31 सप्ताह की गर्भवती माँ

Question: हेलो मेरा 8th month 27th july से स्टार्ट हुआ है ऑर मुझे 4 दिन से लगातार vagina के upper पार्ट में pain होता है बेड से उठते टाइम ऑर right या left करवट लेते टाइम ऐसा क्यू हो रहा है ऑर pain कम करने के लिय क्या करू .

1 Answers
सवाल
Answer: हेलो ... हेलो ..गर्भ में शिशु के होने की वजह से आपकी मांसपेशियों, जोड़ों और नसों पर काफी दबाव पड़ता है। इससे आपको पेट के आसपास के क्षेत्र में काफी असहजता महसूस हो सकती है।...jiske karan aap ko dard ki samasya ho sakti hai...jo ki pregnancy mei samanya mani jati hai....aap apne dard ko kam karne k liye kuch upay kar sakti hai. थोड़ी देर के लिए बैठ जाएं।जिस तरफ दर्द हो रहा हो, उसके दूसरी तरफ होकर लेट जाएं और आराम करें।हल्के गर्म पानी से नहाएं। जहां दर्द हो रहा हो उस क्षेत्र में गर्म पानी की बोतल या barf ki potli si halke hstho se saik sakti hai...halke hatho se ..bahut aaram hoga...ok....take care.....
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    SEEMA KHAROD851 days ago

    but i have so much pain in private part kya us part ki bhi sikai ki ja sakti hai

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सवाल: *छोटे बच्चो के दांत निकलते समय क्या सावधानी रखे* एक माँ बाप के लिए उसके बच्चे का दांत निकलना बेहद ख़ुशी की बात होती है। दांत निकलना किसी भी बच्चे के जिंदगी का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। क्योंकि इसके बाद आपका बच्चा विभिन्न प्रकार के भोजनों का आनंद उठा पायेगा। मगर जिंदगी का यह महत्वपूर्ण पड़ाव आपके बच्चे के लिए इतना आसान भी नहीं। दांत का निकलना आप के बच्चे का लिए काफी तकलीफों भरा दौर होता है। *दांत निकलने के दौरान होने वाली तकलीफें* दांत निकलने के  दौरान तकलीफ की वजह से बच्चे काफी परेशान करते हैं, रोते हैं, दूध नहीं पीते। माँ बाप को भी काफी हैरानी और परेशानी का सामना करना पड़ता है।  बच्चों में दांत निकलते वक्त  लक्षण अलग अलग तरह के हो सकते हैं। उलटी, दस्त और बुखार कुछ गंभीर  लक्षणों में हैं।  हर बच्चे को कभी न कभी इस तकलीफ से गुजरना पड़ता है। यह समय माँ बाप के लिए भी चिंता का समय होता है।  यह एक चर्चा का विषय है की दांत निकलने की वजह से  दस्त होता है, क्यूंकि सभी विशेषज्ञ इस पर एक मत नहीं हैं। उनका कहना है की दांत निकलने की वजह से मसूड़ों में सूजन और दर्द रहेगा मगर शरीर के बाकि अंगों पर इसका इतना प्रभाव नहीं पड़ेगा की उलटी और दस्त हो। बरहाल अगर आपका बच्चा दस्त का सामना करे तो डॉक्टर की सलाह अवश्य लेलें।    *दांत निकलते वक्त बच्चों को दस्त क्योँ होता है* दांत निकलते वक्त बच्चों मसूड़ों की त्वचा बेहद संवेदनशील हो जाती है। इस वजह से जो भी चीज़ बच्चे के पास होती है वह उसे उठाकर मुँह में डलने की कोशिश करता है। कई बार बच्चे गन्दी वास्तु जो बैक्टीरिया और वायरस द्वारा संक्रमित होती हैं उन्हें मुँह में डाल लेते हैं और उनका पेट सक्रमित हो जाता है। नतीजतन उन्हें उलटी और दस्त शुरू हो जाता है।  