40 सप्ताह की गर्भवती माँ

Question: 9 mnth kal pura ho gya h pain ni hua

1 Answers
सवाल
Answer: Hello dear,,40 weekकंप्लीट हो जाने के बाद आप लेबर पेन का वेट ना करें डॉक्टर से संपर्क करें और बेबी की स्थिति और डॉक्टर की सलाह नियमित रूप से ले ताकि बेबी के जन्म में किसी भी प्रकार का कॉम्प्लिकेशन ना हो|
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सवाल: 9 mnth pura ho gya kb tk wait kre pain ka
उत्तर: हेलो डियर आपका नाइन मंथ पूरा हो गया है तो आप तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें क्योंकि ज्यादातर डिलीवरी 36 se 40 week के अंदर ही हो जाती है,जरूरी नहीं है कि बच्चे सिर्फ पेन से ही पैदा हो क्योंकि कभी कभी टाइम पूरा हो जाने के बाद बच्चे को ज्यादा देर तक पेट में रहने से भी नुकसान हो सकता है इसलिए तुरंत डॉक्टर से संपर्क करिएl
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सवाल: 9 mnth pura ho gya kb tk wait kre
उत्तर: hello dear,,40 weekकंप्लीट हो जाने के बाद आप लेबर पेन का वेट ना करें डॉक्टर से संपर्क करें और बेबी की स्थिति और डॉक्टर की सलाह नियमित रूप से ले ताकि बेबी के जन्म में किसी भी प्रकार का कॉम्प्लिकेशन ना हो|
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सवाल: mera 9 mnth khtm ho chuka h av tk koi pain ni hua h kya kre pain start krne keliye. baby ka movment v bahut kam hota h
उत्तर: आप दिन में एक बार एक चम्मच एरंड का तेल गर्म दूध या पानी में ले सकते हो. में आपको लेबर पेन के लक्षण भी बता देती हु. लेबर पेन की शुरुआत पिरियड में होने दर्द जैसे हो सकती है ।ये दर्द के साथ आपको पेट में दर्द कमर दर्द सर दर्द , उलटी पोटी जाने की इच्छा हो सकती है ।जब दर्द समय के साथ लगातार बढ़े और असनीय होने लगे जब लगातार और थोड़ी-थोड़ी देर पर गर्भ की पेशियों में खिंचाव महसूस हो इसके अलावा जब यह अधिक समय तक और तीव्रता से हो आपके कमर के निचले हिस्से में दर्द की शिकायत हो तो यह प्रसव का ही एक लक्षण है।अगर रक्त स्त्राव की समस्या हो रही हो बुखार सिरदर्द या पेट में दर्द हो। तो आप तुरन्त डॉक्टर से सलाह ले. गर्भावस्था के दौरान आपका शिशु एक तरल पदार्थ से भरी थैली से घिरा रहता है जिसे एमनीओटिक सैक कहते हैं। आपके प्रसव के शुरुवात में संकुचन के साथ-साथ आपके एमनीओटिक सैक की झिल्ली टूट जाएगी। इसके द्वारा आपके शरीर से एक रंगहीन स्त्राव निकलेगा जिसे वाटर ब्रेक कहते हैं. वाटर ब्रेक होने पर लेडी को बॉडी से कुछ गिरने जैसा फील होता है जहाँ किसी तरल पदार्थ की धारा के गिरने जैसा महसूस होता है।गर्भवती महिला को कहा जाता है की अगर उनका वाटर ब्रेक हो गया है तो उन्हें शिशु का जन्म २४ घंटे के अंदर ही कर देना चाहिए। वाटर ब्रेक के साथ आप को दर्द हो भी सकता है या कई बार नहीं भी होता. पर वाटर ब्रेक हो जाये तो डॉ क पास तुरंत जाये.
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