4 महीने का बच्चा

Question: हेलो मेम, मेरा बेबी 3 मंथ्स 15 डेज का है उसकी आइस से पानी आता hai

1 Answers
सवाल
Answer: आप उसके आँख और नाक के बिच की जगह पे दिन में २- ३ बार हलके हाथो से १- २ मिनिट मसाज करे. इससे पानी आना कम हो जायेगा थोड़े दिन में.
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सवाल: हेलो मेम मेरा बेबी 3 मंथ्स 15 डेज का है क्या हम उसे पुरा दिन डायपर पहना सकते hai
उत्तर: बच्चो को डाइपर लगा तार ना पहनाये। आप हर ४ से ६ घंटे में डाइपर चेंज करती रहे। Bachhe को दो साल के बाद पॉटी ट्रैन करना शुरू कर दे कुछ समय बाद बच्चे खुद ही सुसु और पॉटी आने पर आपको बता देंगे। जयादा समय तक डाइपर पहनाने से बच्चे को गीलेपन से तकलीफ हो सकती हैं। उसकी नींद खुल सकती है या उसे ठंड लग सकती है या सर्दी। ज्यादा देर तक डाइपर पहनाने से उन्हें इन्फेक्शन होने का भी चांस रहता है। इस्लिय समय समय पर डाइपर बदल ले।
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सवाल: मेरा बेबी 6 डेज का है उसकी एक आइस से पानी और कीचड़ आ रहा है प्लीज़ हेल्प मी
उत्तर: हेलो बच्चे के पैदा होने के बाद भी बच्चे के आंख में अश्रु ग्रंथी डिवेलप होती है जो आंखों के ऊपर होते हैं और उसका डक्ट नाक के किनारे होता है छोटे बच्चों में कई बार यह डक्ट अच्छे से डेवलप नहीं हो पाता और आंसू बनते ही बाहर बहने लगता है डक्ट क्लियर होने से या डक्ट डेवलप होने से यही आंसू नाक के जरिए पेट में चला जाता है लेकिन जिन बच्चों का डक।ट क्लियर नहीं होता या डिवेलप नहीं होता यही आंसू लगातार बहते रहता है इससे बच्चे के आंखों में इंफेक्शन का खतरा रहता है आप बच्चे की आंखों की स्टेरलाइज्ड कॉटन बॉल से फिल्टर्ड वाटर या उबला हुआ पानी लेकर सफाई करें बच्चों के नाक की मसाज भी की जाती है आंखों के दोनों किनारे जो नाक से जुड़ा हुआ होता है वहां पर उंगलियों से गोल-गोल घुमाते हुए हल्के हाथों से मसाज करना चाहिए इस मसाज से बच्चे के आंखों का डक्ट क्लियर होता है और आंसू बहना बंद हो जाता है लेकिन यह मसाज सही तरीके से होना बहुत जरूरी है आप चाहे तो डॉक्टर से इस मसाज के बारे में पूछ सकती हैं
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सवाल: मेरा बेबी 3.5 मंथ का है उसकी आइस के नीचे स्वेलिनग है 15 डेज से. कैसे ठीक kru
उत्तर: अगर छोटे बच्चे की आंखों के नीचे में स्वेलिंग दिखाई दे रही है तो आप उनकी आंखों को बर्फ से सिकाई कर सकते हैं कुछ देर के लिए या फिर बच्चे को काफी ज्यादा प्रॉब्लम हो रही हो तो आप तोरण डॉक्टर को दिखाया तो ज्यादा बेहतर होगा क्योंकि छोटे बच्चे में किसी प्रकार का उपाय करना भी नुकसानदेह हो सकता है
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