7 साल का बच्चा

Question: Hi muze batayeye philibar pregnancy keliye konse test karna jaruri hai.?

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सवाल
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सवाल: mem pregnancy plan karne k pehle koi test karna jaruri h kya or konse test karana chahiye
उत्तर: हेलों आप प्रेग्नसी प्लान कर रही है .planning  करने से पहले डॉक्टर से सलाह ले लेना और अपनी जांच करा लेना चाहिए . इससे यह पता चल जायगा कि आपको किसी तरह कि शारीरिक परेशानी तो नहीं है , या कोई infection वगैरह. इससे sexually transmitted disease होने की सम्भावना ख़तम हो जाएगी. साथ ही अगर डिम्बग्रंथि अल्सर, फाइब्रॉएड, endometriosis, गर्भाशय के स्तर की सूजन जैसे परेशानियों की भी जांच हो जाएगी.प्रेग्नेंसी के 3 महीने पहले से प्रेग्नेंसी की तैयारी शुरू कर देनी चाहिए. तीन महीने पहले सभी जरूरी टेस्ट थायरॉयड, सिस्ट आदि का टेस्ट जरूरी है. इसके अलावा हर महिला को प्रेग्नेंसी के 3 महीने पहले से ही फॉल‍िक एसिड का सेवन शुरू कर देना चाहिए. ताकि बच्चे और मां में खून की कमी न हो और इसकी वजह से कोई कॉम्प‍िल‍िकेशन्स न आएं.
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सवाल: ड्यूल मरकर टेस्ट करना जरूरी ही क्या
उत्तर: है ेलों डुएल मार्कर टेस्ट कराना चाहती है या नहींंं यह पूरी तरह आप के ऊपर निर्भर है लेकि न यदि आपको यह टेस्ट करवाने के लिए डॉक्टर बोल रहे हैं तो आप या टेस्ट जरूर करवाएं या टेस्ट पहली तिमाही में कराया जाता है .डूअल मार्कर टेस्ट स्क्रीनिंग टेस्ट है जो गर्भावस्था के पहले तिमाही में किया जाता ह इस का यूज़ गर्भ में बेबी के क्रोमोसोमल विषमता को पता लगाने के लिए किया जाता है यह इस बात का भी पता लगाने में मदद करता है कि आपके हो ने वाले बच्चे को डाउन सिंड्रोम या तृसौमी18 जैसी कोई बीमारी तो नही है जो मूल रूप से क्रोमोसोमल विकारों से होती हैं। यह विकार बच्चे में गंभीर मानसिक दोषों को जन्म दें सकता है ये टेस्ट कराने के बाद हम निशिन्त हो सकते है कि हमारा बेबी हेल्थी ग्रो हो रहा है इस टेस्ट के माध्यम से बेबी को डाउन सिंड्रोम तो नही है पता चलता है डाउन सिंड्रोम के साथ बच्‍चे को ये प्रॉब्लम हो सकती है जैसे असामान्य चेहरे की विशेषताएं, तिरछी आँखें और छोटे कान और बौद्धिक परेशानी का होना ।सुनाइ ना देना दिखाई ना देना हार्ट प्रॉब्लम,फ़ेफ़डो का कम विकसित होना lमहिलाओं की अधीक उम्र से उसके होने वाले बच्चे में डाउन सिंड्रोम के होने की संभावना रहती है। इसलिए 35 साल की उम्र से अधिक गर्भवती महिलाओं को निश्चित रूप से डूअल मार्कर टेस्ट जरूर करवाना चाहिए
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