1 सप्ताह की गर्भवती माँ

Question: hello plz muje btao kya 67 वेट bhut jada hai मेरी height kum hai doctor ने muje weight kum krne ko कह tha पर ab टेस्ट positive आया hai muje doctor k paas jane me dar लॅग रहा hai wo kuch bolege to

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सवाल: hello plz help me mera weight 67 h abi 1 week hi h muje doc ne weight loss ka kaha tha ab muje doc k paas jane me dar lag raha hai me kya karu plz ans me
उत्तर: hello dear agar apko weight kam karna hai to aap jyada se jyada pani piyen , ankurit chane khayen, fruits and juice le mornig walk karen , masala wali chije na khayen .......ye sab apke baby ke liye v acha hoga and normal delivery ke chance v honge and apka weight v mainten ho jayega
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सवाल: mera baby 2yr 3mnth ka hai wo din bhar to jada breast feed nhi karta but jab wo sota hai to use nind me uthuthke feeding krne ki aadat hai to me ye kese chudwau.. pehle mene chudane ka try kiya tha but wo ekdam chidchida hogya tha rat me uthuthke rota tha pareshan krta tha bahot to wapas pilana pada use.. ab muje chudwana hai but dar lag rha h nind me pine ki adat h ise to agr chudwaya to ye fir se rat me uthuthke rone lagega kya karu mai kese karu
उत्तर:   कभी भी अचानक से स्तनपान बंद नहीं करना चाहिए। इससे स्तन में सूजन या संक्रमण आदि होने की सम्भावना होती है। बच्चे पर भी कई प्रकार के नकारात्मक प्रभाव पड़ सकते है। अतः स्तनपान धीरे धीरे छुड़ाना चाहिए। जब बच्चा छह महीने का हो जाये तो धीरे धीरे स्तनपान छुड़ाने के प्रयास शुरू कर सकते हैं। इसके लिए स्तनपान यदि छह बार देते है तो इसे चार बार करके दो बार ठोस आहार दे सकते हैं । उसे अलग अलग तरह के स्वाद से परिचित कराना चाहिए। ठोस आहार घर पर बनाया हुआ हो तो श्रेष्ठ होता है अन्यथा बाजार में मिलने वाला  शिशु आहार भी दिया जा सकता है। घर के खाने में दाल का पानी ,  केला , चावल आदि अच्छे  से मसल कर इनसे शुरुआत की जा सकती है। इन्हे अच्छे से मसल कर पीस कर या छान कर दिया जाना चाहिए ताकि पचने में आसानी हो। आहार को पतला करके देना चाहिए ताकि वह आसानी से निगला जा सके। शुरू में मात्रा कम रखनी चाहिए। जरूरत के हिसाब से और शिशु की पसंद नापसंद के अनुसार उसे अतिरिक्त आहार देना चाहिए। लेकिन उसका मुख्य आहार स्तन का दूध ही रखें। इस समय बोतल , सिपर या कप से दूध पिलाना भी शुरू किया जा सकता है। थोड़ा धैर्य रखना पड़ता है। बच्चा धीरे धीरे इनसे तरल पदार्थ लेना सीख जाता है। जब बच्चा अतिरिक्त भोजन लेना सीख जाये तब धीरे धीरे स्तनपान की संख्या कम करते हुए दूसरा भोजन बढ़ा देना चाहिए । बच्चे की पाचन क्षमता के आधार पर उसके खाने की मात्रा निश्चित करें। एक निश्चित समय पर खाना दें। जरुरत होने पर ही स्तनपान कराये। इस समय उसे सब्जियां जैसे गाजर , मटर , शकरकंद , उबाल कर मसल कर दे सकते है। सेब , नाशपती आदि मसल कर खिला सकते हैं। गेंहू या जौ का पका हुआ दलिया मसल कर छान कर खिलाया जा सकता है। थोड़ी मात्रा में दही छाछ आदि दे सकते हैं। कोई भी आहार निगलने में उसे परेशानी नहीं होनी चाहिए। तीसरी अवस्था में स्तन पान बंद करके उसे ठोस आहार निश्चित समय पर दें। समय का जरूर