेयरी प्रोडक्ट भी गांठ फाइब्रॉयड घटाने में मददगार साबित होता है लेकिन अगर यूट्रस की फाइब्रॉयड गांठकी साइज बड़ी है तो डॉक्टरी इलाज ही बेहतर होता है
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सवाल: PCOD mein प्रेगनेट ho skte hain ??
उत्तर: पॉलीसिस्टिक अंडाशय सिंड्रोम एक असामान्य बीमारी नहीं है और आमतौर पर हर 10 महिलाओं में 1 को प्रभावित करता है। pcod hone pr pragnant hone me thodi pareshani ati hai लेकिन कुछ जीवनशैली और आहार परिवर्तन निश्चित रूप से मदद करेंगे। पीसीओएस एक ऐसी स्थिति है जिसमें पॉलीसिस्टिक अंडाशय वाली महिलाओं में अनियमित या मिस्ड अवधि, चेहरे और पेट, वजन बढ़ाने, मुँहासे और गर्भवती होने वाली समस्याओं में अतिरिक्त बाल वृद्धि सहित अन्य लक्षण हो सकते हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, पीसीओएस के कारण वजन कम करने में मदद मिल सकती है, अंडाशय नहीं होता है। पीसीओडी अनुकूल आहार जैसे ताजा फल और सब्जियों का पालन करने और संतृप्त वसा, तला हुआ भोजन, पनीर और दूध के sewan se khtm kiya ja skta hai। अधिकांश महिलाओं जिनके पास पीसीओएस / पीसीओडी है, वे वजन और सकारात्मक परिवर्तन जैसे कि आहार, जड़ी बूटियों और yiga se thoda aram milta hai...
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