गर्भावस्था की तैयारी

Question: सी सी क्यू लेने के बाद प्रेग्नेन्ट ना हाॅन के करण क्या hai

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सवाल
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सवाल: प्रेग्नेन्ट हाॅन के लाइए क्या करण chahiye
उत्तर: हेलों प्रेग्ना ा ेंसी के 3 मही ने पहले से प्रेग्नेंसी की तैया री शुरू कर देनी चाहिए . तीन महीने पहले सभी जरूरी टेस्ट थायरॉयड, सिस्ट आदि का टेस्ट जरूरी है . इस के अलावा हर महिला को प्रेग्नेंसी के 3 महीने पहले से ही फॉल‍िक एसिड का सेवन शुरू कर देना चाहिए. ताकि बच्चे और मां में खून की कमी न हो और इसकी वजह से कोई कॉम्प‍िल‍िकेशन्स न आएं.आप फॉलिक ऍसिड टेबलेट ले और अपने हसबैंड को जिन्क सप्लीमेंट्स लेने के लिए कहे और स्ट्रेस मेंटली और फीजिकली किसी भी प्रकार का ना ले दोनों में से कोई भी अलकोहल या कीग्रते ना पीये सेक्स के समय स्ट्रेस फ्री रहे .प्रेग्नेंसी प्लान करने के लिए आपको अपने ओवुलेशन का समय पता होना चाहिए इसके लिए आपको अपने मासिक धर्म का इदेआ होना चाहिए मासिक धर्म की साइकिल 24 से 40 दिन के बीच की होती है यदि आपको पता है कि आपका नेक्स्ट डेट कब आएगा तो उस डेट से 12 से 15 दिन पहले की डेट पता करनी है यही आप का ओवुलेशन टाइम है इस दौरान सेक्स करने से आपके प्रेग्नेंट होने की संभावना रहती है.इस ओवुलेशन शुरू होने के समय 4 से 5 दिन सेक्स जरूर करें ं ं इस समय सेक्स करने से प्रेग्नसी के चान्सेस ज्यादा होते है और आप प्रेग्न्सी प्लान करने के समय आप दोनों ही एक हेल्थी रूटिन फॉलो करे और अपने खाने में हेल्दी और संतुलित चीजें खाएं baahari खान-पान को अवॉइड करें फास्ट फूड ना खाएं हरी सब्जियां एग मिल्क और मिल्क प्रॉडक्ट अखरोट अनार बादाम पालक केला ऑरेंज फिश चना टमाटर दालें लहसुन खाएं और समय से सोएं उठे एक्सक्सरसीसे करे खाना खाएं स्ट्रेस ना ले आदि यही सभी चीजें आगे चलकर बॉडी में हार्मोन को नियंत्रित करती है जो आपको जल्दी प्रेग्नेंट होने में हेल्प करता है
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सवाल: प्रेग्नेन्ट हाॅन के क्या लखन दिखायी डटें hai
उत्तर: हेलो डियर प्रेगनेंसी के कुछ लक्षण में आपके साथ शेयर करती हूं जिससे आपको यह पता चल पायेगा कि आप प्रेग्नेंट है या नहीं बाकी डियर आप प्रेगनेंसी किट से घर पर ही आसानी से चेक कर सकते हैं सुबह उठकर कमजोरी लगती है और मितली आती है. कई बार कुछ खाने पर उल्टी जैसा महसूस होने लगता है. ऐसे समय में किडनी ज्यादा सक्रिय हो जाती हैं, जिससे बार-बार टॉयलेट जाना पड़ता है.ब्लड वॉल्यूम बढ़ जाने की वजह से सिर में दर्द रहने लगता है. ये गर्भावस्था के शुरुआती लक्षणों में से एक प्रमुख लक्षण है. पर धीरे-धीरे ये खुद ही ठीक हो जाता है. इस दौरान समय-समय पर मूड भी बदलता रहता है. कभी कोई चीज अच्छी लगने लगती है तो कभी उसी चीज से नफरत हो जाती है. गर्भ धारण करने के साथ ही शरीर में हॉर्मोनल चेंज होना शुरू हो जाते हैं. इससे ब्रेस्ट में सूजन आ जाती है या फिर भारीपन आ जाता है. यह सब लक्षण आपको प्रेगनेंसी में महसूस हो सकते हैं बाकी डियर पीरियड्स मिस होने के 7 दिन बाद आप प्रेगनेंसी किट से चेक करें और जल्दी ही हम सभी के साथ अपने गुड न्यूज़ शेयर करें ऑल द बेस्ट
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सवाल: प्रेग्नेन्ट हाॅन के बाद भि नेगेतीवे आएं toh
उत्तर: हेलो डियर प्रेगनेंसी में पैरों तक पर्याप्त रक्त संचार न हो पाने के कारण उसमें ऑक्सीजन की कमी से पैर दर्द होने लगता है। यह घुटनों, और पैरों की उँगलियों में भी होता है। कभी कभी पैर सुन्न पड़ सकता है।बदलते हॉर्मोन्स लेवल से पैरों में दर्द होता है। जैसे गर्भाशय का आकार बढ़ता है उस प्रकार बदन की निचली मांसपेशियां ढीली पड़ने लगती हैं। इस कारण महिलाओं में पैर दर्द होता है। बढ़ते वज़न के कारण उसकी पैरों की हड्डी पर प्रभाव पड़ता है जिससे मांसपेशियों और पैरों में दर्द होता है। पैरों के दर्द से बचने के लिए पैर की उँगलियों को हलके हाथ से दबाएं। साथ ही गुनगुने तेल से मालिश करें! यह धीरे धीरे बेहतर परिणाम देगा। गर्भावस्था में ऊँची हील की सैंडल न पहनें। आरामदायम फ्लैट्स और ढीली चप्पलें पहनें। इनसे भी आपके पैरों और एड़ियों को आराम मिलेगा।
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