7 महीने का बच्चा

Question: hi mam meri beti green potty kr thi h kya karu dawi bhi deali bt kuch nhi ho rha h

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सवाल
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सवाल: meri beti ek sal ki hai usko kuch bhi khilao potty kr deti h kya kru
उत्तर: हेलो डियर छोटे बेबी को दस्त की प्रॉब्लम हो जाती है और यह अधिकतर 6 महीने से 2 साल तक के बेबी को ज्यादा होती है इसके लिए आप घबराएं नहीं और कुछ घरेलू उपाय करके देखें जिससे बेबी को दस्त में आराम मिलेगानमक ऑर चीनी का घोल बनाए नमक चीनी को समन मात्रा मि मिलना बार बार इस घोल को पिलाएं मगर याद रखें की घोल ताजा रहे दूसरे दिन उस घोल का उपयोग ना करें जायफल को पानी में घिस्कर आधा चम्मच दो तीन बार piलाएं बेबी को बनाना सीखना है क्योंकि केला खाने से भी दस्त में आराम मिलता है आप चाहें तो बेबी को खाली अकेला भी खिला सकते हैं और आराम ना होने पर डॉक्टर से सलाह ने
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सवाल: meri beti ko green color ka potty ho rha h
उत्तर: ब्रेस्ट में जो दूध भरा होता है उसमें दो तरह के दूध होते हैं ऊपर का दूध जिसमें पानी की मात्रा ज्यादा होती है और जिसे बच्चे की प्यास बुझती है उसे फोरमिल्क कहते है इस फॉर मिल्क के खत्म होने के बाद अंदर का दूध जो गाढा होता है जिसमें प्रोटीन विटामिन मिनरल्स होते हैं जो बच्चे के लिए खाने या आहार की जगह लेता है। और जिसको पीने से बच्चे की पेट भरती है। इस दूध को हिंड मिल्क कहते हैं। जब भी ब्रेस्ट में दूध भर आता है और जब बच्चे को दूध पिलाने लगते हैं तो ऊपर का दूध फोर मिल्क बच्चा पहले पीता है। फीड कराते समय मां अक्सर बच्चे को दोनों ब्रेस्ट के ऊपर ऊपर का दूध पिला देती हैं ताकि ब्रेस्ट से दूध का रिसाव ना हो। और यह पतला दूध बच्चा डाइजेस्ट नहीं कर पाता और उसके उसके पेट मे गैस बनता है और पॉटी में प्रॉब्लम आती है। बच्चा बार-बार पोटी करता है ग्रीन पॉटी, छिछडा पॉटी ,झाग वाली पाॅटी ,और बार बार पॉटी और डार्क येलो पोटी करता है। इस लिये एक ब्रेस्ट के दूध को पहले पिलायें और जब एक ब्रेस्ट का दूध पूरा खत्म हो जाय तो दूसरे का दूध पिलाये ।
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सवाल: hello docter meri beti green coler potty kr rhi hai koi problem to nhi h
उत्तर: हेलो डियर , अगर आप का 2 मंथ का बेबी हरी पॉटी कर रहा है तो इसमें समस्या की कोई बात नहीं है, ब्रेअस्टफ़ीफ़ करने वाले बच्चों में कभी-कभार ग्रीन स्टूल आना काफी सामान्य है, यदि बच्चे का वजन बढ़ रहा है और उसका विकास सही हो रहा है तो चिंता की कोई बात नहीं होती यदि आप बेबी को एक निश्चित समय तक दूध पिलाकर ब्रेअस्टफ़ीफ़ करवाना बंद कर देती हैं, तो हो सकता है कि बेबी को वसा युक्त दूध न मिल पाए ब्रेस्ट फिट करते समय शुरुआत का दूध ज्यादा पी लेने की वजह से बच्चों की potty का कलर ग्रीन हो जाता है, ग्रीन potty हो जाने का मतलब है कि बच्चों को बीच का न्यूट्रिशन वाला दूध नहीं मिल रहा है. कोशिश करें कि बच्चे को एक ही साइड के ब्रेअस्ट से ज्यादा देर तक दूध पिलाएं ताकि बच्चे को आखिर तक का गाढ़ा दूध मिल सके, अगर बच्चा ज्यादा देर तक दूध नहीं देता है तब आप दूध पिलाने से पहले शुरू का दूध थोड़ा निकाल दें जो पानी की तरह होता है , ताकि बच्चे को बीच का अच्छा गाड़ा दूध मिल सकें.
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