23 weeks pregnant mother

Question: सी ने में जलन होती हे क्या करे

1 Answers
सवाल
Answer: गर्भावस्था के दौरान सीने में जलन और एसिडिटी शरीर में हार्मोनल और शारीरिक बदलाव के कारण होती है आप कुछ उपाय अपनाकर इसे अवश्य कम कर सकते हैं जैसे कि तैलीय मसालेदार भोजन खट्टे फल चॉकलेट कॉफी यह सब खाद्य पदार्थ एसिडिटी को बढ़ाने के लिए जाने जाते हैं इसलिए इनसे दूरी बनानी चाहिए टोमेटो केचप डिब्बाबंद चीजें ना खाएं क्योंकि इनमें प्रिजर्वेटिव्स यूज करते हैं जो कि एसिडिटी को बढ़ाते हैं इस समय आप को यह सब चीजें अवॉइड करनी चाहिए एक गिलास ठंडा दूध या एक कटोरी दही के सेवन से आपको एसिडिटी में आराम होगा केला खाने से भी एसिडिटी में आराम मिलता है फिर भी आराम ना हो तो डॉक्टर से जरूर कंसल्ट करें
समान प्रश्न, उत्तर के साथ
सवाल: मुझे सी ने में जलन होती है
उत्तर: यह काफी आम है और कोई नुकसान नहीं पहुंचाती,एसिडिटी की वजह से हार्टबर्न भी हो सकता है आप शायद एसिडिटी और जलन से पूरी तरह छुटकारा न पा सकें, मगर आप कुछ उपाय आजमाकर इसे कम करने का प्रयास अवश्य कर सकती हैं, जैसे कि तैलीय या मसालेदार भोजन, चॉकलेट, खट्टे फल, और कॉफी, ये सभी खाद्य पदार्थ एसिडिटी को बढ़ाने के लिए जाने जाते हैं। अगर, आपको असहजता महसूस हो, तो कुछ समय के लिए इन पदार्थों से परहेज रखें सोडायुक्त पेयों की बजाय पानी पीएं, रेडीमेड भोजन और प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों का सेवन कम करें, जैसे कि टॉमेटो कैचअप, अचार और चटनी आदि। इनमें बहुत ज्यादा मात्रा में नमक, प्रिजर्वेटिव्स और एडिटिव्स होते हैं। एक गिलास ठंडा दूध या एक कटोरी दही का सेवन एसिडिटी और हार्टबर्न का सदियों पुराना इलाज माना जाता है। एक कप अदरक की चाय भी आपको राहत पहुंचा सकती है। केला खाने से भी इसमें फायदा होता है। थोड़ी मात्रा में, लेकिन बार-बार भोजन खाती रहें। भोजन को अच्छी तरह चबाकर खाएं। एक भोजन से दूसरे भोजन के बीच लंबा अंतराल होने से भी एसिडिटी बनने लगती है। भोजन के दौरान बहुत ज्यादा मात्रा में तरल पदार्थ न पीएं। गर्भावस्था के दौरान रोजाना आठ से 12 गिलास पानी पीना जरुरी है, मगर ये एक भोजन से दूसरे भोजन के बीच की अवधि में ही पीएं। कोशिश करें कि रात को आप सोने से करीब तीन घंटे पहले अपना भोजन कर लें। कई बार लेटने से भी छाती में जलन होने लगती है, क्योंकि गुरुत्व बल के कारण पेट से अम्ल बाहर निकलने लगते हैं। रात को देर से भोजन करने पर, कोशिश करें कि खाने के कम से कम एक घंटे बाद ही लेटें तकिये लगाकर सोएं, ताकि आपके कंधे आपके पेट से ऊंचे रहें.
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सवाल: चेस्ट में जलन होती हे
उत्तर: यह काफी आम है और कोई नुकसान नहीं पहुंचाती,एसिडिटी की वजह से हार्टबर्न भी हो सकता है आप शायद एसिडिटी और जलन से पूरी तरह छुटकारा न पा सकें, मगर आप कुछ उपाय आजमाकर इसे कम करने का प्रयास अवश्य कर सकती हैं, जैसे कि तैलीय या मसालेदार भोजन, चॉकलेट, खट्टे फल, शराब और कॉफी, ये सभी खाद्य पदार्थ एसिडिटी को बढ़ाने के लिए जाने जाते हैं। अगर, आपको असहजता महसूस हो, तो कुछ समय के लिए इन पदार्थों से परहेज रखें सोडायुक्त पेयों की बजाय पानी पीएं, रेडीमेड भोजन और प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों का सेवन कम करें, जैसे कि टॉमेटो कैचअप, अचार और चटनी आदि। इनमें बहुत ज्यादा मात्रा में नमक, प्रिजर्वेटिव्स और एडिटिव्स होते हैं। एक गिलास ठंडा दूध या एक कटोरी दही का सेवन एसिडिटी और हार्टबर्न का सदियों पुराना इलाज माना जाता है। एक कप अदरक की चाय भी आपको राहत पहुंचा सकती है। केला खाने से भी इसमें फायदा होता है। थोड़ी मात्रा में, लेकिन बार-बार भोजन खाती रहें। भोजन को अच्छी तरह चबाकर खाएं। एक भोजन से दूसरे भोजन के बीच लंबा अंतराल होने से भी एसिडिटी बनने लगती है। भोजन के दौरान बहुत ज्यादा मात्रा में तरल पदार्थ न पीएं। गर्भावस्था के दौरान रोजाना आठ से 12 गिलास पानी पीना जरुरी है, मगर ये एक भोजन से दूसरे भोजन के बीच की अवधि में ही पीएं। कोशिश करें कि रात को आप सोने से करीब तीन घंटे पहले अपना भोजन कर लें। कई बार लेटने से भी छाती में जलन होने लगती है, क्योंकि गुरुत्व बल के कारण पेट से अम्ल बाहर निकलने लगते हैं। रात को देर से भोजन करने पर, कोशिश करें कि खाने के कम से कम एक घंटे बाद ही लेटें तकिये लगाकर सोएं, ताकि आपके कंधे आपके पेट से ऊंचे अई
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सवाल: पेट में जलन होती हे
उत्तर: 🙏 अक्सर महिलाओं को पहली बार गर्भावस्था के दौरान एसिडिटी और छाती या पेट में जलन और गैस होती है।गर्भावस्था के दौरान सीने में जलन और एसिडिटी शरीर में हॉरमोनल बदलावों के कारण होती है।ऐ तैलीय या चटपटा मसालेदार खाना चॉकलेट, खट्टे फल, चाय और कॉफी, एसिडिटी को बढ़ाते है। एक गिलास ठंडा दूध या एक कटोरी दही लेने से एसिडिटी और जलन में आराम मिलता है। गर्भावस्था मे 12 गिलास पानी पीना चाहीये। एसीडिटि से बचने के लिये सोने से करीब तीन घंटे पहले खाना खा लेना चाहिए जीर्ण भोजन न करें जल्दी पचने वाले हल्के और सुपाच्य भोजन और फल फुल जूस हरी सब्जियां आदि लें। खाना खाने के कम से कम एक घंटे बाद ही सोना चाहिए जादा परेशानि होने पर डाक्टर से सलाह लें। Take care💐
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