10 महीने का बच्चा

Question: मेरा फोर +का beta बेह्द बीमार रहता h उसको हमेशा फ़ीवर ar खांसी रहता h फ़ीवर ar खांसी का दवा ऐनी टाइम khata h क्या kre

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सवाल
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सवाल: mera beta bhut bimar rhta h hmesha usko ज़ुकाम lga rhta h iska koi इलाज हो सकता hai
उत्तर: Hello dear.. 1.बच्चों की इम्युनिटी बढ़ाने के लिए बच्चों को अनावश्यक एंटीबायोटिक नहीं दें. 2.साफ सफाई का ध्यान रखें. 3. बच्चों को चॉकलेट, फास्ट फूड ,कोल्ड ड्रिंक या बंद डब्बा food नहीं दे. 4. अच्छा खाना और khub पानी पिलाया . खाने में आप Beej, phalli,साबुत अनाज जो कि विटामिन ए, विटामिन बी 12 विटामिन बी सिक्स, विटामिन सी,zink,selenium, फैटी एसिड से भरपूर होते हैं बच्चों को den. 5.बच्चों को रोज 10 से 12 घंटे की नींद करने दें क्योंकि बहुत जरूरी है. 6. प्रोबायोटिक्स जो कि अच्छे बैक्टीरिया वाला खाना होता है वह दें जिससे कि गंदे बैक्टीरिया को door rakhne में मदद मिलेगी. 7. कुछ घरेलू उपाय जिन्हें आप कर सकती हैं . हल्दी वाला दूध दें .इस दूध को बनाने के लिए आधा चम्मच हल्दी में थोड़ी सी काली मिर्च और शहद डालकर बच्चे को दे. आप चमनपरास दे सकती हैं. तुलसी के पत्तों को भी आप अच्छे से धो लें और बच्चों को khane के लिए den. आप हफ्ते में कई बार करें. बच्चे को अगर आप मोटा करना चाहते हैं उसे तंदुरुस्त बनाना चाहते हैं तो आप उसके खाने में हरी पत्तेदार सब्जियों कुछ ज्यादा ही प्रयोग करें. इसमें प्रोटीन मिनरल्स होते हैं जो कि बच्चों के शरीर के विकास के लिए बहुत जरूरी होता है बच्चों को ऊर्जा मिलती है और उसके अलावा hari सब्जियों को खाने में dhyaan भी बढ़ता है. जिंक वाला आहार दें जिससे कि बच्चों को भूख ज्यादा लगेगी और शरीर की ग्रोथ अच्छी होगी .जो बच्चे देखने में कमजोर होते हैं उन्हें भूख भी कम लगती हैं. उन्हें आप zink वाला और देने से उनकी बुक खुल जाती है और वह अच्छी तरह खाना खाने लगते हैं. Zink वाले आहार के लिए तरबूज के बीज, मूंगफली ,बींस ,पालक ,मशरूम और dudh den. इन सब चीजों से बच्चों का वजन भी पढ़ने में मदद मिलती है. डेयरी उत्पाद में मछली का सेवन भी आप बच्चों को करा सकते हैं. बच्चों को भरपूर मात्रा में दूध दही पनीर इन सब का सेवन करना चाहिए. जिससे बच्चा अपनी ग्रोथ कर सकें .यदि आप नॉनवेज है तो आप अपने बच्चे को मछली और एक अंडा daily दे सकते हैं. बच्चों को ताजे फल भी दे उनसे उनका पेट भरेगा और पोषक तत्व मिलेंगे .उससे उन्हें energy मिलेगी. अंगूर, सेब, केला ,संतरा ,तरबूज, खिलाने से बच्चे तंदुरुस्त होते हैं. बच्चों को ड्राई फ्रूट्स भी हमें रोज देना चाहिए. पिस्ता ,मूंगफली ,काजू खाने से कोलेस्ट्रॉल और खूब सारी कैलोरी मिलती है .जिसको खाने से बच्चे बढ़ेंगे और मोटे भी होंगे .