13 साल का बच्चा

Question: हैलो, हम गोवा जाने की योजना बना रहे हैं और मैंने मेक माय ट्रिप से फ्लाइट टिकट के लिए 3 बार भुगतान किया है और फिर भी टिकट कन्फर्म नहीं मिला। धन में कटौती की गई और 21 दिनों के बाद भी पैसा वापस नहीं किया, जबकि इसमें केवल 5 वर्किंग दिन लगते हैं। मैं उनके खिलाफ क्या कार्रवाई कर सकती हूं? कृपया मुझे सुझाव दीजिये।

1 Answers
सवाल
Answer: हाय, आप परेशान न हो ऐसा ऑनलाइन लेनदेन में बहुत बार होता है। आमतौर पर वे पैसे वापस कर देते हैं। रिकवरी और हर्जाने के लिए आप कंज्यूमर कोर्ट में मुकदमा कर सकती हैं। 6-12 महीनों के बीच में आपके मामले का फैसला हो जायेगा। इसकी एक आसान प्रक्रिया है। मेक माय ट्रिप को कानूनी नोटिस भेजें और फिर उपभोक्ता फोरम में शिकायत दर्ज करें। किस उपभोक्ता फोरम में मामला दायर किया जा सकता है यह आपके विवरण को देखने के बाद ही तय किया जा सकता है। ये मामले इतने पेचीदा नहीं हैं। वकील की मदद लें। आपको पैसा जल्द ही वापस मिल जायेगा।
समान प्रश्न, उत्तर के साथ
सवाल: हैलो फ्रेंड्स, मेरे बड़े भाई की डेथ दो साल पहले हो गई थी। उनकी मौत अचानक हुई थी, जिस कारण उन्होंने अपनी वसीयत भी नहीं लिखी। या किसी के नाम कुछ नहीं किया है। उनका तलाक भी 2009 में हो चुका था। मेरे भाई के कुछ ट्रेडिंग अकाउंट और कुछ पॉलिसी भी हैं। प्लीज इस केस के सुलझाने में मेरी मदद करें। उनके ऊपर किसी की कोई जिम्मेदारी तो नहीं थी, बस मैं और मेरे भाई ही हैं।
उत्तर: हाय डियर, आपके भाई के बारे में जानकार बड़ा दुःख हुआ। यदि आप हिन्दू हो तो हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम 1956 यहां पर लागू होगा। इस एक्ट के तहत यदि कोई व्यक्ति बिना अपनी वसीयत बनाए मर जाता है तो उसकी प्रॉपर्टी प्रथम क्लास के उत्तराधिकारियों जैसे उनके बेटे, बेटी, माता या उनकी पत्नी को बराबर मिलेगा। यदि प्रथम क्लास के उत्तराधिकारियों में से कोई भी जीवित नहीं है तो उनके पिता को, यदि पिता भी न हों तो अन्य जो लोग हैं जैसे आपके भाई और आपको मिलेगा। इसके अलावा ट्रेडिंग खाता और पॉलिसी को ट्रांसफर कराया जा सकता है। जैसे आप या आपके भाइयों को एक उत्तराधिकारी की याचिका डालनी होगी। आप सिविल कोर्ट में याचिका दे सकते हैं। इसके लिए आपके भाई का डेथ सर्टिफिकेट आपको चाहिए होगा, उनकी आईडी कार्ड, या आपके रिश्ते का कोई प्रूफ चाहिए होगा। इसके साथ ही ट्रेडिंग खाता और पालिसी डिटेल आदि भी जरुरी है।
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सवाल: हैलो फ्रेंड्स, मेरे बड़े भाई की डेथ दो साल पहले हो गई थी। उनकी मौत अचानक हुई थी, जिस कारण उन्होंने अपनी वसीयत भी नहीं लिखी। या किसी के नाम कुछ नहीं किया है। उनका तलाक भी 2009 में हो चुका था। मेरे भाई के कुछ ट्रेडिंग अकाउंट और कुछ पॉलिसी भी हैं। प्लीज इस केस के सुलझाने में मेरी मदद करें। उनके ऊपर किसी की कोई जिम्मेदारी तो नहीं थी, बस मैं और मेरे भाई ही हैं।
उत्तर: हाय डियर, आपके भाई के बारे में जानकार बड़ा दुःख हुआ। यदि आप हिन्दू हो तो हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम 1956 यहां पर लागू होगा। इस एक्ट के तहत यदि कोई व्यक्ति बिना अपनी वसीयत बनाए मर जाता है तो उसकी प्रॉपर्टी प्रथम क्लास के उत्तराधिकारियों जैसे उनके बेटे, बेटी, माता या उनकी पत्नी को बराबर मिलेगा। यदि प्रथम क्लास के उत्तराधिकारियों में से कोई भी जीवित नहीं है तो उनके पिता को, यदि पिता भी न हों तो अन्य जो लोग हैं जैसे आपके भाई और आपको मिलेगा। इसके अलावा ट्रेडिंग खाता और पॉलिसी को ट्रांसफर कराया जा सकता है। जैसे आप या आपके भाइयों को एक उत्तराधिकारी की याचिका डालनी होगी। आप सिविल कोर्ट में याचिका दे सकते हैं। इसके लिए आपके भाई का डेथ सर्टिफिकेट आपको चाहिए होगा, उनकी आईडी कार्ड, या आपके रिश्ते का कोई प्रूफ चाहिए होगा। इसके साथ ही ट्रेडिंग खाता और पालिसी डिटेल आदि भी जरुरी है।
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सवाल: हैलो फ्रेंड्स, मेरे बड़े भाई की डेथ दो साल पहले हो गई थी। उनकी मौत अचानक हुई थी, जिस कारण उन्होंने अपनी वसीयत भी नहीं लिखी। या किसी के नाम कुछ नहीं किया है। उनका तलाक भी 2009 में हो चुका था। मेरे भाई के कुछ ट्रेडिंग अकाउंट और कुछ पॉलिसी भी हैं। प्लीज इस केस के सुलझाने में मेरी मदद करें। उनके ऊपर किसी की कोई जिम्मेदारी तो नहीं थी, बस मैं और मेरे भाई ही हैं।
उत्तर: हाय डियर, आपके भाई के बारे में जानकार बड़ा दुःख हुआ। यदि आप हिन्दू हो तो हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम 1956 यहां पर लागू होगा। इस एक्ट के तहत यदि कोई व्यक्ति बिना अपनी वसीयत बनाए मर जाता है तो उसकी प्रॉपर्टी प्रथम क्लास के उत्तराधिकारियों जैसे उनके बेटे, बेटी, माता या उनकी पत्नी को बराबर मिलेगा। यदि प्रथम क्लास के उत्तराधिकारियों में से कोई भी जीवित नहीं है तो उनके पिता को, यदि पिता भी न हों तो अन्य जो लोग हैं जैसे आपके भाई और आपको मिलेगा। इसके अलावा ट्रेडिंग खाता और पॉलिसी को ट्रांसफर कराया जा सकता है। जैसे आप या आपके भाइयों को एक उत्तराधिकारी की याचिका डालनी होगी। आप सिविल कोर्ट में याचिका दे सकते हैं। इसके लिए आपके भाई का डेथ सर्टिफिकेट आपको चाहिए होगा, उनकी आईडी कार्ड, या आपके रिश्ते का कोई प्रूफ चाहिए होगा। इसके साथ ही ट्रेडिंग खाता और पालिसी डिटेल आदि भी जरुरी है।
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