12 सप्ताह की गर्भवती माँ

Question: मे 11 वीक की प्रेगनेट हूँ ,मुझे टॉयलेट कम आता है ,और जलन भी होती है .प्लीज़ मुझे बताइए बेबी को कोई प्रॉब्लम तो नही होगी .

2 Answers
सवाल
Answer: हेलो शरीर में पानी की कमी होने से या पेशाब आने पर रोकने से यूरिन खुलकर नहीं हो पाता और जलन होने लगती है जिसके कारणयूरिन इंफेक्शन होता है यूरिन इंफेक्शन होने से बचने के लिए सबसे पहला अच्छा इलाज ज्यादा से ज्यादा मात्रा में पानी पीना है आप यह सब भी कर सकती हैं एप्पल साइडर विनेगर को दो चम्मच एक गिलास पानी में डालें और एक चम्मच शहद डालकर घोल कर 2 बार दिन में पीये। खट्टे फल या साइट्रस फल जैसे आंवला नीबू संतरा और मौसमी खाएं या उनका रस पीये लस्सी और छाछ पीने से भी आराम मिलता है पाइनएप्पल का रस पीने से भी यूरिन इन्फेक्शन में फायदा होता है दो चम्मच बेकिंग सोडा एक ग्लास पानी में डालकर पिए इसे यूरिन इंफेक्शन से राहत मिलती है।
Answer: हेलो डियर आप बहुत ज्यादा पानी पिए कम से कम दिन में 3 से 4 लीटर पानी पिए यूरिन खुलकर आएगा और आपको जो जलन महसूस हो रही है उसे भी आपको राहत मिलेगी साफ सफाई का खास खयाल रखे हो सके तो इंडियन टॉयलेट का इस्तेमाल करें बाहर के टॉयलेट का कम से कम यूज करें गंदे वॉशरूम यूज करने से भी यूरिन में इंफेक्शन होने का खतरा रहता है इसलिए इंफेक्शन ना हो बहुत ही केयरफुल रहें
समान प्रश्न, उत्तर के साथ
सवाल: मै जब से प्रेगनेट हुई हूँ तब से मुझे टेंशन बहुत होती ह गुस्सा भी बहुत आता ह कभी कभी रोना भी बहुत आता ह इस्से बेबी को कोई प्रॉब्लम तो नही होगी ना इसका क्या उपाय ह
उत्तर: हेलो डियर,,,, स्ट्रेस लेने से बेबी के ब्रेन एंड बॉडी डेवलपमेंट में बहुत ही ज्यादा प्रभाव पड़ता है साथ ही साथ आपकी प्रेगनेंसी में भी कॉम्प्लिकेशन आने की संभावना बढ़ जाती है इसलिए आप कोशिश करें कि आप किसी भी प्रकार का स्ट्रेस ना लें स्ट्रेस को कम करने के लिए आप कुछ उपाय कर सकते हैं - 1)मेडिटेशन, योगा ,कपाल भारती ,हल्की वॉक जरूर ले ,यह भी मानसिक तनाव उत्पन्न करने वाले हारमोंस में कमी करते हैं | 2) मनपसंद संगीत मूवी या बुक्स भी पड़ सकती हैं इसके अलावा आप लोगों से मिलना जुलना ,अपनी पसंद का काम ,आदि करें इससे भी आपको मानसिक रिलैक्सेशन होगा 3) उन कामों को महत्व दें ,जिनमें आपको अच्छा अनुभव हो आप अपने लिए समय निकालें इस प्रकार आप अपने दिनचर्या में या कार्यविधि में परिवर्तन करें धीरे-धीरे आपको अच्छा fil होने लगेगा|
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सवाल: मुझे कोई भी फल नही डाइजेस्ट होता है | पेट में दर्द और जलन रहता है | 21 वीक की प्रेगनेट हूँ| अभी भी उल्टी होती है | कोई सलाह बताए |
उत्तर: हेलो डियर अगर आपको पेट में जलन की समस्या है इसका मतलब आपको एसिडिटी है आप को उल्टी होना भी हो सकता है acid के कारण ही हो रही हो इसलिए आपको घबराने की जरूरत नहीं है जब भी आपको पेट में जलन की समस्या हो ठण्डे पानी या दूध का सेवन करे और वॉक करे . subha केले का सेवन करे अदरक वाली चाय भी लें सकती है पर बहुत गर्म नही . नारियल पानी .. छाछ .. दही . सत्तू का घोल . और फ्रूट ज्यूस का सेवन जयदा करे . उलटी लगने पर ऑरेंज या ऑरेंज कैन्डी या मिश्री को मुह मे रखें उलटी से राहत मिलेगी प्रेगनेन्सी मे ये प्रॉब्लम्स बिल्कुल नॉर्मल है इसलिए बिल्कुल भी ना घबराये . अपनी डायट का खयाल रखें और खुब पनि पीये . ओके डियर टेक केयर
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सवाल: मेरे गले मे जलन बहुत होती है और सर मे दर्द भी रहता है ऐन्ड खासी भी आ रही है बेबी को कोई प्रो तो नही होगी
उत्तर: यह काफी आम है और कोई नुकसान नहीं पहुंचाती,एसिडिटी की वजह से हार्टबर्न भी हो सकता है आप शायद एसिडिटी और जलन से पूरी तरह छुटकारा न पा सकें, मगर आप कुछ उपाय आजमाकर इसे कम करने का प्रयास अवश्य कर सकती हैं, जैसे कि तैलीय या मसालेदार भोजन, चॉकलेट, खट्टे फल, शराब और कॉफी, ये सभी खाद्य पदार्थ एसिडिटी को बढ़ाने के लिए जाने जाते हैं। अगर, आपको असहजता महसूस हो, तो कुछ समय के लिए इन पदार्थों से परहेज रखें सोडायुक्त पेयों की बजाय पानी पीएं, रेडीमेड भोजन और प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों का सेवन कम करें, जैसे कि टॉमेटो कैचअप, अचार और चटनी आदि। इनमें बहुत ज्यादा मात्रा में नमक, प्रिजर्वेटिव्स और एडिटिव्स होते हैं। एक गिलास ठंडा दूध या एक कटोरी दही का सेवन एसिडिटी और हार्टबर्न का सदियों पुराना इलाज माना जाता है। एक कप अदरक की चाय भी आपको राहत पहुंचा सकती है। केला खाने से भी इसमें फायदा होता है। थोड़ी मात्रा में, लेकिन बार-बार भोजन खाती रहें। भोजन को अच्छी तरह चबाकर खाएं। एक भोजन से दूसरे भोजन के बीच लंबा अंतराल होने से भी एसिडिटी बनने लगती है। भोजन के दौरान बहुत ज्यादा मात्रा में तरल पदार्थ न पीएं। गर्भावस्था के दौरान रोजाना आठ से 12 गिलास पानी पीना जरुरी है, मगर ये एक भोजन से दूसरे भोजन के बीच की अवधि में ही पीएं। कोशिश करें कि रात को आप सोने से करीब तीन घंटे पहले अपना भोजन कर लें। कई बार लेटने से भी छाती में जलन होने लगती है, क्योंकि गुरुत्व बल के कारण पेट से अम्ल बाहर निकलने लगते हैं। रात को देर से भोजन करने पर, कोशिश करें कि खाने के कम से कम एक घंटे बाद ही लेटें तकिये लगाकर सोएं, ताकि आपके कंधे आपके पेट से ऊंचे रहें.
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