18 सप्ताह की गर्भवती माँ

Question: hello mam mai 4 month pregnet ho or mere uters mai maas hai or jub be mai bath room krnai jaate हो tub bleeding hote hai pls mujy btaay koi risk tho nhi

1 Answers
सवाल
Answer: dear ap dr. ko dikhaye
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सवाल: Mera baby 4month 5days ka ho gyia hai mere back pain bhout hote hai or ab jb mai morning ko uthti hu to sare body pain kr rhe hote hai bhout.. Ab to mere gardan b pain krne lag gye hai. Plz help or jo gardan pain krte hai uska koi risk to nhi hai na means ke servical to nhi?
उत्तर: हेलो . डियर आप अपने बॉडी के पेन को कम करने के लिए आप कुछ उपाय ट्राई करें आप जब भी नहाए हल्के गुनगुने पानी से नहाएं सुबह की चाय अगर लेती है तो अदरक वाली चाय ले अपने हाथों पैरों और पीठ तथा कमर की मसाज सरसों तेल को हल्का गुनगुना गर्म करके करें इससे आपको बहुत रिलीज होगा और एक जगह ज्यादा देर तक खड़े ना रहे शरीर को रेस्ट दे और आप हल्की वर्क भी किया करें हाथों पैरों की एक्सरसाइज भी करें मगर बहुत ज्यादा ना करें और खूब पानी पिए पानी हीं सबसे अच्छी दवा होती है बॉडी पेन को कम करने के लिए..kamar k dard k liye aap kuch gharelu tips use kar sakti hai...aap koi bhi bhari saman na utaye...jab bhi baithe kamar k picheek pillo ya kushan laga k hi rakhe...hot bag ka use bhi kar sakti hai...ice pack bhi laga sakti hai...jab bhi bed pe lete to karvat le kar hi lete..orbkamar k piche or peron k niche pillo rakh le...halka phulka exercise bhi kare...pero ko latka kar na rakhe..jayda der khade na rahe...halka walk kare..ok..take care
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सवाल: hello mam mujy kubj bhut rhte hai fresh hone mai bhut problem aate hai or muj sai lequeid be nhi liya jata hai mai kru pls help me thank you
उत्तर: आमतौर पर, कष्ट, चिंता, कम शारीरिक व्यायाम और फाइबर युक्त आहार कम खाने की वजह से कब्ज हो सकती है। गर्भवती महिलाओं में कब्ज उन हार्मोन की वजह से होती है जो आंतों की मांसपेशियों को आराम पहुंचाती हैं और पेट बढ़ने की वजह से गर्भाशय पर पड़ने वाले दबाव को कम करते हैं। आंतों की मांसपेशियों को आराम मिलने की वजह से भोजन और अपशिष्ट पदार्थ (waste product) सिस्टम से धीरे धीरे बाहर निकलते हैं। कभी-कभी आयरन की गोलियां लेने की वजह से कब्ज हो जाती है। इसलिए आयरन सप्प्लिमेंट्स लेते समय साथ में खूब सारा पानी पिएं। यदि ज्यादा कब्ज़ हो रही है तो आप डॉक्टर की सलाह से आयरन सप्पलीमेंट बदल भी सकती हैं। आहार संबंधी समस्याओं से निपटना सबसे मुश्किल काम होता है। शायद आपको दोस्तों, रिश्तेदारों और अन्य लोगों से पहले से सलाह भी मिलती होगी कि इस समय ये खाओ ये मत खाओ आदि। चाहे आप शाकाहारी हों या मांसाहारी, आपको गर्भावस्था में रोज़ निम्नलिखित आहार ज़रूर खाना चाहिए: पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन कच्चे और पकी हुयी हरी सब्ज़ियां फल कैल्शियम के लिए अच्छी गुणवत्ता वाले डेयरी उत्पाद जैसे दूध, दही आदि। यदि आप डेयरी पदार्थ नहीं खा सकती हैं तो कैल्शियम सप्प्लिमेंट्स लें। लगभग 6 चम्मच संतृप्त वसा (Saturated fats), इन्हें