उलटी और दस्त होने की स्थिति में डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें ताकि संक्रमण का इलाज किया जा सके। कुछ बच्चे अत्यधिक मात्रा में लार चुआते हैं जिसकी वजह से संक्रमण फ़ैल जाता है और बच्चे बीमार हो जाते हैं। दांत निकलते वक्त बच्चों का ख्याल रखें और हर गन्दी वस्तुएं उनसे दूर रखें।    *किस उम्र तक बच्चों को दांत निकलते वक्त उलटी और दस्त का सामना करना पड़ेगा* चार से सात महीने की उम्र से कुछ बच्चों के दांत निकलने शुरू हो जाते हैं। सामने के - निचे के दांत सबसे पहले निकलते हैं। फिर सामने के - ऊपर के दांत निकलते हैं। बाकि के दांत दो साल के समयांतराल में निकलते हैं। जब बच्चा तीन साल का होता है तब तक उसके बीस मुख्या दांत निकल चुके होते हैं।  कुछ बच्चों में दांत देर में निकलते हैं। अगर आप के बच्चे के दांत निकलने में काफी समय लग रहा है तो चिंता न करें। क्या आपने कभी किसी वस्यक को बिना दांतों का देखा है? नहीं ना। शोध (research) में यह पाया गया है की दांतों का देर से निकलना बच्चे के शारीरक विकास को प्रभावित नहीं करता। तथा यह बच्चे में किसी पोषक तत्त्व के कमी को भी नहीं दर्शाता है।  *दांत निकलने के लक्षण* *लक्षण* बच्चों के दांत निकलने के समय सिर गर्म रहने लगता है, मसूढ़ों में खुजली होती है, आंखे दुखने लगती है और बार-बार दस्त लगते है। दांत निकलते समय पेट में दर्द व कब्ज भी उत्पन्न होती है। चबाना लार टपकानाभूख के समयांतराल में बदलाव रोना चिड़चिड़ापनअतिसंवेदनशीलसोने में परेशानी भूख का ना लगना नाजुक और सूजे हुए मसूड़े   *दांत निकलने के दौरान बच्चों में उलटी और दस्त कैसे रोकें* दस्त बच्चों को बेहद कमजोर कर देता है। उनके शरीर में पानी की कमी हो जाती है जो की चिंता का विषय है। आप को ऐसे कदम उठाने पड़ेंगे ताकि आप के बच्चे के शरीर में पानी की कमी को तुरंत पूरा किया जा सके। समय पे लिया गया कदम आपके बच्चे को गंभीर परिणामों से बचा सकता है। बच्चे में दस्त के दौरान इन बातों का रखें ख्याल।   *शरीर में पानी की कमी को पूरा करें* बच्चे को ORS का घोल पैकेट पर दिए गए निर्देशों के अनुसार तुरंत देना प्रारम्भ करें। हर बीस से पचीस मिनिट पर देतें रहें। ORS ना मिलने की स्थिति में आप इसे घर पर ही तैयार कर सकते हैं। आठ छोटा चमच चीनी, एक छोटा चम्मच नमक को एक लीटर पानी में घोलें और बच्चे को थोड़े थोड़े समयांतराल पे पिलायें।    *स्तनपान कराते रहें* अगर बच्चा स्तनपान पे है तो थोड़ी थोड़ी देर पे लगातार स्तनपान करते रहें। ऐसे कर के आप बच्चे के शरीर में पानी की कमी को रूक सकते हैं।  *आहार* अगर बच्चा ठोस आहार खाने लायक हो गया है तो उसे खाने को केला दें। बच्चे को सूप भी दे सकते हैं। बच्चे को हरी भोजन से दूर रखें। थोड़ा थोड़ा खाने को दें और थोड़ी थोड़ी देर पे लगातार देते रहें।    *ग्राइप वाटर* दांत निकलते वक्त होने वाले दस्त के दौरान इस विशेष दवा को दिया जाता है। इसका बच्चे पे कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता है। बस ध्यान रहे की यह सतयापित है और जैविक (organic) है। 1. बच : जब बच्चे के दांत निकल रहे हो तो लगभग 1 ग्राम का चौथा भाग बच के टुकड़े को रोजाना दो बार बच्चे को चबाने के लिए देना चाहिए। इससे दांत निकलते समय का दर्द नहीं होता है। 2. वायविडंग : बच्चे के दांत उगने के समय बच्चों को वायविडंग और अनन्तमूल डालकर उबाला हुआ दूध रोजाना एक से दो बार पिलाने से बच्चों का पेट फूलना, उदर शूल (पेट में दर्द), कुपचन (भोजन न पचना) और अग्निमांद्य (भूख का कम होना) आदि शिकायतें नहीं होती और दांत भी आसानी से निकल आते हैं। 3. डिकामाली : लगभग 1 ग्राम का चौथा भाग नाड़ीहिंगु (डिकामाली) एक तरह का गोंद को गर्म पानी में मिलाकर और छानकर सुबह-शाम पिलाने से बच्चों के दांत निकलने के समय के सभी दर्द जैसे दस्त, उल्टी, उदरशूल (पेट का दर्द) आदि सभी रोग दूर हो जाते हैं। 4. मैनफल : बच्चों के दांत निकलन के समय बुखार आदि जैसे रोग होने पर मैनफल के गूदे के चूर्ण को तालु और मसूढ़ों पर रगड़ने से आराम आता है। 5. ईश्वरमूल : लगभग आधे ग्राम से लेकर 15 ग्राम ईश्वरमूल (रूद्रजटा) के पंचांग का चूर्ण सुबह-शाम कालीमिर्च के साथ शहद मिलाकर खाने से दांत निकलने के समय के बच्चों के सारे रोग ठीक हो जाते हैं। 6. काकड़ासिंगी : बच्चों के दांत निकलने के समय जब बुखार, खांसी, अतिसार (दस्त) और दूसरे पेट के रोग हमला करते हैं तो ऐसी हालत में काकड़ासिंगी, अतीस, छोटी पीपल बराबर मात्रा में लेकर चूर्ण बनाकर कपडे़ में छानकर रख लें। इसमें से लगभग 1 ग्राम का चौथा भाग रोजाना शहद के साथ दो से तीन बार चटाने से बहुत आराम आता है। यदि इसमें नागरमोथा भी मिला दिया जाये तो कार्यक्षमता और बढ़ जाती है तथा वमन (उल्टी) आदि रोग भी ठीक हो जाते हैं। 8.तुलसी : तुलसी के पत्तों का रस शहद में मिलाकर मसूढ़े पर घिसने से बालक के दाँत बिना तकलीफ के उग जाते हैं। 7.मुलहठी : मुलहठी का चूर्ण मसूढ़ों पर घिसने से दाँत जल्दी निकलते हैं। 8.सौंफ: गाय के दूध में मोटी सौंफ उबालकर एक -एक चम्मच तीन चार बार पिलाने से दाँत आसानी से निकलते है। दांत निकलते समय बच्चे को वंशलोचन और शहद मिलाकर चटाना चाहिए। इससे दांत सुन्दर निकलते हैं और दांतों का दर्द भी खत्म होता है। तुलसी: 5 मिलीलीटर तुलसी के पत्तों का रस शहद में मिलाकर बच्चों के मसूढ़ों पर लगाने और बच्चे को चटाने से दांत निकलते समय दर्द नहीं होता है। अंगूर: बच्चों के दांत निकलते समय दर्द कम करने के लिए अंगूर का रस पिलाएं। इससे दर्द कम होता है और दांत स्वस्थ व मजबूत निकलते हैं। बच्चों के दांत निकलते समय अंगूर के रस में शहद मिलाकर पिलाने से दांत जल्द निकल आते हैं। इससे दांत निकलते समय दर्द नहीं होता। दांत निकलते समय बच्चे को 2 चम्मच अंगूर का रस प्रतिदिन पिलाएं। इससे बच्चो के दांत सरलता और शीघ्रता से निकल आते हैं।
उत्तर: Very Helpful... Thanks for sharing !
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