7 months old baby

Question: हेलो मेम मेरा बेटा 6 मंथ का हो गया है और उसे खासी हो गयी है और क्यी बार डॉक्टर से मेडिसिन भि दिलवा de है fir bhi aaram ni aa raha kaya kare ab

2 Answers
सवाल
Answer: हेलो आपका बच्चा 6 महीने का है और बच्चे को सर्दी खासी है .nebulize करवायें बच्चे को राहत मिलेगी बच्चों का इम्यून सिस्टम बहुत कमज़ोर होता है जीस्से उन्हें कफ और कोल्ड हो जाता है.मौसम में बदलाव के कारण सर्दी खासी आने पर आप बच्चे को गरम रखें l ऐसे कपड़े पहनाये की हलकी गर्माहट बनी रहें l रूम को भी गरम रखने का प्रयास करे lसोते टाइम सर हल्का उंचा कर के सुलाये,बच्चे को आराम मिलेगाl बच्चे को आराम करवायें बच्चा जीतन आराम करेगा उतनी जल्दी ठीक होगा lखाने में गरम चीज़ों का यूज़ करे l आप उसे घी और कपूर का मिश्रण लगा सकते है। पहले घी ले और उसे हल्का गर्म करें, फिर उसमे कपूर के कुछ टुकड़े डाल दें और पिघलने दें। ठंडा हो जाने के बाद इसे आप उसकी छाती, पीठ और तलवे पर लगाएं। उसे आराम मिलेगा। आप उसे सरसों के तेल को गर्म कर उसमे अजवाइन और लहसुन डालें ,फिर जब वह ठंडा हो जाए तो उसे उसकी छाती और पीठ पर अच्छी तरह से लगाएं।अगर आप ब्रेस्ट फीड माँ है तो खाने में सन्तुलित और हेल्थी चीज़ें खायें जिसके कारण बच्चे को न्यूट्रिशन मिल सकें और बच्चे को पानी की कमी ना हो lबच्‍चों के लिए सुरक्षित वेपर रब का इस्‍तेमाल करें। वेपर रब से बच्‍चे की नाक, छाती, गला और कमर पर मालिश करें। इससे बच्‍चों को सुकून भी ठंडक का अहसास होता है और उन्‍हें सांस लेने में आसानी होती है।बच्चे को संक्रमण से बचाने के लिये अपना और बच्चे का हाथ साफ रखे। बच्चे को कुछ खिलाने से पहले हैण्ड वाश करेlबच्चों के सर्दी-खांसी में अजवाइन का काढ़ा पिलायें।सर्दी-खांसी के दौरान सूप बहुत आरामदायक भोजन होता है। आप सब्जियों का गर्म सूप ,चिकन सूप दे सकती हैं। ये सूप बच्चे की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं।जीरे और मिश्री दोनों को महीन पाउडर में पीस लें। जब भी आपके बच्चे को खांसी आती है तो उसे यह मिश्रण दे बच्चे के खाने में हल्दी हीङ्ग का प्रयोग करे बेबी को कुछ दिन फ्रूट्स चॉकलेट ठण्डी चीज़ें घी देना अवोइड करे ये कफ को badhate है बच्चे को कुछ देर सँवरे 8 से 10 बजे की धूप में ज़रूर ले जायें ताकि बच्चे को सूर्य के प्रकाश से विटामिन डी मिलें विटामिन डी बच्चे के सर्दी को कम करने और ग्रोथ में हेल्प फूल हैlडायपर समय पर बदले प्रोबेल्म ज़्यादा हो तो डोक्टर से सलाह ले .