ध्यान रखें क्योकि स्तनपान कराने के लिए कोई तैयारी नहीं करनी पड़ती। जैसे ही बच्चे को भूख लगती है स्तनपान तुरंत कराया जा सकता है। बच्चे को भूख लगने पर समय से खाना नहीं मिले तो उसे गुस्सा आ जाता है। इसलिए पहले से तैयारी करके समय पर उसे आहार दें। वह शांति से खा लेगा। उसके लिए छोटे छोटे आहार की प्लानिंग करके तैयार करके उसे खिलाएं। प्रयास करें उसके सामने कोई ऐसी अवस्था ना आये कि उसे स्तनपान याद आने लगे। ऐसा कुछ हो तो तुरंत उसे बहला दें। स्तनपान छुड़ाने की कोशिश करने के बाद भी बच्चा स्तन से दूध पीने की जिद करे तो स्तन पर कुछ ऐसा लगाया जा सकता है जिसका स्वाद शिशु को पसंद न हो लेकिन उससे शिशु को किसी प्रकार का नुकसान नहीं होना चाहिए।  जैसे हल्दी , नमक , करेलेका रस , नीम की पिसी हुई पत्ती आदि। इससे शिशु स्तन मुंह में लेते ही अपने आप छोड़ देगा। उसे बतायें की अब यह जगह ठीक नहीं है और उसे अन्य तरीके से ही खाना लेना होगा। धीरे धीरे उसकी स्तनपान की आदत छूट जाएगी। स्तनपान छुड़ाने में कितना समय लगता है baby stan ka doodh kab chodta he यह माँ और बच्चे के आपसी तालमेल पर निर्भर होता है। कुछ बच्चे जल्दी छोड़ देते है तो कुछ बच्चे देर से छोड़ते है।दो तीन महीने की कोशिश से सफलता मिल जाती है। किसी किसी बच्चे को स्तन के दूध की बहुत ज्यादा जरुरत महसूस होती है। ऐसे बच्चे के साथ थोड़ा अधिक समय लग सकता है। बच्चे का दूध एकदम से बंद नहीं करना चाहिए अन्यथा बच्चा चिड़चिड़ा हो सकता है जो आपके लिए परेशानी का कारण बन सकता है। बच्चा स्तन का दूध नहीं छोड़े तो क्या करें बच्चा स्तन से दूध पीकर सिर्फ भोजन ही प्राप्त नहीं करता , उसे आरामदायक गोद और विश्वास भी प्राप्त होते है। बच्चे का स्तनपान नहीं छोड़ना इस वजह से भी हो सकता है। अतः स्तनपान छुड़वाते समय उसे सुरक्षित महसूस कराने उसे कोई गाना आदि सुनाकर , उसके साथ खेलकर , कोई संगीत आदि बजाकर और उसके आराम का पूरा ख्याल रखने से सफलता मिलने की संभावना बढ़ जाती है। बच्चा जब थोड़ा समझने लगे और स्तन का दूध मांगे तब उसे प्यार से मना करके समझा दें की हर वक्त स्तन नहीं मिल सकता। जिद करे तो उस समय उसे किसी तरह से बहला दें। आपकी जीवन में कुछ अन्य बदलाव भी हो रहे हों जैसे घर बदलना या ऑफिस जाना फिर से शुरू करना आदि तब स्तनपान बंद करने जैसे बदलाव करने में थोड़ी परेशानी अधिक हो सकती है अतः ऐसे में कुछ दिन इसे टाला जा सकता है। एक बार आप खुद सेटल हो जाएँ फिर स्तनपान छुड़ाने के प्रयास करने चाहिए। इसी तरह माहवारी के समय जब आप खुद व्यवस्थित ना हो बदलाव की कोशिश टाली जा सकती है। दूध छुड़ाने के बाद भी हो सकता है कि कुछ समय तक स्तन से दूध आता रहे। इससे परेशान नहीं होना चाहिए। धीरे धीरे अपने आप बंद हो जाता है। स्तन को पहले जैसे होने में थोड़ा समय लग सकता है।
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सवाल: mam mujhe 9 weeks start ho gya h aaj to ghar k kaam krne m mujhe bhut problam hoti hai or mujhe doctor n bhi mna kiya tha kuch kaam krne k liy bad rest k liye bola tha likin ab tk to m kaam krti aayi hu to kya aage bhi as kaam kr skti hu
उत्तर: अगर डॉक्टर ने रेस्ट के लिए बोला है तो आप रेस्ट करो अगर फ़िर भी काम करना हो तो हलके फ़ुलके काम करो ज़्यादा भारी काम मत करो जवाब पसन्द आया हो तो प्लीज़ like
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