26 साल

Question: हैलो, मैं एक कामकाजी महिला हूँ, मेरी बेटी 2 साल की है। सुबह 6 बजे से लेकर रात 12 बजे तक घर, ऑफिस, बच्चे को सँभालते-सँभालते बहुत थक जाती हूँ। खुद के लिए 10 मिनट भी नहीं दे पाती, जिसके चलते मैं बहुत चिड़चिड़ी होती जा रही हूँ। प्लीज कुछ बताइये कैसे मैं सब कुछ सम्भालूं और खुद के लिए भी कुछ समय निकाल पाऊं।

4 Answers
सवाल
Answer: हैलो डियर, मैं आपकी भावनाओं को समझ सकतीं हूँ, क्योंकि मैं भी एक माँ हूँ। आप सुबह 6 बजे न उठकर सिर्फ आधा घंटा पहले उठें। 5:30 पर उठकर, फ्रेश होकर 15 मिनट योग करें और 15 मिनट सुबह की ताज़ी हवा में टहलें। इसके बाद अन्य काम करें। सुबह क्या ब्रेकफास्ट और लंच बनाना है, उसे रात में ही डिसाइड कर लें। इससे सुबह आपका समय बचेगा। सुबह क्या पहना है, बच्चे का बैग रात में ही लगा लें। इस तरह सुबह आपका भार काफी कम हो जायेगा। शाम को थोड़ी देर ध्यान लगाने से आप खुद को तरोताजा महसूस करेंगी। अपने पति से मदद मांगने में कोई भी संकोच न करें। जल्दी ही आप अपने व्यवहार में परिवर्तन देखेंगी।
Answer: ही डियर.... आप अपने हर काम का टाईमटेबल बनाए और फिर उसे प्रॉपर्ली फॉलो करे... खुद को काम रखने के लिए सुबह जल्दी उठ कर योग करे और पानी ज्यादा पिए प्रॉपर डाइट ले क्योंकि आप ठीक रहेन्गी तो हर काम ठीक से कर payengi.. हम जब दैत का ख़याल नहीं रखते तो व्क्नेस हो जाती एच और चीद्चीदे हो जाते एच ... इसलिए खुद का ख्याल रखे जिससे चीद्चीदपन कम होगा ... और घर & ऑफिस के काम को अलग अलग ही रखे घर पर ऑफिस वर्क करेंगी तो घर के काम और बच्चों की वझ से सब डिस्टर्ब हो जाएगा और मैनेज करना मुश्किल होगा.... सो 1स्त्ली टेक केयर योरसेल्फ एंड प्रॉपर्ली प्लान ऑल वर्क्स ...
Answer: हलो मेरा बेटा 1साल 5महीने का ह वो नमकीन खाना बहुत प्यार से खाता ह बट 4.5दिन से वो कुछ भी नहीं खा रहा ह .सिर्फ दूध पी रहा ह प्लीज बताएं एम क्या करूँ उसके लिए
Answer: मेरी भची दूध नहीं पति क्या किया जाए
समान प्रश्न, उत्तर के साथ
सवाल: हैलो, मैं एक कामकाजी महिला हूँ, मेरी बेटी 2 साल की है। सुबह 6 बजे से लेकर रात 12 बजे तक घर, ऑफिस, बच्चे को सँभालते-सँभालते बहुत थक जाती हूँ। खुद के लिए 10 मिनट भी नहीं दे पाती, जिसके चलते मैं बहुत चिड़चिड़ी होती जा रही हूँ। प्लीज कुछ बताइये कैसे मैं सब कुछ सम्भालूं और खुद के लिए भी कुछ समय निकाल पाऊं।
उत्तर: हैलो डियर, मैं आपकी भावनाओं को समझ सकतीं हूँ, क्योंकि मैं भी एक माँ हूँ। आप सुबह 6 बजे न उठकर सिर्फ आधा घंटा पहले उठें। 5:30 पर उठकर, फ्रेश होकर 15 मिनट योग करें और 15 मिनट सुबह की ताज़ी हवा में टहलें। इसके बाद अन्य काम करें। सुबह क्या ब्रेकफास्ट और लंच बनाना है, उसे रात में ही डिसाइड कर लें। इससे सुबह आपका समय बचेगा। सुबह क्या पहना है, बच्चे का बैग रात में ही लगा लें। इस तरह सुबह आपका भार काफी कम हो जायेगा। शाम को थोड़ी देर ध्यान लगाने से आप खुद को तरोताजा महसूस करेंगी। अपने पति से मदद मांगने में कोई भी संकोच न करें। जल्दी ही आप अपने व्यवहार में परिवर्तन देखेंगी।