आप शुद्ध नारियल तेल, मक्खन या पशुओं से प्राप्त वसा के रूप में ले सकती हैं। लगभग 4 चम्मच मोनोअनसेचुरेटेड फैट (Monounsaturated fats) जैसे एवोकाडो, जैतून का तेल, नट्स और नट्स के तेल आदि। लगभग 2 चम्मच पॉलीअनसेचुरेटेड आयल जैसे कॉड लिवर ऑयल, अलसी का तेल, ईवनिंग प्रिमरोज तेल (Evening primrose oil), काली किशमिश का तेल आदि। गर्भाशय में वृद्धि होने पर आंत पर दबाव पड़ने की वजह से उसकी सामान्य गतिविधियां बाधित होती हैं। हार्मोनल परिवर्तन की वजह से भी आंतों की मांसपेशियों को आराम मिलता है, जिससे कब्ज हो जाती है। कब्ज या कठोर सूखा मल जिसे त्यागने में मुश्किल होती है, गर्भावस्था के दौरान होने वाली काफी सामान्य स्थिति है। कब्ज, बढ़ते भ्रूण के कारण भी हो सकती है। जैसे जैसे भ्रूण शरीर के भीतर विकसित होता है, निचले पेट और आंतों पर दबाव बढ़ता है। इससे मल त्यागने में रुकावटें आ सकती हैं जिसके परिणामस्वरूप कब्ज होती है। जैसे जैसे गर्भावस्था बढ़ती है, महिलाएं शारीरिक रूप से कम सक्रिय हो जाती हैं और वसायुक्त खाद्य पदार्थों का सेवन भी कर सकती हैं जिनमें फाइबर कम होता है। ये दोनों ही कारक कब्ज के लिए ज़िम्मेदार होते हैं। कुछ अन्य ज्ञात कारकों में आयरन और कैल्शियम सप्प्लिमेंट्स लेना, कम या कोई व्यायाम न करना, तनाव और अनुचित आहार शामिल हैं जिनकी वजह से ये समस्या होती है। आपका शरीर पर पड़ने वाले गर्भावस्था के प्रभावों को समझना ज़रूरी है और उन कारकों के बारे में जागरूक होना चाहिए जो गर्भावस्था के दौरान कब्ज जैसी किसी भी तरह की शारीरिक परेशानी पैदा कर सकते हैं। इससे आपको कब्ज और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से निपटने में मदद मिलेगी। गर्भावस्था में कब्ज से रहात पाने के लिए इन बातों का ध्यान रखें - "सफ़ेद अनाज" या उससे बनी चीज़ें न खाएं जैसे ब्रेड, सफ़ेद चावल, पास्ता आदि। दिन में 12 से 13 गिलास पानी या अन्य तरल पदार्थ पीएं। इससे आपके आंत के अंदर मल नरम हो जाएगा और ज़्यादा आसानी से शरीर से बाहर निकल जाएगा। गरम पानी में नीम्बू डाल कर पीना ख़ास तौर से फायदेमंद होता है। एक बार में ज़्यादा न खाएं। दिन में 3 बड़े भोजन की जगह 6 छोटे भोजन खाने की कोशिश करें। ऐसा करने से आपको गैस और पेट फूलने के समस्या भी कम होगी। प्रोबिओटिक्स (probiotics) ज़रूर लें। ये आपको दही खाने से प्राप्त होंगे (इसके सप्लीमेंट भी आते हैं)। प्रोबिओटिक्स आपके आंत के अंदर के बैक्टीरिया, जो खाने को पचाने में मदद करते हैं, को उत्तेजित करते हैं। गर्भावस्था में व्यायाम बहुत जरूरी होता है। अगर आप नियमित रूप से व्यायाम करती रहेंगी, तो कब्ज की समस्या होने की सम्भावना कम होगी। या अगर आपको ये समस्या है, तो वो जल्दी ठीक हो लैक्सेटिव (जुलाभ) का प्रयोग डॉक्टर से पूछे बिना न करें। सभी लैक्सेटिव गर्भावस्था में लेने सुरक्षित नहीं होते।
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सवाल: mam mere period mai time pr aate hai or sahi se hote hai or mai apni shadi ke baad first time try kr rhi hu pregnancy ka to koi problem to nhi hogi meri age 20 hai plz reply me
उत्तर: आपको कोई प्रॉब्लम नहीं होगी आप अपने ovulation टाइम पर ट्राई कीजिए raat ko सेक्स के बाद बाथरूम ना जाए सुबह ही बाथरूम जाए
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