12 weeks pregnant mother

Question: 12 वीक प्रेगनेट है तो सोनोग्राफी मै 6 वीक बता रहा है तो कोई प्रॉब्लम तो नही है ... please reply

1 Answers
सवाल
Answer: इसका मतलब आपके बच्चें कि growth कम हुई है अगर 1 हफ्ते का अन्तर होतों यह nrml है पर आपका 6 हफ्ते कम है ultrasound के according आपका बच्चा 6 हफ़्ते जितना हाइ ग्रो किया है आपको अपनी डॉक्टर से पूँछ लेना chaiye तुरन्त
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सवाल: मेम मुझे उलटी नही आती कोई दीकत तो नही है मै 12 वीक प्रेगनेट हूँ
उत्तर: Sb thik h har kisi ki pregnancy alag hoti h ulti ae ye jaruri nahi h
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सवाल: मेम मेरा तहरोइद बड़ा है कोई प्रॉब्लम तो नही है . मै 5 वीक प्रेगनेट हूँ
उत्तर: डियर आप को अपना थाइरॉइड कंट्रोल रखना चाहिए . नही तो आप के बेबी को प्रॉब्लम हो सकती है ..इसे कंट्रोल करने के लिये निम्न घरेलू उपाय कर सकते है .... # दूध मे हल्दी को पकl कर पीये . अगर ये ना पीया जायें टु हल्दी को भुन कर उसका सेवन करे ... # लौकी का ज्यूस subha खाली पेट पीए .. पीने के बाद आधा घण्टे तक कुछ ना ले ... # 2 चम्मच तुलसी का रस और आधा चम्मच alovira का रस मिलाकर पाइन से भि थाइरॉइड को खत्म करने मे सहायक होता है ... # काली मिर्च का सेवन किसी भी रूप मे करे ... # बादाम और अकरोट का सेवन भी इसमें फ़ायदा करता है ... # हरा धनिया की फ्रेश चटनी बनाकर एक ग्लास पनि मे घोल कर ले .... # रात को सोते समय एक चम्मच ashvagandha का चुरन गाय के गुनगुने दूध के saत ले ... # रोज़ 1 घण्टे एक्सर्साइज ज़रूर करे . थाइरॉइड मे ये सबसे जायदा ज़रूरी है .. आप ये सभी उपाय ट्राइ करने से पहले अपने डॉक्टर की राय ज़रूर ले .. ओके
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सवाल: मुझे 8 हफ़्ते हो गये है लेकिन बचे की ग्रोथ सिर्फ़ 7 हफ़्ते की हुई है सोनोग्राफी में बता रहा है टु कोई प्रॉब्लम तो नही होंगी ना ?
उत्तर: हेलो डियर मैं आपकी समस्या समझ सकती हूं. ऐसी चिंताएं प्रेग्नेंसी में बहुत होती हैं. लेकिन आप इस समय चिंताओं में रहेंगे तो वह आपके लिए अच्छा नहीं है .आप आराम से रहें .पौष्टिक आहार ले नींद पूरी aren.पानी खूब पिएं .डॉक्टर की पूरी सलाh maane. दी हुई दवाइयां समय par ले. अच्छा सोचो अच्छा ही होगा . जब आप प्रेगनेंट होती हैं तब यह बहुत जरूरी है कि आप अपना आहार पौष्टिक है. इससे आपको और आपके होने वाले बच्चे को पौष्टिक तत्व मिलेंगे. प्रेग्नेंसी में कुछ अधिक कैलोरी की जरूरत होती है. प्रेगनेंसी में सही आहार का मतलब है -आप क्या खा रही हैं ?ना कि कितना खा रही हैं? जंक फूड का सेवन ज्यादा ना करें. isme कैलोरी ज्यादा है पोष्टिक तत्व कम या ना के बराबर होते हैं. फोलिक एसिड आपको 1 ट्रिमस्टर में ही चालू करदेना चहिये। फ़ोलिक एसिड का होने वाले बच्चे की ग्रोथ में बहुत बड़ा योगदान रहता है। फ़ोलिक एसिड विटामिन है ।विटमिन B 9। ये आपको खाने पिने में फॉलेट नाम से मिलेगा । बाबी के इस्पीनलकार्ड के चारो और पॉलिब पेरत को सही तरीके से बंद करता है।वाहा गप नहीं आने देता। मा के लिए भी बहुत जरुरी है ।विटमिन B 12 के साथ मिलकर हेअल्थी रेड सेल्स बाँटा है। folic acit ke liye ye khaye. ब्रोकली ऐस्पैरागस खट्टे फल हरी पत्तों वाली सब्जियां ओकरा फूलगोभी भुट्टा गाजर 1) दूध और डेयरी के ले सकती हैं. मलाई वाला दूध दही छाछ घर का पनीर इन सब में कैल्शियम प्रोटीन और विटामिन बी12 बहुत होता है. 2) सभी अनाज ,दालें . इन सब में प्रोटीन बहुत अच्छा होता है. 3) पेय पदार्थों में आप पानी bahut piyen.खास करके आप साफ पानी joki फ़िल्टर किया हुआ. ताजे फलों का रस ले. डिब्बाबंद juis nahi le. इसमें शक्कर की मात्रा बहुत ज्यादा होती है. 4) वसा और तेल . वेजिटेबल ऑयल का वसा एक अच्छा स्रोत है क्योंकि इसमें संतृप्त वसा अधिक होता है. इन सभी चीजों के साथ आप डॉक्टर की सलाह मानें .जो भी टेस्ट किए हैं दिए गए हैं उन्हें करवाएं समय पर. दवाइयां समय पर ले और नींद पूरी. खाना जो भी खाएं अच्छे से चबाकर खाएं. प्रेगनेंसी के समय मिल्क प्रोडक्ट calcium और प्रोटीन बहुत जरुरी होता है। डेयरी प्रोडक्ट प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए सबसे बेहतर होता है। जैसे अंडा, चीज, दूध, दही और पनीर मां और बच्चे दोनों के लिए फायदेमंद होता है। कैल्शियम भी पर्याप्त मात्रा में होती है जो फीटस के बोन टिशू के विकास के लिए आवश्यक होता है। प्रोटीन की मात्रा काम होने से बच्चे की ग्रोथ में बहुत अंतर आता है। प्रोटीन जरूरी पौशाक तत्वों में से है। बच्चे का विकास और एम्निओटिक टिशू का कार्य प्रोटीन पर निर्भर करता है। गर्भावस्था के दौरान प्रोटीन की kaam मात्रा बच्चे के sahi विकास में बाधा पहुंचा सकती है और इससे शिशु का वजन भी कम हो सकता है। यह बच्चे के बढ़ते मस्तिष्क पर नकारात्मक प्रभाव भी डाल सकता है।  बस एक मुट्ठी नट्स प्रोटीन की अपनी दैनिक आवश्यकताओं को पूरा कर सकता है। नट्स जैसे बादाम, मूंगफली, काजू, पिस्ता, अखरोट और नारियल में उच्च मात्रा में प्रोटीन की मात्रा होती है जो बच्चे के विकास के लिए जरूरी होता है। बीज जैसे कद्दू, तिल और सूरजमुखी में भी प्रोटीन पर्याप्त मात्रा में होती है।  इनमें से कई ऐसे हैं जिनमें प्रोटीन की मात्रा बहुत अधिक होती है जैसे- मूंग, काले और फवा बिन्स, मसूर, मटर और चना. ओट्स में प्रोटीन बहुत उच्च मात्रा में पाई जाती है .
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