10 साल का बच्चा

Question: मेरा beta 10 साल का h मेरी bat बिलकुल नहीं सुनता मोबाइल मैं गेम khelta रहता h भुहुत समझाया फिर भी नहीं manta padne मैं ध्यान नहीं देता

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सवाल
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सवाल: मेरा बेटा स्टडी मैं वीक ह 5तो क्लास मैं ह मेरी बिल्कुल बात नहीं मानता हमेशा खेल मे रहता ह उसका ध्यान. हेल्प में
उत्तर: हेलो अगर आपका बच्चा पढ़ाई में कमजोर है तो आप ध्यान दें कि बच्चा पढ़ाई क्यों नहीं करना चाहता ऐसी कौन सी चीज है ऐसी कौन सी आदत है जो बच्चे को पढ़ाई से दूर रखता है अपने बच्चे की समस्या को समझते हुए उसे मानसिक रूप से सहयोग करे। उसको अपने विश्वास में ले जिससे उसको मससूस हो की आप उसकी हर प्रकार से मदद करने को तैयार हैं। उसके अंदर आत्मविश्वास पैदा करे। उसको डाटने के बजाए प्यार से समझाए। उसकी जगह पर खुद को रख कर उसकी समस्या को समझे। उसके अंदर एकाग्रता लाने की कोशिश करे। जिस विषय में आपका बच्चा कमजोर हैं उसपर अधिक ध्यान दें। स्कूल में यदि न समझ पाता हो तो आप स्वयं उसकी समस्या को सुलझाए   यदि उसे पाठ याद न होता हो तो उसे याद करने का तरीका बताये और सक ही चीज़ को बार -बार पढ़ने के लिए प्रेरित करे। उसे लिख कर याद करने की आदत डालें। उसके पाठ को रुचिकर बनाकर उसे समझाए। अपने बच्चे के पढ़ने के लिए उचित तथा निश्चित स्थान बनाए। जबतक उसका मन पढ़ाई में लगे उसको पढ़ने दें , किसी कार्य के लिए उसे न उठाए। घर में किसी के आने - जाने पर उसे डिस्टर्ब ना करे। उसके खान - पान पर ध्यान दें। पोस्टिक तथा बुद्धिवर्धक चीज़े दें जैसे - रोज़ कम से कम दस बादाम रात में पानी में भिगोकर खाने को दें। दूध अवश्य दें। मछली खाने से भी बुद्धि का विकास तेजी से होता हैं  । अतः अपने बच्चे को हफते में दो बार मछली अवश्य खिलाये। इसके अतिरिक्त हरी सब्ज़ी , फल , दूध से बनी हुई प्रोटीन तथा आयरन कैल्शियम से युक्त चीज़े उसे अवश्य खिलाए। सूखे मेवे जैसे बादाम , अखरोठ और किशमिश बच्चे के बुद्धि के विकास के लिए आवश्यक हैं। अतः ये चीज़े अपने बच्चे को अवश्य खिलाए।बच्चे को उसकी उम्र के हिसाब से पढाई के बीच में ब्रेक अवश्य दें और उसी बीच में कुछ अच्छा खाने को दें जिसकी वजह से उसकी रूचि पढाई में बनी रहेगी और वह टाइम के अनुसार अपना पाठ याद कर लेगा।  अपने बच्चे को पढाई में मन लगाने के लिए सर्वप्रथम उसका एक टाइम - टेबल बनाए और उसी के अनुसर उसको मेज़ - कुर्सी पर बैठकर पढ़ने के लिए प्रेरित करें ,कुर्सी पर बैठने से उसकी रीढ़ की हड्डी सीधी रहेगी जिससे उसको पढ़ी हुई चीज़ जल्दी याद होगी और वह पढाई में कमजोर नहीं रहेगा।
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सवाल: मेरा 4 साल का बेटा बहुत जिद्दी ह बिल्कुल भी बात नहीं मानता क्या करूँ
उत्तर: हेलो डियर बेबी जैसे-जैसे बड़े होते जाते हैं वैसे वैसे वह ज्यादा जिद्दी बंद करने लगते हैं इसके लिए आपको उसको खेलने में मगन रखना चाहिए जैसे कि उसे अलग-अलग पजल्स लाकर देने चाहिए उसे उसके दोस्तों के साथ खेलने देना चाहिए आपको उसके दोस्तों के घर जाना चाहिए और उसको पार्क में लेकर जाना चाहिए क्योंकि कभी-कभी बच्चे अकेले पड़ जाते हैं और वह फिर अपने ही मन की बातें करने लगते हैं ज्यादा जिद्दी पन करने लगते हैं यदि हम उसे एक्टिविटीज करने में व्यस्त रखेंगे तो वह ज्यादा जिद्दी पर नहीं करेंगे आपको उसे अलग-अलग क्लास लगानी चाहिए जैसे कि स्विमिंग क्लास कराटे क्लास डांसिंग क्लास स्केटिंग क्लास इस तरह से बेबी ज्यादा वक्त खेलने में और एक्टिविटीज करने में बताएगा और आपको उसे प्यार से समझाना चाहिए क्योंकि कभी-कभी गुस्सा करने से या मारने से बेबी बात नहीं मानते लेकिन यदि प्यार से उसे बात की जाए तो वह समझ लेते हैं उसको आपको अच्छे गलत सही बातों कि बारे में समझाना चाहिए ताकि धीरे-धीरे बेबी जिद्द ना करें अपना और बेबी का ख्याल रखना
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सवाल: मेरा बेटा 2 साल 10 महीने का ह और बहुत गुस्सा करता ह बात भी नहीं सुनता ह
उत्तर: हेलो कुछ बच्चे अपनी बात मनवाने के लिए गुस्से या जिद का सहारा बचपन से लेने लगते हैं बच्चों को जब यह पता हो जाता है कि उनके जिद्द का या रोने से उनकी मांग पूरी होगी तो वह अक्सर ऐसी हरकत करते हैं बच्चे के जिद करने और रोने-चिल्लाने पर अपना फैसला न बदलें। ऐसा करने पर वह इसे आपकी कमजोरी समझेगा और हर बार अपनी बात मनवाने के लिए यही तरीका अपनाएगा।  बच्चे के किसी बात पर जिद करने पर उसे इसके फायदे या नुकसान के बारे में बताएं जिससे वह खुद जिद छोड़ने के लिए प्रेरित हो सके। बच्चों को छोटी उम्र से अनुशासन में रहना और सब्र करना सिखाए जाने पर उनकी जिद करने की आदत को कम किया जा सकता है।जिद्दी बच्चे ज्यादा मेहनती और उनमें संघर्ष करने की क्षमता दूसरे बच्चों से ज्यादा होती है। ऐसे बच्चे अगर कुछ करने की ठान लें तो उसे पूरा किए बिना चैन से नहीं बैठते। सही मार्गदर्शन किए जाने पर ऐसे बच्चे अपने जीवन में बड़ी कामयाबी हासिल करते हैं  
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