8 सप्ताह की गर्भवती माँ

Question: हमको थाइरॉइड है इस्से बच्चे को कोई परेसनी तो नही होगी

1 Answers
सवाल
Answer: हेलो थायराइड होने से कंसीव करने में प्रॉब्लम आती है लेकिन अगर आपका कंसीव हो गया है तो अब आपको ध्यान रखना पड़ेगा प्रेग्नेंसी में थायराइड से उतनी कॉम्प्लिकेशन नहीं होती जितनी की थायराइड की दवाई नहीं लेने से होती है। आपके डॉक्टर ने आपके थायराइड लेवल के अकारडिंग आपको मेडिसिन दिए होंगे। आप उस मेडिसिन को रेगुलर लेते रहिए। और समय-समय पर डॉक्टर के सलाह से अपना थायराइड टेस्ट करवाते रहिए। थायराइड को कंट्रोल करने के लिए आप यह सब चीजें खाएं। अगर आप नॉनवेजिटेरियन हैं तो समुद्री मछली झींगा खाएं। समुद्री जिवों में आयोडीन की मात्रा बहुत होती है जो कि थायराइड कंट्रोल करना करने में मदद करता है। प्रोटीन विटामिन युक्त खाना ले लहसुन प्याज मशरूम टमाटर पनीर हरी मिर्च खाएं सब्जी बनाने के लिए नारियल तेल का उपयोग करें। मुलेठी खाने से थायराइड ग्लैंड कंट्रोल में रहता है 3 से ४ ली० तक पानी रोज पिए। थायराइड में नीचे बताए गये चीजों से परहेज करें चावल मैदा अंडा सोया फूड गोभी बंद गोभी ब्रोकली शक्कर चाय कॉफी सफेद नमक। इन चीजों को खाने से थायराइड बढ़ता है। ध्यान रहे आयोडाइज्ड नमक ही लें और हो सके तो काला नमक या सेंधा नमक ले। टेक केयर
समान प्रश्न, उत्तर के साथ
सवाल: मुझे सातवां महिने मे शुगर ओर थाइरॉइड का पत्ता चला है मेरे बच्चे को इस्से कोई परेशानी तो नही होगी
उत्तर: हेलो डिअर, महिलाओं में गर्भावस्था के दौरान थायराइड हार्मोन का असंतुलन भी हो जाता है। जिसके चलते गर्भवती में कई बीमारियां हो जाती हैं। थायराइड हार्मोन की कमी या बढ़ने के कारण, पैदा हुए बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास पर बहुत प्रभाव पड़ता है| इससे बच्चा असमान्य भी हो सकता है। इसलिए जो भी महिलाएं गर्भधारण करती हैं, उसे उसी समय डॉक्टर से थायराइड की जांच अवश्य करा लेनी चाहिए। ताकि समय रहते हार्मोन को नियंत्रित किया जा सके। गर्भावस्था के दौरान शिशु में मधुमेह के प्रभाव स्वास्थ्य को खतराः प्रेगनेंसी के जल्द के हफ्तो में मधुमेह शिशु पर बुरी तरह से प्रभाव डाल सकता है। यह शिशु के अंदर के अंगों को प्रभावित कर सकता है। शिशुओं में मधुमेह के लक्षणों को कैसे पहचानें शिशु का वजन बढनाः मधुमेह होने से गर्भ में पल रहे शिशु का वजन बढ सकता है। यह वजन हफ़ते भर में इतना ज्यादा बढ़ सकता है कि मां को प्रसव के समय परेशानी पैदा हो सकती है। प्राकृतिक प्रसव बच्चे और मां दोनों के लिये खतरनाक साबित हो सकता है। समय से पहले जन्मः प्रेगनेंसी के समय मां को अगर मधुमेह हो तो, गर्भ में बच्चे के जल्दी बढ़ने की वजह से बच्चा अपनी अवधि पूरी नहीं कर पाता। फिर शिशु को ऐसे में गर्भ काल पूरा होने से पहले ही निकाल लिया जाता है।
»सभी उत्तरों को पढ़ें
सवाल: क्या हम सम्बन्ध बना सकते है इस्से बच्चे को कोई परेसनी तो नही होगी न मेम कृपया बताये
उत्तर: प्रेगनेंसी की पहली तिमाही अवस्था में सेक्स करना सुरक्षित नहीं होता है इससे आपको मिसकैरेज या फिर प्रेगनेंसी के दौरान अन्य प्रकार की समस्याओं का भी सामना करना पड़ सकता है इसलिए जहां तक संभव हो आप पहली तिमाही में sex krnaअवॉइड करें | #4 महीने के बाद अगर आप की# सामान्य प्रेगनेंसी है जिसमें किसी प्रकार की समस्या या परेशानी नहीं है तो आप सेक्स कर सकती है लेकिन आपको ऐसी पोजीशन में सेक्स करना चाहिए जिससे बेबी की ऊपर किसी भी प्रकार का दबाव ना पड़े सेफ सेक्स पोजीशन में आप स्पूनिंग वुमन ऑन टॉप ,रिवर्स काउगर्ल ,लैपटॉप आदि से सेक्स पोजीशनजो कि प्रेगनेंसी में आपकी बेबी को सेफ रखते हैं वह आपकेसेक्स को भी सही दिशा देते हैं आप इन triko se सेक्स कर सकती हैं|
»सभी उत्तरों को पढ़ें
सवाल: मुझे तीखा बहुत पसन्द है तो इस्से बच्चे को कोई प्रॉब्लम तो नही होगी
उत्तर: दिखाइए ज्यादा मिर्ची वाला खाना खाने से आपको पेट और सीने में जलन हो सकती है मतलब इससे आपको एसिडिटी की प्रॉब्लम हो सकती है इसलिए अभी मिर्च मसाले ना खाएं जिससे आपको और आपके होने वाले बच्चे दोनों को नुकसान हैं
»सभी उत्तरों को पढ़ें