Answer: हेलो डिअर आपके बेबी को खांसी जुखाम तो आपको सरसो के तेल में अजवाइन लहसुन डाल कर पकाए और अपने बेबी की मसाज करें इससे जुखाम और खासी में आराम हो जाएगा , आप एक गिलास पानी में आधे से भी कम चम्मच अजवाइन लेकर पानी मे डाल दे , पानी को उबाल लें फिर थोड़ा सेधां नमक और चुटकी चीनी डालकर मिला दे जब पानी ठंडा हो जाये तब अपने बेबी को दिनभर में 3 से 4 बार मे पिलाती रहे बेबी की खांसी ठीक हो जायेगी या आप गाय के घी में थोड़ा सेधां नमक मिलाकर गुनगुना कर ले और बेबी के सीने और पीठ पर लगा दे आपके बेबी की खांसी , जुखाम कम हो जाएगी , आप अपने बेबी को खासी के लिए अदरक के रस और गुड का जलाव बना ले इसके बाद आप अपने बेबी को दिन भर में खांसी आने पर 3 से 4 बाद चटायें इससे आपके बेबी को काफी हद तक खांसी और कफ में भी आराम हो जाएगा , लेकिन ज्यादा खांसी आने पर आप डॉक्टर को दिखा दे ।
समान प्रश्न, उत्तर के साथ
सवाल: मेरी बेटी 5 महीने की होने वाली है उसे कोल्ड डायरिया हुआ है डॉक्टर को दिखा दिए हैं दर्द तो वंद हो गया पर पोट्टी कर रही है 6 7 बार और उसकी वजह से उसे रसेस हो गया है उसके लिए कोई घरेलू उपाय
उत्तर: You can give methi soaked in water and make a paste it mix it breast milk or formula milk and give it to baby . For rashes you can apply rashfree cream or coconut oil or sprinkle some powder or Himalaya diaper rash cream. Feed the baby as much as possible. Hope this will help you definitely. Take care of baby
»सभी उत्तरों को पढ़ें
सवाल: *छोटे बच्चो के दांत निकलते समय क्या सावधानी रखे* एक माँ बाप के लिए उसके बच्चे का दांत निकलना बेहद ख़ुशी की बात होती है। दांत निकलना किसी भी बच्चे के जिंदगी का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। क्योंकि इसके बाद आपका बच्चा विभिन्न प्रकार के भोजनों का आनंद उठा पायेगा। मगर जिंदगी का यह महत्वपूर्ण पड़ाव आपके बच्चे के लिए इतना आसान भी नहीं। दांत का निकलना आप के बच्चे का लिए काफी तकलीफों भरा दौर होता है। *दांत निकलने के दौरान होने वाली तकलीफें* दांत निकलने के  दौरान तकलीफ की वजह से बच्चे काफी परेशान करते हैं, रोते हैं, दूध नहीं पीते। माँ बाप को भी काफी हैरानी और परेशानी का सामना करना पड़ता है।  बच्चों में दांत निकलते वक्त  लक्षण अलग अलग तरह के हो सकते हैं। उलटी, दस्त और बुखार कुछ गंभीर  लक्षणों में हैं।  हर बच्चे को कभी न कभी इस तकलीफ से गुजरना पड़ता है। यह समय माँ बाप के लिए भी चिंता का समय होता है।  यह एक चर्चा का विषय है की दांत निकलने की वजह से  दस्त होता है, क्यूंकि सभी विशेषज्ञ इस पर एक मत नहीं हैं। उनका कहना है की दांत निकलने की वजह से मसूड़ों में सूजन और दर्द रहेगा मगर शरीर के बाकि अंगों पर इसका इतना प्रभाव नहीं पड़ेगा की उलटी और दस्त हो। बरहाल अगर आपका बच्चा दस्त का सामना करे तो डॉक्टर की सलाह अवश्य लेलें।    *दांत निकलते वक्त बच्चों को दस्त क्योँ होता है* दांत निकलते वक्त बच्चों मसूड़ों की त्वचा बेहद संवेदनशील हो जाती है। इस वजह से जो भी चीज़ बच्चे के पास होती है वह उसे उठाकर मुँह में डलने की कोशिश करता है। कई बार बच्चे गन्दी वास्तु जो बैक्टीरिया और वायरस द्वारा संक्रमित होती हैं उन्हें मुँह में डाल लेते हैं और उनका पेट सक्रमित हो जाता है। नतीजतन उन्हें उलटी और दस्त शुरू हो जाता है।  उलटी और दस्त होने की स्थिति में डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें ताकि संक्रमण का इलाज किया जा सके। कुछ बच्चे अत्यधिक मात्रा में लार चुआते हैं जिसकी वजह से संक्रमण फ़ैल जाता है और बच्चे बीमार हो जाते हैं। दांत निकलते वक्त बच्चों का ख्याल रखें और हर गन्दी वस्तुएं उनसे दूर रखें।    *किस उम्र तक बच्चों को दांत निकलते वक्त उलटी और दस्त का सामना करना पड़ेगा* चार से सात महीने की उम्र से कुछ बच्चों के दांत निकलने शुरू हो जाते हैं। सामने के - निचे के दांत सबसे पहले निकलते हैं। फिर सामने के - ऊपर के दांत निकलते हैं। बाकि के दांत दो साल के समयांतराल में निकलते हैं। जब बच्चा तीन साल का होता है तब तक उसके बीस मुख्या दांत निकल चुके होते हैं।  कुछ बच्चों में दांत देर में निकलते हैं। अगर आप के बच्चे के दांत निकलने में काफी समय लग रहा है तो चिंता न करें। क्या आपने कभी किसी वस्यक को बिना दांतों का देखा है? नहीं ना। शोध (research) में यह पाया गया है की दांतों का देर से निकलना बच्चे के शारीरक विकास को प्रभावित नहीं करता। तथा यह बच्चे में किसी पोषक तत्त्व के कमी को भी नहीं दर्शाता है।  *दांत निकलने के लक्षण* *लक्षण* बच्चों के दांत निकलने के समय सिर गर्म रहने लगता है, मसूढ़ों में खुजली होती है, आंखे दुखने लगती है और बार-बार दस्त लगते है। दांत निकलते समय पेट में दर्द व कब्ज भी उत्पन्न होती है। चबाना लार टपकानाभूख के समयांतराल में बदलाव रोना चिड़चिड़ापनअतिसंवेदनशीलसोने में परेशानी भूख का ना लगना नाजुक और सूजे हुए मसूड़े   *दांत निकलने के दौरान बच्चों में उलटी और दस्त कैसे रोकें* दस्त बच्चों को बेहद कमजोर कर देता है। उनके शरीर में पानी की कमी हो जाती है जो की चिंता का विषय है। आप को ऐसे कदम उठाने पड़ेंगे ताकि आप के बच्चे के शरीर में पानी की कमी को तुरंत पूरा किया जा सके। समय पे लिया गया कदम आपके बच्चे को गंभीर परिणामों से बचा सकता है। बच्चे में दस्त के दौरान इन बातों का रखें ख्याल।   *शरीर में पानी की कमी को पूरा करें* बच्चे को ORS का घोल पैकेट पर दिए गए निर्देशों के अनुसार तुरंत देना प्रारम्भ करें। हर बीस से पचीस मिनिट पर देतें रहें। ORS ना मिलने की स्थिति में आप इसे घर पर ही तैयार कर सकते हैं। आठ छोटा चमच चीनी, एक छोटा चम्मच नमक को एक लीटर पानी में घोलें और बच्चे को थोड़े थोड़े समयांतराल पे पिलायें।    *स्तनपान कराते रहें* अगर बच्चा स्तनपान पे है तो थोड़ी थोड़ी देर पे लगातार स्तनपान करते रहें। ऐसे कर के आप बच्चे के शरीर में पानी की कमी को रूक सकते हैं।  *आहार* अगर बच्चा ठोस आहार खाने लायक हो गया है तो उसे खाने को केला दें। बच्चे को सूप भी दे सकते हैं। बच्चे को हरी भोजन से दूर रखें। थोड़ा थोड़ा खाने को दें और थोड़ी थोड़ी देर पे लगातार देते रहें।    *ग्राइप वाटर* दांत निकलते वक्त होने वाले दस्त के दौरान इस विशेष दवा को दिया जाता है। इसका बच्चे पे कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता है। बस ध्यान रहे की यह सतयापित है और जैविक (organic) है। 1. बच : जब बच्चे के दांत निकल रहे हो तो लगभग 1 ग्राम का चौथा भाग बच के टुकड़े को रोजाना दो बार बच्चे को चबाने के लिए देना चाहिए। इससे दांत निकलते समय का दर्द नहीं होता है। 2. वायविडंग : बच्चे के दांत उगने के समय बच्चों को वायविडंग और अनन्तमूल डालकर उबाला हुआ दूध रोजाना एक से दो बार पिलाने से बच्चों का पेट फूलना, उदर शूल (पेट में दर्द), कुपचन (भोजन न पचना) और अग्निमांद्य (भूख का कम होना) आदि शिकायतें नहीं होती और दांत भी आसानी से निकल आते हैं। 3. डिकामाली : लगभग 1 ग्राम का चौथा भाग नाड़ीहिंगु (डिकामाली) एक तरह का गोंद को गर्म पानी में मिलाकर और छानकर सुबह-शाम पिलाने से बच्चों के दांत निकलने के समय के सभी दर्द जैसे दस्त, उल्टी, उदरशूल (पेट का दर्द) आदि सभी रोग दूर हो जाते हैं। 4. मैनफल : बच्चों के दांत निकलन के समय बुखार आदि जैसे रोग होने पर मैनफल के गूदे के चूर्ण को तालु और मसूढ़ों पर रगड़ने से आराम आता है। 5. ईश्वरमूल : लगभग आधे ग्राम से लेकर 15 ग्राम ईश्वरमूल (रूद्रजटा) के पंचांग का चूर्ण सुबह-शाम कालीमिर्च के साथ शहद मिलाकर खाने से दांत निकलने के समय के बच्चों के सारे रोग ठीक हो जाते हैं। 6. काकड़ासिंगी : बच्चों के दांत निकलने के समय जब बुखार, खांसी, अतिसार (दस्त) और दूसरे पेट के रोग हमला करते हैं तो ऐसी हालत में काकड़ासिंगी, अतीस, छोटी पीपल बराबर मात्रा में लेकर चूर्ण बनाकर कपडे़ में छानकर रख लें। इसमें से लगभग 1 ग्राम का चौथा भाग रोजाना शहद के साथ दो से तीन बार चटाने से बहुत आराम आता है। यदि इसमें नागरमोथा भी मिला दिया जाये तो कार्यक्षमता और बढ़ जाती है तथा वमन (उल्टी) आदि रोग भी ठीक हो जाते हैं। 8.तुलसी : तुलसी के पत्तों का रस शहद में मिलाकर मसूढ़े पर घिसने से बालक के दाँत बिना तकलीफ के उग जाते हैं। 7.मुलहठी : मुलहठी का चूर्ण मसूढ़ों पर घिसने से दाँत जल्दी निकलते हैं। 8.सौंफ: गाय के दूध में मोटी सौंफ उबालकर एक -एक चम्मच तीन चार बार पिलाने से दाँत आसानी से निकलते है। दांत निकलते समय बच्चे को वंशलोचन और शहद मिलाकर चटाना चाहिए। इससे दांत सुन्दर निकलते हैं और दांतों का दर्द भी खत्म होता है। तुलसी: 5 मिलीलीटर तुलसी के पत्तों का रस शहद में मिलाकर बच्चों के मसूढ़ों पर लगाने और बच्चे को चटाने से दांत निकलते समय दर्द नहीं होता है। अंगूर: बच्चों के दांत निकलते समय दर्द कम करने के लिए अंगूर का रस पिलाएं। इससे दर्द कम होता है और दांत स्वस्थ व मजबूत निकलते हैं। बच्चों के दांत निकलते समय अंगूर के रस में शहद मिलाकर पिलाने से दांत जल्द निकल आते हैं। इससे दांत निकलते समय दर्द नहीं होता। दांत निकलते समय बच्चे को 2 चम्मच अंगूर का रस प्रतिदिन पिलाएं। इससे बच्चो के दांत सरलता और शीघ्रता से निकल आते हैं।
उत्तर: Very Helpful... Thanks for sharing !
»सभी उत्तरों को पढ़ें