9 सप्ताह की गर्भवती माँ

Question: hello mam ya meri fast prengnency h or pahle 1 mahine me 10 दिन me mera 2dar ultrasound hua h,or age bhi hoga ultrasound isse koi problems to nh hogi na

1 Answers
सवाल
Answer: हेलो डियर , प्रेग्नेन्सी में जब तक डिलिवरी नही हो जाती है तब तक 4 से 5 सोनोग्राफ़ी हो सकती है , लेकिन बहुत ज़्यादा सोनोग्राफ़ी से निकलने वाली तरंगे आपके होने वाले बेबी को प्रभावित कर सकता है अगर आपका एक महीने में दो स्कैन हुआ है तो डॉक्टर आपके बेबी की पोजिशन का पता लगाने के लिए कीये होंगे !
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सवाल: Hii mere pregnancy ka 1st week h or me over weight hn... Or ye meri pehli pregnancy h isse koi problem to ni hogi na pregnancy me???
उत्तर: Dear apko apna weight control mein rakhna hai yeh jaruri hai. Aap apni gynae ko jab consult Karen to use jarur samjhe ki kitna weight gain apke liye thik hai har trimester mein. Aur please physical activity apne roz ke schedule ka part rakhen. Daily 30 minute ki walk se shuru kare aur dheere dheere use 1 hours ya 1. 5 hours tak laye. Aap prenatal yoga bhi shuru kar sakti hai 12 weeks ke baad kisi certified trainer ke under. Jyada weight hona complication lagta hai isiliye jaruri hai ki aapka weight controlled rahe. Hope it helps.
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सवाल: Mam 3 mahine pahle mera miscariage ho gya tha tab se meri period date kabhi 4 din aage ho jati hai kabhi 2 ya 3 din pahle isse mujhe aage pregnancy me koi problem to nhi hogi
उत्तर: हेलो कन्सिव करने की लाइए priodes का समय पे अना अच्छा रहटा है . आपके पीरियड की समस्या में अच्छी तरह समझ सकतi hoon.आप बिल्कुल भी परेशान ना हो. ऐसे बहुत से उपाय हैं जिनसे आप यह समस्या कम कर सकते हैं. पीरियड्स बॉडी के दो हारमोंस प्रोजेस्टेरोन और एस्ट्रोजन के कारण कंट्रोल होता है .जब इन दोनों hormons में कुछ चेंजेस होते हैं तो पीरियड्स प्रॉपर टाइम पर ही नहीं होता. तभी हमें प्रॉब्लम hoti है .पीरियड्स में नार्मल 21से 35 din के बीच होता है और यह 3 se 7 दिन तक चलता है. लेकिन अगर इसमें कोई अवधि में चेंज हो तो उस कारण से हमें बहुत सारी प्रॉब्लम्स को फेस करना पड़ता है. आप परेशान ना हो ऐसे कुछ घरेलू उपाय हैं जिनसे आप अपने पीरियड्स नॉर्मल ला सकती हैं. आप एक्सरसाइज करें . अपनी नॉर्मल रूटीन अच्छी रखें . पानी खूब पिएं . पौष्टिक आहार लें . लौकी का रस - लौकी के रस में आयरन और फाइबर की मात्रा बहुत अच्छी होती है .इसे आप अगर रोज लेंगे इससे आपको पीरियड्स में और पीरियड्स की प्रॉब्लम है बहुत आराम मिलेगा. लौकी का रस निकालकर आप दिन में दो से तीन बार अपने आप लौकी की सब्जी भी खाएं इससे आपको बहुत जल्दी फायदा होगा. अदरक- एक चम्मच अदरक को एक गिलास पानी में अच्छे से उबाल लें .इसमें थोड़ी सी शक्कर मिलाकर दिन में दो से तीन बार le. Anjeer-दो से तीन अंजीर एक गिलास पानी में उबालें जब पानी आधा हो जाए तो उसे छान लें और उस पानी को पी ले. सौंफ दो चम्मच सौंफ को एक ग्लास पानी में रात भर भिगो दें. अगले दिन सुबह वह पानी छानकर piyen. ऐसे बहुत से योगासन है प्राणायाम है जो कि आपको आपके पीरियड समय पर लाने में या उस पीरियड्स की समस्या से आपको बहुत आराम देंगे. आप योगा करें. एक्सरसाइज करें. तिल और गुड़ इन दोनों के लड्डू भी खा सकते हैं और या फिर थोड़ा सा गुड़ थोड़ी सी तेल मिलाकर भी आप खा सकते हैं. एलोवेरा का रस हारमोंस की वजह से होने वाली बहुत सारी प्रॉब्लम्स में हेल्प करता है. एलोवेरा का रस आप सुबह शाम दो चम्मच खाली पेट में. एलोवेरा के रस में कोई स्वाद नहीं होता अगर आपसे वह खाते नहीं बने तो आपस में एक चम्मच शहद मिलाकर भी खा सकते हैं. ऐसी बहुत सारी चीजें हैं जो आप अपने खाने-पीने में अगर मिलाएं या फिर उसका ज्यादा प्रयोग करें तो आपको periods की समस्याओं से बहुत आराम मिलेगा .गन्ने का जूस ,गाजर ,धनिया, दालचीनी ,करेला .
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सवाल: kya ultrasound baar baar hone se baby ko koi harmfull to nh hoga naa mre ivf hua hai or bleeding bhi hoti h to dr20 days m krte h koi पprob to nh h na
उत्तर: चिंता ना करें गर्भावस्था की स्टार्टिंग में ब्लीडिंग होना एक बिल्कुल सामान्य बात है फर्स्ट ट्राइमेस्टर में किसी ना किसी तरह की बिल्डिंग होती है अगर आपने आईवीएफ या और किसी तरह की फर्टिलिटी से गर्भ धारण किया है तो आपको स्पॉटिंग होने के ज्यादा चांसेस हैं लेकिन कई बार ब्लीडिंग होना है या स्पॉटिंग होना किसी सीरियस प्रॉब्लम होने का भी संकेत है इसलिए कि आप अपने डॉक्टर से जरूर कंसल्ट करें गर्भावस्था के दौरान आप बिल्डिंग के smell और कलर देखकर भी यह पता लगा सकते हैं कि bleeding नॉर्मल है या नहीं पीरियड्स की तरह कमर और पेट में दर्द होना बिल्डिंग के टाइम पर यूट्रस से लाल या फिर ब्राउन या हल्का पिंक रंग का डिस्चार्ज होना नॉर्मल डे से ज्यादा पेन होना या ब्लड आना यूट्रस में खिंचाव सा feel करना और लाल रंग का ब्लड आना ब्लड के गाढ़े गाढ़े थक्के निकलना वह पेट में तेज दर्द होना v इन सब कंडिशंस में आपको तुरंत डॉक्टर से कंसल्ट करना चाहिए बिना देरी किए हुए
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