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सवाल: हेलो मैंम, मैं एक वर्किंग लेडी हूँ। ऑफिस से घर आते ही किचन में जुट जाती हूँ 12 बजे रात तक काम ख़त्म हो पता है। सुबह भी 6 बजे से किचन में काम करने लगती हूँ। काम करते करते इतना थक जाती हूँ कि ऑफिस में भी मन नहीं लगता है। अपने पति और बच्चे को भी समय नहीं दे पाती हूँ। प्लीज बताइये कैसे मैनेज करूँ कि घर का काम भी हो जाये ,नौकरानी भी न लगनी पड़े और पति और बच्चे के लिए भी कुछ समय निकाल आये।
उत्तर: हेलो डियर, मैं आपकी समस्या समझ सकती हूँ, क्योंकि मैं भी एक काम काजी महिला हूँ। पहले मैं भी एक मशीन की तरह काम करती रहती थी और परेशान होकर एक दिन मैंने अपनी माँ को फ़ोन किया तो उन्होंने मेरे घर कुछ दिन के लिए भाही को भेज दिया ताकि मुझे मदद मिल सके। भाभी के आने के बाद आप यकीन नहीं करेंगी मेरी लाइफ बदल गई, उनसे मैंने जो सीखा उसके बाद से मेरे पास खुद के लिए समय होता है। बच्चे और पति को अच्छे से समय दे पाती हूँ और ऑफिस में भी मन लगाकर काम कर पाती हूँ। मैं अपने इस अनुभव को आपसे शेयर कर रही हूँ शायद आपको कुछ मदद मिल जाए। शनिवार की शाम को हम पूरे सप्ताह की सब्जी लेकर फ्रीज में रख लेते थे, मेरी भाभी शनिवार शाम को ही सारी सब्जियां लेकर सब अलग-अलग निकल कर धो कर रख देती जब पानी निकल जाता तो शनिवार रात हम सब बहुत देर तक जागते और बातें करते है मस्ती करते है तो बातों बातों में सबके सामने एक एक सब्जी लेकर रख देती सब बातें भी करते जाते और सारी सब्जियां भी कट जातीं और भाभी उन्हें एयरटाइट बॉक्स में भरकर फ्रीज में रख देतीं। पत्तेदार सब्जियों को वो पहले ख़त्म करती फिर अन्य सब्जियों को बनती। कोण से दिन कौन सी सब्जी बननी है वो उसी दिन डिसाइड कर लेती। लहसुन को भी छील कर एक एयर टाइट बॉक्स में रख लेती। कुछ जिंजर गार्लिक पेस्ट भी बनाकर रख लेती। हरी धनिया की पत्तियां भी काट कर एयरटाइट बॉक्स में रख लेती। शनिवार को बातों-बातों में इतनी तैयारी हो जाती। हर दिन रात को सोने से पेह्लेजब सब टीवी देखते थे तो वो आटा गूथ लेती कॅरिअल देखते देखते। सुबह उठकर सिर्फ सब्जी बनाना और रोटियां सेकना रहता। ब्रेकफास्ट में 2 मिनट में बनने वाली रेसिपी ही ट्राई करतीं जैसे- ओट्स, दलिया, वेज सैंडविच के साथ गरमा गर्म दूध या चाय। राइस कुकर में चावल चढ़ा दिया। एक गैस पर दाल। बस केवल 45 मिनट में सब तैयार। शाम में भी आकर बची सब्जी को थोड़ा फ्राई किया या फिर झटपट बनने वाली रेसिपी ट्राई की जैसे मिक्सवेज पुलाव और रायता। फिर टीवी देखते या सबसे बातें करने के दौरान आटा गूथ कर रख लें ये रौटने डेली फॉलो करने से सब काम आसानी से होते रहते है। छोटे मोटे कामों में वो पति और बच्चों को भी शामिल करने लगी। एक ने झाड़ू कर दिया तो किसी ने मॉप बस हो गई घ की सफाई। उनके जाने के बाद भी इस रूटीन को जारी रखा है। आज मेरी लाइफ बहुत अच्छी है सब खुश हैं। आप भी इस ट्रिक को ट्राई कीजिये, आपको भी अच्छा लगेगा और आपका बर्डन भी कम हो जायेगा।