आपको इन्हें रोजाना की डाइट में शामिल करना चाहिए. bachho ke खाने में आप बहुत ज्यादा नमक या बहुत ज्यादा मीठा बिल्कुल भी ना दें .दोनों ही चीजें लिमिट में होनी चाहिए. मात्रा उनकी आप सही रखें. बच्चों को कोल्ड्रिंग fastfood ya बाहर का खाना. होटल का खाना .बहुत ज्यादा पसंद होता है. लेकिन आप कुछ ऐसा करें जिससे कि आप उन्हें इन सब से बचा सके. पानी पीना बहुत जरूरी होता है और यह सही मात्रा में पिया जाए बहुत जरूरी है आप बचपन से ही बच्चों में यह आदत डालें कि वह पानी अच्छी मात्रा में लें ताकि वही आदत पड़ी तक रहे. bachho me थोड़ी एक्सरसाइज करने की ya योगा करने की भी आप आदत डालें इन सभी का प्रभाव आप उनके अच्छे स्वास्थ्य में देखेंगे. I wish aapko madad milegi. take care
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सवाल: mera beta 16 month ka h aur hmesa bimar pd jata h mai kya kru jisse o thik rhe ....
उत्तर: माना की आजकल के बच्चे हरी सब्जियों के नाम पर नाम भौहें सिकोड़ने लगते हैं। लेकिन अगर आप शुरूआत से ही बच्चे को फल और सब्जियां खिलाने की आदत डालती तो ऐसा नहीं होता। इसलिए याद रखें कि बच्चों को ज्यादा से ज्यादा फल और सब्जियां खाने में परोसनी चाहिए। क्योंकि फल और हरी सब्जिय़ों जैसे गाजर, हरी बीन्स, संतरे, स्ट्रॉबेरी विटामिन सी होता है और ये और कैरोटीन युक्त होते हैं। जिनमे बच्चे की इम्युनिटी को बढ़ाने वाला पिटोनुट्रिएंट्स पैदा होता है। एक अध्ययन के अनुसार ये बात सामने आई है की हरी संब्जियां और फल पिटोनुट्रिएंट्स कैंसर और हृदय रोग जैसे पुराने रोगों के खिलाफ हमारी रक्षा करने की ताकत होती है। इसलिए एक दिन में अपने बच्चो को 5 बार में फलों और सब्जियों को उनकी भूख के अनुसार खिलाने का प्रयास करना चाहिए। क्योंकि ये बच्चे की इम्युनिटी को संक्रमण से लड़ने के लिए मजबूत बना सकते है।
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सवाल: मेरा बच्चा 6 महीने का हो गया h लेकिन उसको हमेशा फीवर रहता h
उत्तर: आपका बेबी 6मंथ का है अगर बच्चे को बुखार है तोबच्चे को बुखार होने पर ज्यादा कपड़े ना पहनाएं, क्योंकि इससे उसके शरीर का तापमान और ज्यादा बढ़ सकता है और उसके शरीर में पानी की कमी हो सकती है।बच्चे को बुखार होने पर ठंडे वातावरण में रखें। इससे उसे राहत महसूस होगी और साथ ही उसके शरीर का तापमान धीरे धीरे कम हो सकता है।इसके लिए उसे एक ठंडे कमरे में सुलाएं। इस दौरान इस बात का ध्यान रखें कि उसे पंखे के नीचे या कूलर के सामने ना सुलाएं, इससे उसे ठंड लग सकती है और वह ज्यादा बीमार हो सकता है।बच्चे के लिए माँ के दूध से बढ़कर कोई दवा नहीं हो सकती है। माँ का दूध एंटीबायोटिक व एंटीइंफेक्टिव गुणों से भरपूर होता है और बच्चे को कई बीमारियों से सुरक्षित रखता है। और बच्चे का बुखार ठीक हो जायेगा।
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