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सवाल: हेलो मैंम, मैं एक वर्किंग लेडी हूँ। ऑफिस से घर आते ही किचन में जुट जाती हूँ 12 बजे रात तक काम ख़त्म हो पता है। सुबह भी 6 बजे से किचन में काम करने लगती हूँ। काम करते करते इतना थक जाती हूँ कि ऑफिस में भी मन नहीं लगता है। अपने पति और बच्चे को भी समय नहीं दे पाती हूँ। प्लीज बताइये कैसे मैनेज करूँ कि घर का काम भी हो जाये ,नौकरानी भी न लगनी पड़े और पति और बच्चे के लिए भी कुछ समय निकाल आये।
उत्तर: हेलो डियर, मैं आपकी समस्या समझ सकती हूँ, क्योंकि मैं भी एक काम काजी महिला हूँ। पहले मैं भी एक मशीन की तरह काम करती रहती थी और परेशान होकर एक दिन मैंने अपनी माँ को फ़ोन किया तो उन्होंने मेरे घर कुछ दिन के लिए भाही को भेज दिया ताकि मुझे मदद मिल सके। भाभी के आने के बाद आप यकीन नहीं करेंगी मेरी लाइफ बदल गई, उनसे मैंने जो सीखा उसके बाद से मेरे पास खुद के लिए समय होता है। बच्चे और पति को अच्छे से समय दे पाती हूँ और ऑफिस में भी मन लगाकर काम कर पाती हूँ। मैं अपने इस अनुभव को आपसे शेयर कर रही हूँ शायद आपको कुछ मदद मिल जाए। शनिवार की शाम को हम पूरे सप्ताह की सब्जी लेकर फ्रीज में रख लेते थे, मेरी भाभी शनिवार शाम को ही सारी सब्जियां लेकर सब अलग-अलग निकल कर धो कर रख देती जब पानी निकल जाता तो शनिवार रात हम सब बहुत देर तक जागते और बातें करते है मस्ती करते है तो बातों बातों में सबके सामने एक एक सब्जी लेकर रख देती सब बातें भी करते जाते और सारी सब्जियां भी कट जातीं और भाभी उन्हें एयरटाइट बॉक्स में भरकर फ्रीज में रख देतीं। पत्तेदार सब्जियों को वो पहले ख़त्म करती फिर अन्य सब्जियों को बनती। कोण से दिन कौन सी सब्जी बननी है वो उसी दिन डिसाइड कर लेती। लहसुन को भी छील कर एक एयर टाइट बॉक्स में रख लेती। कुछ जिंजर गार्लिक पेस्ट भी बनाकर रख लेती। हरी धनिया की पत्तियां भी काट कर एयरटाइट बॉक्स में रख लेती। शनिवार को बातों-बातों में इतनी तैयारी हो जाती। हर दिन रात को सोने से पेह्लेजब सब टीवी देखते थे तो वो आटा गूथ लेती कॅरिअल देखते देखते। सुबह उठकर सिर्फ सब्जी बनाना और रोटियां सेकना रहता। ब्रेकफास्ट में 2 मिनट में बनने वाली रेसिपी ही ट्राई करतीं जैसे- ओट्स, दलिया, वेज सैंडविच के साथ गरमा गर्म दूध या चाय। राइस कुकर में चावल चढ़ा दिया। एक गैस पर दाल। बस केवल 45 मिनट में सब तैयार। शाम में भी आकर बची सब्जी को थोड़ा फ्राई किया या फिर झटपट बनने वाली रेसिपी ट्राई की जैसे मिक्सवेज पुलाव और रायता। फिर टीवी देखते या सबसे बातें करने के दौरान आटा गूथ कर रख लें ये रौटने डेली फॉलो करने से सब काम आसानी से होते रहते है। छोटे मोटे कामों में वो पति और बच्चों को भी शामिल करने लगी। एक ने झाड़ू कर दिया तो किसी ने मॉप बस हो गई घ की सफाई। उनके जाने के बाद भी इस रूटीन को जारी रखा है। आज मेरी लाइफ बहुत अच्छी है सब खुश हैं। आप भी इस ट्रिक को ट्राई कीजिये, आपको भी अच्छा लगेगा और आपका बर्डन भी कम हो जायेगा।
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